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जापानियों के जीवन मे नवकार मंत्र जाप ने लाया परिवर्तन

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पिछले 25 वर्षों से जापान में होती है नवकार आराधना मुंबई :- धाराप्रवाह हिंदी बोलने वाली जापान की मनोचिकित्सक चूरूसी मियाजावा बताती है कि 2004 में सिर्फ 10 वर्ष की उम्र में भारत यात्रा के दौरान जैसलमेर के जैन मंदिरों और जैन धर्म की शिक्षाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। जन्म से बौद्ध मियाजावा का कहना है कि जैन धर्म और  त्रिस्तुतिक संघ नायक, गच्छाधिपति आचार्य जयंतसेन सूरीश्वरजी से उनका संबंध उन्हें किसी पुराने आध्यात्मिक रिश्ते जैसा महसूस होता है। उनका दावा है कि आचार्य के प्रत्यक्ष दर्शन से पहले ही वे उन्हें स्वप्न में देख चुकी थीं। जब पहली बार आचार्य के साक्षात दर्शन हुए,तो वे स्वयं भी इस संयोग से आश्चर्यचकित रह गई। इसके बाद शुरू हुई उनकी आध्यात्मिक यात्रा जो आज तक जारी है। गुरुदेव से नवकार महामंत्र का अर्थ समझने के बाद उसका जापान में प्रचार प्रसार शुरू किया। श्री त्रिस्तितिक संघ में चातुर्मास हेतु बिराजमान पुण्य सम्राट के शिष्य,प्रखर प्रवचनकार मुनिराज श्री निपुणरत्न विजयजी म.सा.के सानिध्य में 34 जापानी नागरिक जैन धर्म के पर्यूषण पर्व की आराधना में लीन है। इनमें 9 पुरुष और 25 मह...

आचार्य कुंदकुंद की कृति तिरुक्कुरल पहुंचा विश्व मंच पर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को भेंट किया प्राचीन तमिल ग्रंथ का रूसी संस्करण (राजेन्द्र जैन महावीर की रिपोर्ट) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा से जुड़े इस महान ग्रंथ का विश्व के प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष को भेंट किया जाना भारतीय संस्कृति और साहित्य के वैश्विक सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर है। इस घटना को लेकर जैन समाज में विशेष प्रसन्नता और गौरव की अनुभूति है। जैन परंपरा के अनुसार तिरुवल्लुवर ही आचार्य कुंदकुंद थे और तिरुक्कुरल की रचना आचार्य कुंदकुंद ने ही की थी। इसलिए प्रधानमंत्री द्वारा तिरुक्कुरल को विश्व के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना जैन समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। लगभग दो हजार वर्ष प्राचीन माने जाने वाले तिरुक्कुरल में मानव कल्याण के अनेकों दोहे हैं। जीवन के नैतिक, सामाजिक और व्यावहारिक पक्षों को अत्यंत संक्षिप्त एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के कारण यह ग्रंथ तमिल साहित्य की अमूल्...

माधुरी की घरवापसी 14 महीने के संघर्ष के बाद जीवदया की जीत

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  पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन हुई वापसी ने दिया अहिंसा और करुणा का जीवंत संदेश :-  डॉ पुष्पेन्द्र कोल्हापुर :- जैन समाज के लिए अहिंसा केवल धर्मग्रंथों में वर्णित सिद्धांत नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के प्रति करुणा और संरक्षण का जीवन-संकल्प है। कोल्हापुर के नांदणी स्थित जैन मठ से जुड़ी हथिनी ‘माधुरी’ (महादेवी) की 14 महीने बाद हुई घरवापसी ने इसी भावना को एक बार फिर जीवंत कर दिया। विशेष बात यह रही कि माधुरी की वापसी पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन हुई, जिससे जैन समाज में इस क्षण का भावनात्मक और धार्मिक महत्व और बढ़ गया। एक मूक प्राणी के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना, उसकी सुरक्षा और कल्याण को लेकर आवाज उठाना, न्यायालय का दरवाजा खटखटाना और अंततः उसे उसके परिचित परिवेश में वापस लाना—यह घटनाक्रम केवल एक हथिनी की वापसी की कहानी नहीं है। यह जीवदया, मानवीय संवेदना और अहिंसा के प्रति सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बनकर सामने आया है। 14 महीने तक जारी रहा संघर्ष माधुरी को जामनगर स्थित वनतारा ले जाया गया था। इसके बाद उसकी वापसी को लेकर जैन समाज और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार प्रयास किए गए। म...

जापानियों ने श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ मन्दिर के दर्शन किये

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गुरु बिना जीवन अंधकारमय हैं भायंदर : - गुरु बिना जीवन अंधकारमय है। गुरु ही हमें अज्ञान के अंधेरे से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। वह केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीने की कला, संस्कार और सही-गलत की पहचान सिखाता है। उपरोक्त विचार जापान की मनोचिकित्सक तुलसी जैन (चूरूसी मियाजावा) ने भायंदर के 88 साल पुराने  श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर व साध्वी सोम्यकला श्रीजी आदि ठाणा के दर्शन करने के बाद विशाल धर्मसभा में व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि माता-पिता जन्म देते हैं, पर गुरु जीवन को दिशा देता है। वह हमारी कमियों को दूर कर हमारे अंदर छिपी प्रतिभा को निखारता है। गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन ही शिष्य को सफलता के शिखर तक पहुँचाता है। इसलिए कहा गया है - गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु ही साक्षात परब्रह्म है।साध्वी सोम्यकला जी ने कहा कि अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जापान में रहने के बाद भी वे संस्कारों और गुरु के बताए मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। ज्ञात हो 34 जापानी श्री त्रिस्तुतिक जैन संघ,भायंदर (वेस्ट) में चातुर्मास हेतु बिराजमान मुनिराज निपुणरत्न विजयजी म.सा. की निश्रा में पर्व पर्युषण की ...

