जैन धर्म ने पूरे विश्व को अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का मार्ग दिखाया :- राज्यपाल

गुलाबचंद कटारिया ने लिया गच्छाधिपति नित्यानंद सूरीश्वरजी से आशीर्वाद 


बेंगलुरु :-
पंजाब के  राज्यपाल  गुलाबचंद कटारिया ने बेंगलुरु स्थित गोडवाड़ हाउस में चातुर्मासार्थ विराजित परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म. सा. के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में गच्छाधिपति  विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म.सा. ने अपने उद्बोधन में कहा कि अहिंसा परमो धर्म यानि जीव मात्र पर दया करो। मन, वचन और काया से किसी भी जीव को कष्ट न देना ही सच्चा धर्म है।संयम ही जीवन है। मोबाइल और भौतिक सुखों का संयम ही आपको सफल बनाएगा। जो स्वयं पर नियंत्रण कर लेता है, वह विश्व पर विजय पा लेता है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। उन्होंने कहा कि संस्कार बिना शिक्षा अधूरी हैं। जो घर में गुरु और माता-पिता का सम्मान नहीं करेगा, वह जीवन में कभी बड़ा नहीं बन सकता। गुरुदेव ने कहा कि ये चार महीने आत्म-शुद्धि के हैं। कम बोलो, मीठा बोलो, और अपने कर्मों की समीक्षा करो। धर्म बाहर नहीं, आपके भीतर है।गच्छाधिपति ने राज्यपाल  को धर्म-ध्यान में अग्रसर रहने और राष्ट्र सेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने का मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि"भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही वह प्रकाश है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। आज  गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म.सा. जैसे तपस्वी, ज्ञानी और करुणा-निधान गुरु के दर्शन कर मैं स्वयं को धन्य मानता हूँ।उन्होंने  कहा कि जैन धर्म ने पूरे विश्व को अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का मार्ग दिखाया है।गच्छाधिपति जी का जीवन त्याग, तपस्या और मानव कल्याण का जीवंत उदाहरण है। उनके चातुर्मास से बेंगलुरु की धरा पावन हुई है और समाज को नई दिशा मिल रही है।

गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल  कटारिया ने कहा कि गुरु बिना ज्ञान नहीं, और ज्ञान बिना जीवन सार्थक नहीं। आज के भौतिक युग में जब मनुष्य तनाव और अशांति से घिरा है, तब ऐसे संतों का सान्निध्य ही हमें आंतरिक शांति और सही मार्गदर्शन देता है। गच्छाधिपति जी की वाणी में जो ओज और करुणा है, वह समाज को जोड़ने का कार्य करती है।इस अवसर पर गोडवाड़ हाउस में उपस्थित श्रद्धालुओं और जैन समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने राज्यपाल का आत्मीय स्वागत किया।राज्यपाल  कटारिया का सपत्नीक गोडवाड़ हाउस आगमन पूरे जैन समाज के लिए गौरव, हर्ष और प्रेरणा का विषय बना रहा।

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