सब छल चुन रहे थे,और मैंने भगवान चुन लिया
आज के समय में छल, कपट और दिखावे का आकर्षण बहुत उत्तम राठौड़ जी वन के प्रत्येक मोड़ पर मनुष्य के सामने अनेक विकल्प आते हैं। कोई छल का मार्ग चुनता है, कोई स्वार्थ का, कोई अहंकार का और कोई केवल अपने लाभ के लिए रिश्तों, विश्वास और भावनाओं का भी सौदा कर देता है। ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति सत्य, श्रद्धा और भगवान का मार्ग चुन ले, तो संसार उसे भले ही साधारण समझे, लेकिन ईश्वर की दृष्टि में वही सबसे बड़ा विजेता होता है। आज के समय में छल, कपट और दिखावे का आकर्षण बहुत अधिक दिखाई देता है। लोग तात्कालिक लाभ के लिए अपने सिद्धांत तक बदल लेते हैं। परन्तु इतिहास इस बात का साक्षी है कि छल से मिली सफलता अधिक समय तक टिकती नहीं, जबकि भगवान पर विश्वास रखने वाला व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी अपना आत्मबल बनाए रखता है। उसकी सबसे बड़ी पूँजी उसका विश्वास, उसका धैर्य और उसके अच्छे कर्म होते हैं। भगवान को चुनने का अर्थ केवल मंदिर जाना या पूजा करना नहीं है, बल्कि अपने जीवन में सत्य, करुणा, क्षमा, संयम और ईमानदारी को अपनाना भी है। जब मनुष्य अपने निर्णय धर्म और विवेक के आधार पर लेने लगता है, तब उसके जीवन में ...