पूर्व मंत्री पारसचंद जैन को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

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अखिल भारतीय जैन समाजोत्थान ट्रस्ट और विभिन्न संगठनों ने किया याद,  विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित कई गणमान्य हुए शामिल उज्जैन। पूर्व मंत्री, विधायक और अखिल भारतीय जैन समाजोत्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष पारसचंद जैन को एक शोक सभा में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह आयोजन अखिल भारतीय जैन समाजोत्थान ट्रस्ट, राजेंद्र सूरि शताब्दी शोध संस्थान और राज राजेंद्र जयंत सेन सूरि शिक्षा महाविद्यालय परिवार द्वारा किया गया। पारसचंद जैन का 3 अगस्त 2026 को देवलोक गमन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं और उज्जैन जिले के कई सामाजिक संगठनों ने उन्हें भावांजलि दी। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। श्रद्धांजलि देते हुए वक्ताओं ने कहा कि पारसचंद जैन जैसा नाम था, वैसा ही उनका काम भी था। वे किसी को छोटा या बड़ा नहीं समझते थे और उनका व्यवहार सभी के प्रति स्नेहपूर्ण व मित्रवत था। 'पहलवान' नाम से प्रसिद्ध पारसचंद जैन के सहज, सरल व्यक्तित्व और अद्भुत नेतृत्व क्षमता को याद करते हुए उपस्थित जनों ने उन...

शकुंतला बंबोरी की स्मृति में निशुल्क नेत्र जांच व मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में 81 लोग लाभान्वित

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  युथ फोरम का आयोजन - 15 के आपरेशन, 25 चश्मे फ़्री भायंदर : - परम पूज्य पंजाब केसरी विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा. समुदाय के गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म.सा., व परम पूज्य गुरु प्रेम के आजीवन चरणोंपासक परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय कुलचंद्र सूरीश्वरजी (KC) म.सा. के आशीर्वाद से सामाजिक सांस्कृतिक संगठन युथ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (युथ फोरम), के तत्वावधान में दृष्टि वीजन फॉर ऑल के तहत निशुल्क नेत्र जांच चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में नेत्र जांच,डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दांतो की जांच की गई जिसमें डॉक्टरों की सलाह पर 15 जरूरतमंदों का निशुल्क मोतिया बिंदु ऑपरेशन किया व 81 लोग लाभान्वित हुए। भायंदर (वेस्ट) स्थित संगीता कॉम्पलेक्स में हुए शिविर में भक्तिवेदांत हॉस्पिटल, कस्तूरी हॉस्पिटल व खुशी डेंटल केअर ने  सेवाएं दी।साथ ही साथ टाटा कैपिटल लिमिटेड का सहयोग था।शिविर सादड़ी- (राणकपुर),हाल भायंदर निवासी अ.सौ. शकुंतला रमेश बंबोरी की स्मृति मे आयोजित किया गया था।डॉ प्रमोद शर्मा, प्रदीप दास,राकेश कनोजिया, अमोल पाटिल, स्वाति चौधरी,रेशमा कैलाश वानखेड़ेआनंद ज...

श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन संघ, को अष्टमंगल अर्पण

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अष्टमंगल से होगी मंदिर के साधारण खाते में वृद्धि - साध्वी सौम्यकला - बंबोरी परिवार ने लिया लाभ भायंदर :- गच्छाधिपति आचार्य विजय नित्यानंद सुरीश्वरजी म.सा. व गच्छाधिपति आचार्य कुलचंद्र सुरीश्वरजी (KC) म. सा के आशीर्वाद से श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ संचालित भायंदर के प्रथम ऐसे श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर को अर्पण किया गया। यह आयोजन संघ के तत्वावधान में व गच्छाधिपति आचार्य विजय धर्म धुरंधर सुरीश्वरजी म. सा.की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी सौम्यकला श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में हुआ।इसके लाभार्थी परिवार रमेश बंबोरी परिवार ने  मोहनराजजी डी बंबोरी / सोहनबाई मोहनराजजी बंबोरी , सादड़ी के दिव्य आशीष से वो अ . सौ.शकुंतला रमेश बंबोरी व वीणा दीपक बंबोरी के चौदह पूर्व की तपस्या पूर्ण होने पर संघ को अर्पण किया। बंबोरी परिवार के निवास स्थान से उपाश्रय पंहुचने पर विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी सौम्यकला ने कहा कि जैन धर्म में अष्टमंगल  8 सबसे पवित्र और मांगलिक चिन्ह होते हैं। कोई भी शुभ कार्य, पूजा, स्थापना या अर्पण इनके बिना अधूरा माना जाता है। उन्होंने कहा कि ये 8 चिन्ह हमें मो...

