तपागच्छ के हाजरा हजूर जागृत वीर हैं माणिभद्र दादा :- मुनि विश्वोदयकीर्ति सागर

नाडोल में ऐतिहासिक उल्लासः तपागच्छ रक्षक श्री माणिभद्रवीर का महापूजन एवं हवन संपन्न


नाडोल :
- जैन संघ नाडोल के तत्वावधान में तपागच्छ रक्षक श्री माणिभद्रवीर दादा का महापूजन एवं भव्य हवन अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस विशिष्ट अनुष्ठान में देश भर से आए सैकड़ों गुरुभक्तों और श्रावक-श्राविकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर धर्म लाभ लिया।इस अवसर पर मुनिराज ने श्री मणिभद्र वीर के बारे मे विस्तार से बताया।

यह ऐतिहासिक आयोजन परम पूज्य योगनिष्ठ आचार्य श्री बुद्धिसागर सूरीश्वरजी महाराजा के समुदायवर्ती, तपागच्छाधिपति 99 वर्षीय सागर गच्छ गौरव, आचार्य श्रीमद् मनोहरकीर्ति सागर सूरीश्वरजी महाराजा के शुभ आशीर्वाद तथा  प्रभावक प्रवचनकार आचार्य श्री उदयकीर्तिसागर सूरीश्वरजी म.सा. के सुशिष्य, प्रवचन प्रभावक एवं श्री माणिभद्रवीर दादा के अजोड़ साधक मुनिवर्य श्री विश्वोदयकीर्ति सागरजी म.सा.(V.K.Guruji) आदि की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। साथ ही, आगमोद्धारक आचार्य श्री सागरानंद सुरीश्वरजी महाराजा के समुदायवर्ती साध्वीजी श्री दिव्यधर्मा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-४ ने भी निश्रा प्रदान की।

श्री मानदेव सूरी जैन उपाश्रय में आयोजित इस भव्य अनुष्ठान के मुख्य लाभार्थी मातुश्री जडावबाई लालचंदजी मंडलेशा, कलावती दिनेशकुमारजी मंडलेशा परिवार (अध्यक्ष, श्री जैन सोश्यल ग्रुप नाडोल मुंबई) के विशेष सहयोग तथा श्री जैन संघ नाडोल के उत्साही अध्यक्ष राजेंद्व मंडलेशा के कुशल नेतृत्व में हुआ।

कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान की संपूर्ण क्रियाएं  हिमांशु जैन (मध्य प्रदेश) द्वारा कराई गईं, संगीतकार  राज मोदी और यश जैन (मध्य प्रदेश) की टीम ने अपनी मनमोहक भजनों की प्रस्तुति से उपस्थित सभी भक्तों को भक्ति भाव में विभोर कर दिया। आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण हवन के दौरान देखने को मिला, जहां हवन की ज्योत की शिखा लगभग 8 फीट तक ऊंची उठी और पूजन-हवन के पावन क्रम के बीच श्री माणिभद्रवीर दादा के साक्षात्कार की अनुभूति ने सभी को धन्य कर दिया। इस अलौकिक और ऐतिहासिक आयोजन ने नाडोल जैन संघ के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

ज्ञात हो चातुर्मास में धर्म आराधना की धूम मची है v समस्त संघ में उत्साह का माहौल है।विश्वोदय सागरजी का नाडोल में यह दूसरा चातुर्मास है।


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