जैन विश्वभारती संस्थान में ‘जैन शिक्षण संस्थान परिसंवाद 2026’ का आयोजन

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आधुनिक तकनीक के साथ जैन ज्ञान-परंपरा के समन्वय की आवश्यकता : प्रो. बच्छराज दूगड़ लाडनूं :- जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं के जैन विद्या एवं तुलनात्मक धर्म तथा दर्शन विभाग के तत्वावधान में ‘जैन शिक्षण संस्थान परिसंवाद 2026’ का आयोजन किया गया। परिसंवाद का मुख्य विषय ‘जैन अध्ययन का भविष्य एवं जैन संस्थाओं की भूमिका : वर्तमान परिप्रेक्ष्य में’ रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने की। मुख्य अतिथि डॉ. शांति कुमार पाटिल, प्राचार्य, श्री टोडरमल दिगंबर जैन सिद्धांत महाविद्यालय, जयपुर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल कुमार जैन, संयुक्त सचिव, जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर्स (जेएएस), अहमदाबाद रहे। विषय-प्रवर्तन डॉ. समणी अमल प्रज्ञा ने किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. बच्छराज दूगड़ ने जैन अध्ययन को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, शोध को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीक के साथ जैन ज्ञान-परंपरा के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने जैन दर्शन, साहित्य, संस्कृति एवं अहिंसा की समकालीन प्रासंगिकता तथा जैन अध्ययन की भावी संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए  मंगल गान के पश्चात ...

सांसारिक वैभव क्षणिक, आत्मकल्याण ही जीवन की वास्तविक उपलब्धि : गणधर मुनि विवर्धनसागर

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कोटा में मुनिसंघ द्वारा अभूतपूर्व धर्म प्रभावना अनुपमा राजेन्द्र जैन महावीर कोटा |  रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन जिनालय में रक्षाबंधन वात्सल्य पर्व एवं भगवान श्रेयांशनाथ निर्वाण महोत्सव श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया। गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महामुनिराज के सुशिष्य गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज एवं प्रवर्तक मुनि श्री 108 विश्वनायक सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री विवर्धनसागर जी महाराज ने जीवन की वास्तविक उपलब्धि, आत्मकल्याण और रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य संसार में सुख और वैभव प्राप्त करने के लिए निरंतर दौड़ता रहता है। धन, संपत्ति, पद और प्रतिष्ठा को जीवन की सफलता मान लिया जाता है, लेकिन यह सब क्षणिक है। जीवन की वास्तविक उपलब्धि सांसारिक वैभव नहीं, बल्कि आत्मकल्याण है। मनुष्य को यह विचार करना चाहिए कि जीवन की इस यात्रा में उसने अपने लिए क्या संचित किया और अपनी आत्मा को कितना निर्मल बनाया। उन्होंने कहा कि संसार की प्रत्येक वस्तु परिवर्तनशील है। आज जो...

सफल रहा 'ज़मीं से आसमां तक' का लोकार्पण समारोह

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डॉ. मीना राजपूत की पुस्तक ज्ञान और जानकारी का भंडार : डॉ. सुधाकर मिश्र   मुंबई। डॉ. मीना राजपूत की सद्य प्रकाशित पुस्तक 'ज़मीं से आसमां तक' का शानदार लोकार्पण समारोह वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार डाॅ. सुधाकर मिश्र की अध्यक्षता में मीरा रोड स्थित विरुंगला केंद्र में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन 'साहित्य गंगा' और 'स्वर संगम फाउंडेशन' ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।  इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में सुधाकर मिश्र ने मीना राजपूत की पुस्तक को ज्ञान और जानकारी का भंडार कहा। उन्होंने कहा कि विषय वैविध्य की दृष्टि से एक अद्भुत पुस्तक होने के साथ सभी विषय के साथ न्याय भी किया गया है। डॉ मिश्रा ने कहा कि निबंध लेखन के क्षेत्र में महिला लेखिकाओं महादेवी वर्मा, शिवानी, मन्नू भंडारी आदि ने अच्छे निबंध लिखे हैं। गर्व की बात यह है कि मेरी शिष्या मीना राजपूत का नाम भी अब इसी श्रेणी में शामिल हो गया है। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डाॅ. शीतला प्रसाद दुबे इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने पुस्तक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि ह...

भारत के पहली बार नो वेदी जिन मंदिर का भब्य शिलान्यास

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सुयश सागरजी की निश्रा में भव्य आयोजन  प्रिंस राज जैन, झुमरीतिलैया :- नगर  में एक साथ भारत के पहली बार नो वेदी जिन मंदिर का भब्य शिलान्यास जैन संत मुनि श्री 108 सुयस सागर जी मुनिराज के सानिध्य में ओर निकली शोभा यात्रा श्री दिगंबर जैन समाज के द्वारा स्टेशन रोड में नवनिर्माणाधीन जैन मंदिर की नौ वेदी के शिलान्यास समारोह मे भव्य शोभायात्रा जैन संत गुरुदेव 108 श्री सुयश सागरजी मुनीराज के सानिध्य आशीर्वाद से निकाली गई। फूल माला लाइट से सुसज्जित नो घोड़ा बग्गी  में पुण्यार्जक  परिवार को बैठाकर नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा को  पंजाब लुधियाना आर्मी बैंड, मधुबन पारसनाथ छोटू बैंड, कोडरमा ताशा पार्टी, डीजे साउंड, बैंड बाजा ने भव्यता प्रदान की पुरुष वर्ग श्वेत परिधान में शामिल हुए महिलाओं के अलग-अलग ग्रुप ने रंग-बिरंगे परिधान में भगवान एवं गुरुदेव की भक्ति करते हुए जय घोष किया। कोलकाता से आए साफा बांधने वाले चार सदस्यों की टीम ने  सभी महिला पुरुष भक्त जनों को रंग बिरंगा साफा बांधकर शोभा यात्रा मे चार चांद लगा दिए। झाझंरी गली चौराहा के पास छोटे-छोटे बच्चों ने पूज्य जैन...

पावन सागर जी का चातुर्मास जहाँपनाह वन, नई दिल्ली में

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अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद ने वन में लिया आशीर्वाद नई दिल्ली :-  जैन साधना में जंगल का संबंध शास्त्रीय है। भगवान महावीर सहित 24 तीर्थंकरों ने अपना अधिकांश तप वन में किया। आगम में मुनि के लिए ग्राम, नगर और वन तीनों स्थान बताए, पर सिद्धि वन के एकांत में ही मानी है। इसीलिए पूज्य मुनिश्री पावन सागर जी जैसे मुनिराज वन को साधना भूमि मानते हैं । नगर में धर्म प्रचार, वन में आत्मा का उद्धार। पूज्य मुनिश्री पावन सागर जी महाराज (जंगल वाले बाबा) का चातुर्मास जहाँपनाह वन, नई दिल्ली में होने के संबंध में परिषद को लेकर सामाजिक माध्यमों पर फैली भ्रांतियों का गंभीरता से संज्ञान अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद के मुख्य कार्यालय, कालका जी मंदिर परिसर में पदाधिकारी मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में पूज्य मुनिश्री का चातुर्मास जहाँपनाह वन, नई दिल्ली में होने के संबंध में सामाजिक माध्यमों पर फैली भ्रांतियों का गंभीरता से संज्ञान लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पारस जैन एवं अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी डी आर जैन, सुनील कुमार जैन सागर, अशोक कुमार जैन गुरुग्राम, शकुंतला सिंह सा...

महाराष्ट्र की जूनियर बालिका टीम ने यूथ पैरा गोलबॉल चैंपियनशिप 2026 में नेशनल चैंपियन का खिताब जीता

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दृष्टिबाधित बालकों की 11 टीमों ने भाग लिया था।  नडियाद : गुजरात के नडियाद में आयोजित नेशनल यूथ पैरा गोलबॉल चैंपियनशिप में महाराष्ट्र की जूनियर बालिका टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश भर से दृष्टिबाधित बालिकाओं की 10 टीमें और दृष्टिबाधित बालकों की 11 टीमों ने भाग लिया था। सभी को पछाड़ते हुए महाराष्ट्र की बेटियों ने ट्रॉफी पर अपना नाम दर्ज कर दिया। इस जीत की नींव जून महीने में रखी गई थी। 25 जून को एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था और 26 से 28 जून 2026 तक सिंधु भवन, उल्हासनगर, जिला ठाणे में महाराष्ट्र टीम के चयन के लिए राज्य चैंपियनशिप और चयन ट्रायल आयोजित किए गए थे। इस चयन प्रक्रिया के लिए पप्पू कालानी (पूर्व विधायक, उल्हासनगर), नैना कालानी, कविता लस्सी, मनोज लस्सी (नगरसेवक - उल्हासनगर), होशियार सिंह, रीजेंसी ग्रुप के महेश अग्रवाल, रौनक एडवरटाइजिंग के अमरदीप सिंह, आई बैंक कोऑर्डिनेशन एंड रिसर्च सेंटर (EBCRC) के जसवंत मेहता और रोटरी क्लब ठाणे ने अमूल्य सहयोग प्रदान किया। जून से अगस्त 2026 तक पूरे राज्य में नेहा नलिन पावस्कर द...

भीख मांगनेवाले बच्चों का जीवन बदलती शिक्षिका बीना केदावत

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ज्ञानवर्धक शैक्षणिक वीडियो का लेती है सहारा स्वाती जैन  कोटा : ये खुद सरकारी विद्यालय की शिक्षिका हैं लेकिन संवेदनशील इतनी कि अपने आसपास के भीख मांगने और कचरा बीनने वाले बच्चों को छुट्टी वाले दिन समय मिलते ही पढ़ाना नहीं भूलती। वहीं वह रचनात्मक इतनी ज्यादा हैं कि बच्चों को पढ़ाने के लिए बना बनाया ढर्रा प्रयोग में नहीं लेती बल्कि खुद ज्ञानवर्धक शैक्षणिक वीडियो बनाती हैं और खेल खेल में बच्चों को सिखाती हैं।ये हैं बीना केदावत जो राजस्थान के कोटा के   अरंडखेडा पंचायत के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका होने के बावजूद भी अपने एक एक पल का सदुपयोग कर इन होनहार वंचित बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और संवारने में लगी हैं।तंबोला से संख्या और शब्दों को पढ़ाना कि कोई बच्चा कभी स्कूल आने में आनाकानी ही ना करे और लौकी, आलू जैसी सब्जियों पर फनी रील और शॉर्ट्स बनाकर बच्चों को दिखलाना कि हर बच्चा शौक से सब्जी खाने लगे। यही कारण है कि इनके बनाये इनोवेटिव आइडियाज़ तो आज राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग को भी प्रेरित कर रहे हैं और अब तक ये शिक्षा, जल संरक्षण , बाल अधिकार , चाइल्ड सेफ्टी , प्...

कई बाधाओं को पार कर शुरू हुआ इंडियन व्हिलेज

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बच्चों का जीवन संवार रहे रवि बापटले स्वाती जैन/ हैदराबाद लातूर :- महाराष्ट्र के लातूर के पास एक बहुत ही खूबसूरत गांव है हॅप्पी इंडियन व्हिलेज। यह देश के दूसरे गांवों की तरह आम गांव ना होकर एक ऐसा स्थान है जहां सिर्फ और सिर्फ एचआयव्ही संक्रमित लोग रहते हैं।   ये वो लोग हैं जिन्हें इनके अपने लोगों ने दुत्कार दिया लेकिन रवि बापटले के लिए यही लोग उनकी पूरी दुनिया बन चुके हैं।जहां एचआयव्ही को साधारण लोग बहुत ही अछूत तरीके से देखते हैं वहीं रवि ने इसे हॅप्पी इंडियन व्हिलेज  नाम देकर एचआयव्ही पीड़ितों को  सम्मानजनक स्थान दिया है। लातूर के पास उदगीर तालुका के धोंडिहिप्परगा गांव में जन्मे रवि बापटले की यह यात्रा भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण है जितनी किसी एचआयव्ही पीड़ित की होती है,लेकिन जब इन्होंने अपने ही गांव में 2006 में एक एचआयव्ही पीड़ित बच्चे को अंतिम समय में संस्कार भी मुहैया होते हुए नहीं देखा, तो तभी रवि ने समाज से दुत्कारे गये इन लोगों के लिए कुछ करने की ठानी। उस समय पेशे से एक मराठी अखबार के पत्रकार और प्रोफेसर रवि ने इस कार्य के लिए ना केवल अपनी नौकरी छोड़ी बल्कि शादी न...

सब छल चुन रहे थे,और मैंने भगवान चुन लिया

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आज के समय में छल, कपट और दिखावे का आकर्षण बहुत   उत्तम राठौड़ जी वन के प्रत्येक मोड़ पर मनुष्य के सामने अनेक विकल्प आते हैं। कोई छल का मार्ग चुनता है, कोई स्वार्थ का, कोई अहंकार का और कोई केवल अपने लाभ के लिए रिश्तों, विश्वास और भावनाओं का भी सौदा कर देता है। ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति सत्य, श्रद्धा और भगवान का मार्ग चुन ले, तो संसार उसे भले ही साधारण समझे, लेकिन ईश्वर की दृष्टि में वही सबसे बड़ा विजेता होता है। आज के समय में छल, कपट और दिखावे का आकर्षण बहुत अधिक दिखाई देता है। लोग तात्कालिक लाभ के लिए अपने सिद्धांत तक बदल लेते हैं। परन्तु इतिहास इस बात का साक्षी है कि छल से मिली सफलता अधिक समय तक टिकती नहीं, जबकि भगवान पर विश्वास रखने वाला व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी अपना आत्मबल बनाए रखता है। उसकी सबसे बड़ी पूँजी उसका विश्वास, उसका धैर्य और उसके अच्छे कर्म होते हैं। भगवान को चुनने का अर्थ केवल मंदिर जाना या पूजा करना नहीं है, बल्कि अपने जीवन में सत्य, करुणा, क्षमा, संयम और ईमानदारी को अपनाना भी है। जब मनुष्य अपने निर्णय धर्म और विवेक के आधार पर लेने लगता है, तब उसके जीवन में ...

बरसात में जीवनलाल जैन की चाय बनी यादों और सेवा की गर्माहट

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सेवा, संघर्ष और इंसानियत से जुड़ी एक पूरी कहानी नागदा :- बरसात और चाय का रिश्ता ही कुछ खास है, लेकिन जब चाय नागदा के जीवनलाल जैन के हाथों की हो, तो उसका स्वाद ही नहीं, उससे जुड़ी यादें भी दिल को छू जाती हैं। कभी नागदा रेलवे स्टेशन पर रहने वाले बेघर और जरूरतमंद लोगों को चाय एवं जरूरत का सामान बांटने से शुरू हुई सेवा आज एक अलग पहचान बन चुकी है। कमाई की चिंता नहीं, स्वास्थ्य की चिंता नहीं—निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा को अपना जीवन समर्पित करने वाले जीवनलाल जैन ने अपने इस छोटे से काम को नागदा की एक अलग पहचान बना दिया है। कोरोना काल के कठिन दौर में, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरते थे, तब जरूरतमंदों तक पहुंचकर सेवा करने का उनका जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बना। चाय का काम भले ही नाम से छोटा लगे, लेकिन इसी चाय के माध्यम से उन्होंने इंसानियत, अपनापन और सेवा की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे नागदा लंबे समय तक याद रखेगा। बरसात की बूंदों के बीच गरमा-गरम चाय की चुस्की अपने आप में खास होती है, लेकिन जीवनलाल जैन के हाथों की चाय में मेहनत के साथ अपनापन और वर्षों की यादों का स्वाद भी घुला हुआ ह...

दुकान पर मंदी, ऑनलाइन बाजार की तेजी : आखिर व्यापारी कब तक सहेगा?

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फुटकर व्यापारी गहरी मंदी से जूझ रहा है अक्षय जैन भा रत का बाजार तेजी से बदल रहा है। मोबाइल पर सामान देखना, घर बैठे खरीदारी करना और कुछ ही समय में सामान घर पहुंच जाना अब आम बात हो गई है। ऑनलाइन कारोबार ने ग्राहकों के लिए सुविधा बढ़ाई है, लेकिन इसका असर परंपरागत छोटे और मझले दुकानदारों पर साफ दिखाई देने लगा है। आज देश का फुटकर व्यापारी गहरी मंदी से जूझ रहा है। दुकान का किराया, बिजली का बिल, कर्मचारियों की तनख्वाह, माल की लागत और दूसरे खर्च लगातार बने हुए हैं, लेकिन ग्राहक पहले की तरह दुकान पर नहीं आ रहा। कई दुकानदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि दुकान का खर्च कैसे निकले और परिवार कैसे चले? ऑनलाइन कारोबार से मुकाबला करना छोटे दुकानदार के लिए आसान नहीं है। बड़ी ऑनलाइन कंपनियां बड़े स्तर पर कारोबार करती हैं। वे तरह-तरह की छूट देती हैं और सामान घर तक पहुंचाती हैं। इसके सामने मोहल्ले और बाजार की छोटी दुकान खड़ी है, जहां दुकानदार अपनी पूरी पूंजी लगाकर माल रखता है और ग्राहक का इंतजार करता है। यहां सवाल ऑनलाइन कारोबार को बंद करने का नहीं है। समय के साथ व्यापार का तरीका बदलना जरूरी है। लेकि...

दिल्ली में बॉक्स क्रिकेट का रोमांच, वरिष्ठों और बच्चों की आठ टीमें आमने-सामने

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फ्रेंडशिप क्लब का आयोजन नई दिल्ली :- फ्रेंडशिप क्लब की ओर से आयोजित बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 में वरिष्ठ खिलाड़ियों और बच्चों की आठ टीमें 22 अगस्त को शाह इंटरनेशनल स्कूल, अंबिका विहार, नई दिल्ली में आमने-सामने होंगी। प्रतियोगिता में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 32 खिलाड़ी और 15 वर्ष तक के 38 बच्चे हिस्सा लेंगे। पुरुष वर्ग में गोल्डन वॉरियर्स, रॉयल टाइगर्स, रोहिणी महावीरा और रॉयल वॉरियर्स, जबकि बच्चों के वर्ग में थंडर स्ट्राइकर्स, रॉयल चैलेंजर्स, सनराइज स्ट्राइकर्स और रॉयल स्ट्राइकर्स मैदान में उतरेंगी।आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल क्रिकेट मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल के माध्यम से विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ना तथा खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता का उद्घाटन सुबह 9 बजे होगा और पहला मुकाबला 9:30 बजे खेला जाएगा। लीग चरण के बाद दोनों वर्गों की शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। पुरुष वर्ग का फाइनल शाम 5:30 बजे, जबकि बच्चों के वर्ग का फाइनल 6:30 बजे निर्धारित है। इसके बाद शाम 7:30 बजे पु...

गुरु आनंद जन्मोत्सव पर आस्था, तप और आत्मीयता का अद्भुत संगम

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कुंदन ऋषिजी की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम अहिल्या नगर :- महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में आयोजित आचार्य सम्राट पूज्य श्री आनंद ऋषिजी महाराज के जन्मोत्सव पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रवर्तक पूज्य श्री कुंदन ऋषि जी महाराज एवं उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषिजी महाराज आदि साधु साध्वी वृंद के दर्शन एवं प्रवचन का लाभ गुरु भक्तों को प्राप्त हुआ। चातुर्मास के मुख्य संयोजक  अशोक ‘बाबू सेठ’ बोरा जी जैन के निमंत्रण पर ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ सहयोगी साथियों एवं प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर उपस्थित था। हजारों श्रद्धालुओं के मध्य आचार्य श्री आनंद ऋषिजी महाराज की जन्मोत्सव-भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा को निकट से अनुभव करना सभी के लिए अत्यंत भावपूर्ण रहा। अमित जैन ने भी उपस्थित विशाल धर्मसभा को संबोधित किया। सबसे भावविभोर करने वाला क्षण रहा 3600 अठाइ व्रत-उपवास तपश्चर्या करने वाले तपस्वी भाई-बहनों के दर्शन। उनकी साधना, संयम और आत्मबल ने मन को भीतर तक स्पर्श किया।यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, साधना, संयम और संत-सान्निध्य का अविस्मरणीय ...

पहलीबार हुआ 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण-मोक्ष महोत्सव

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श्री भाईदर श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ का कार्यक्रम भायंदर :- भायंदर के प्रथम ऐसे पहले श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन मंदिर में संघ के प्रांगण में पहली बार संघ के इतिहास में श्री पार्श्वनाथ दादा का मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक मनाया गया।यह कार्यक्रम निर्वाण-मोक्ष लड्डू महोत्सव के रूप में मनाया गया। श्रावण सुदी 8 गुरुवार 20 अगस्त को सुबह 7.00 बजे लड्डू कामठीया निकेतन से श्री चिंतामणी मंदिर तक लाभार्थी परिवार के साथ वाजते- गाजते, नाचते-गाते दादा के दरबार में सकल संघ के साथ लाया गया।संपूर्ण महोत्सव पंजाब केसरी आचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा.समुदाय की व गच्छाधिपति धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा.की आज्ञानुवर्तीनी साध्वी सोम्यकला श्रीजी म.सा.आदि ठाणा की निश्रा में संपन्न हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रभु के मोक्ष कल्याणक के महत्व के बारे में बताया। परमात्मा को निर्वाण-मोक्ष लड्डू एवं संघ प्रभावना लड्डू के लाभार्थी परिवार सुशीलाबाई पारसमलजी सोनीगरा (डायलाना) परिवार थे।इस अवसर पर अशोक मेहता,संजय राठौड़,रमेश बंबोरी, महावीर दुग्गड़, राकेश पुनमिया, मेहुल जैन,राहुल जैन व बड़ी संख्या में ल...

पहलीबार 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण-मोक्ष लड्डू महोत्सव

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श्री भाईदर श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ का कार्यक्रम भायंदर :- भायंदर के प्रथम ऐसे पहले श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन मंदिर में संघ के प्रांगण में पहली बार संघ के इतिहास में श्री पार्श्वनाथ दादा का मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक मनाया जा रहा है।यह कार्यक्रम निर्वाण-मोक्ष लड्डू महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। श्रावण सुदी 8 गुरुवार 20 अगस्त को सुबह 7.00 बजे लड्डू कामठीया निकेतन से श्री चिंतामणी मंदिर तक लाभार्थी परिवार के साथ वाजते-गाजते, नाचते-गाते दादा के दरबार में सकल संघ के साथ लाया जाएगा।संपूर्ण महोत्सव पंजाब केसरी आचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा.समुदाय की साध्वी सोम्यकला श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में होगा। परमात्मा को निर्वाण-मोक्ष लड्डू एवं संघ प्रभावना लड्डू के लाभार्थी परिवार सुशीलाबाई पारसमलजी सोनीगरा (डायलाना) परिवार हैं।सोनिगरा परिवार ने श्री संघ को पधारने की विनंती की हैं।

आशापुरी में संरक्षण की पहल जमीन पर दिखाई देने लगी

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धरोहर बचेगी, इतिहास बचेगा। आशापुरी की प्राचीन जैन धरोहरों के संरक्षण को लेकर जैन धरोहर संरक्षण परिषद (JHPC) द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों और प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।पुरातत्व विभाग की टीम ने आशापुरी स्थित सतमासिया जैन मंदिर समूह एवं संबंधित पुरातात्विक क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मदन कुमार (IAS), संचालक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग, मध्यप्रदेश का जैन धरोहर संरक्षण परिषद की ओर से हार्दिक आभार। उनके नेतृत्व में विभाग द्वारा आशापुरी की इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल किया जाना स्वागत योग्य है।इसमें डॉ. मनीषा शर्मा की सक्रियता और तत्परता विशेष रूप से प्रशंसनीय हैं। इस पूरे विषय में डॉ. शर्मा , संयुक्त निदेशक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग, मध्यप्रदेश का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। जैन धरोहर संरक्षण परिषद द्वारा आशापुरी की प्राचीन जैन तीर्थंकर प्रतिमा एवं सतमासिया जैन मंदिर समूह के संरक्षण का विषय उनके संज्ञान में लाए जाने के बाद उन्होंने जिस गंभीरता, संवेदनशी...

मास कम्युनिकेशन एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रभावी कार्यशाला

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के.के. कॉलेज का आयोजन इंदौर :-   के.के. कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए मास कम्युनिकेशन एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन  रुचि चोविश्या जैन ने किया। वे मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नाम हैं तथा ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष हैं। वे डीडी नेशनल की न्यूज़ एंकर, ऑल इंडिया रेडियो की होस्ट तथा साधना चैनल के ‘कवियों की चौपाल’ की टीवी प्रस्तुतकर्ता रह चुकी हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों के परिचय को भी एक रोचक गतिविधि के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ टू ट्रुथ्स एंड वन लाई, चाइनीज़ व्हिस्पर, एआई वर्सेस फेक न्यूज़ और रिपोर्ट राइटिंग जैसी गतिविधियाँ कराई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रभावी संचार, सक्रिय श्रवण, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने, रचनात्मक सोच तथा समाचार लेखन जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए हर्षिता, काजल, कनिष्क, सलोनी और अथर्व को ‘राइजिंग स्टार’ सम्...

दिल्ली-NCR में तप-साधना की लहर, चातुर्मास में अनेक श्रावक-श्राविकाएं कर रहे दीर्घ तप

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आचार्य महाश्रमण की निश्रा में धर्ममय हुई नई दिल्ली हरीश जैन/बरडिया नई दिल्ली :- परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी के पावन चातुर्मास के दौरान दिल्ली एवं एनसीआर में तप, त्याग और संयम की प्रेरक लहर दिखाई दे रही है। धर्मसंघ के 10 सिंघाड़ों का चातुर्मास दिल्ली को प्राप्त होने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में श्रावक-श्राविकाएं विविध एवं दीर्घ तपस्याओं के माध्यम से आत्मसाधना कर रहे हैं। तपस्वियों के अनुमोदना कार्यक्रमों से भी आध्यात्मिक वातावरण निरंतर सघन हो रहा है। चातुर्मास में तप-साधना का यह प्रेरणादायी क्रम निरंतर गतिमान है। श्री बिमल बैद ने 58 दिनों की तपस्या पूर्ण कर अपना तप आगे भी जारी रखा है। वहीं 19 वर्षीय मास्टर अमन बुच्चा ने 31 दिनों की तपस्या पूर्ण कर आचार्यश्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य में पारणा किया। श्रीमती अमराव देवी दुगड़ एवं श्रीमती फूल देवी बिनाकिया की 18 दिनों की तप-साधना जारी है, जबकि श्री संदीप संचेती ने 14 दिनों की तपस्या पूर्ण की है। श्री शांति लाल जी सेठिया तथा 68 वर्षीय श्रीमती कलकत्ती देवी डोसी 11 दिवसीय तप में गतिमान हैं। तप की इस आध्यात्मिक यात्रा में श्वेता ड...

आचरण से श्रेष्ठ बनता है मनुष्य : पंन्यास श्री ऋषभरत्न

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आगम के गूढ़ रहस्यों की अत्यंत सरल शैली में प्रस्तुति उज्जैन :-  मालवा विभूषण, पूज्य आचार्य श्री विजय वीररत्न सूरीश्वरजी महाराजा की कृपा और आचार्य श्री विजय पद्मभूषणरत्न सूरीश्वरजी महाराजा के सान्निध्य में अरविंद नगर स्थित श्री नागेश्वर पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में चल रहे चातुर्मास में अंतगड़दशांग सूत्र का वाचन एवं भावपूर्ण विवेचन हुआ। जिसमें पंन्यास प्रवर श्री ऋषभरत्न विजयजी महाराज ने आगम के गूढ़ रहस्यों को अत्यंत सरल और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया।  गुरुदेव ने प्रवचन में बताया कि अंतगड़दशांग सूत्र में उन महान तपस्वी महापुरुषों का वर्णन है, जिन्होंने कठोर तप, त्याग, संयम और समभाव के माध्यम से समस्त कर्मों का क्षय कर सिद्धपद (मोक्ष) प्राप्त किया। इस आगम के आठ अध्यायों में विभिन्न महापुरुषों के जीवन, साधना और मोक्षगमन का प्रेरणादायी इतिहास समाहित है। आचरण से श्रेष्ठ बनता है मनुष्य, उम्र या पद से नहीं गुरुदेव ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि मनुष्य को केवल उम्र या पद से वरिष्ठ नहीं, बल्कि अपने आचरण से श्रेष्ठ बनने का प्रयास करना चाहिए। श्रेष्ठता आयु या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि...

औचक निरीक्षण में प्राचार्य के अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश

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 औचक निरीक्षण में प्राचार्य के अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश   कलेक्टर सुश्री बाफना ने सरदार वल्लभ भाई पटेल सांदीपनि विद्यालय शाजापुर का औचक निरीक्षण किया अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई करें   कलेक्टर ने मध्यान्ह भोजन का स्वयं स्वाद लेकर गुणवत्ता का परीक्षण किया शाजापुर :- क लेक्टर ऋजु बाफना ने शाजापुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय सांदीपनि विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक एवं मूलभूत व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अनुपस्थित पायी गई प्राचार्य के विरूद्ध कलेक्टर ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये। साथ ही उन्होंने अनुपस्थित पाए गए अन्य शिक्षकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने तथा एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये। बाफना ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी पढ़ाई एवं शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली तथा शिक्षकों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया।कलेक्टर ने कक्षा ...

परम पूज्य आचार्य श्री राजहंस सूरिश्वरजी महाराज साहब

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प्रद्युम्नसूरीश्वरजी म.सा.के शिष्यों में से एक हैं मूल वतन तो खेरालु के पास लुणवा (मंडाली) है, परंतु निवास मुंबई के बोरिवली (ईस्ट) दौलतनगर में था। धार्मिक संस्कारों से ओतप्रोत दौलतनगर में देरासर और उपाश्रय के निकट ही उनका घर था। देरासर एवं उपाश्रय में होने वाले स्तवन, प्रवचन और धर्मवाणी सहज ही उनके श्रवण में आती रहती थी। पिता चंदुभाई और माता मंजुलाबेन का परिवार शील, संस्कार और सद्गुणों से आलोकित था। विक्रम संवत 2018 में मंजुलाबेन की पावन कुक्षि से उनका जन्म हुआ। चार भाइयों में उनका स्थान तीसरा था। बाल्यकाल से ही उनके जीवन में प्रबल धार्मिक संस्कार थे। साधुओं के पास जाना, उनके साथ बैठना, उनके उपदेश सुनना, उन्हें गोचरी के लिए ले जाना तथा उनकी भक्ति करना उन्हें अत्यंत प्रिय था। दर्शन, पूजा, सामायिक, प्रतिक्रमण तथा धार्मिक अध्ययन नियमित रूप से करते थे। उन्होंने व्यवहारिक शिक्षा भी मैट्रिक तक प्राप्त की, परंतु उनका मन संसार में नहीं लगा। अंतर्मन में स्थित संयम के प्रति गहरी प्रीति उनके आत्मा को निरंतर प्रेरित करती रहती थी। दौलतनगर में पधारने वाले पूज्य आचार्य भगवंतों का परिचय एवं उपदेश तो उ...