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बरसात में जीवनलाल जी जैन की चाय बनी यादों और सेवा की गर्माहट

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सेवा, संघर्ष और इंसानियत से जुड़ी एक पूरी कहानी नागदा :- बरसात और चाय का रिश्ता ही कुछ खास है, लेकिन जब चाय नागदा के जीवनलाल जैन के हाथों की हो, तो उसका स्वाद ही नहीं, उससे जुड़ी यादें भी दिल को छू जाती हैं। कभी नागदा रेलवे स्टेशन पर रहने वाले बेघर और जरूरतमंद लोगों को चाय एवं जरूरत का सामान बांटने से शुरू हुई सेवा आज एक अलग पहचान बन चुकी है। कमाई की चिंता नहीं, स्वास्थ्य की चिंता नहीं—निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा को अपना जीवन समर्पित करने वाले जीवनलाल जैन ने अपने इस छोटे से काम को नागदा की एक अलग पहचान बना दिया है। कोरोना काल के कठिन दौर में, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरते थे, तब जरूरतमंदों तक पहुंचकर सेवा करने का उनका जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बना। चाय का काम भले ही नाम से छोटा लगे, लेकिन इसी चाय के माध्यम से उन्होंने इंसानियत, अपनापन और सेवा की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे नागदा लंबे समय तक याद रखेगा। बरसात की बूंदों के बीच गरमा-गरम चाय की चुस्की अपने आप में खास होती है, लेकिन जीवनलाल जैन के हाथों की चाय में मेहनत के साथ अपनापन और वर्षों की यादों का स्वाद भी घुला हुआ ह...

दुकान पर मंदी, ऑनलाइन बाजार की तेजी : आखिर व्यापारी कब तक सहेगा?

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फुटकर व्यापारी गहरी मंदी से जूझ रहा है अक्षय जैन भा रत का बाजार तेजी से बदल रहा है। मोबाइल पर सामान देखना, घर बैठे खरीदारी करना और कुछ ही समय में सामान घर पहुंच जाना अब आम बात हो गई है। ऑनलाइन कारोबार ने ग्राहकों के लिए सुविधा बढ़ाई है, लेकिन इसका असर परंपरागत छोटे और मझले दुकानदारों पर साफ दिखाई देने लगा है। आज देश का फुटकर व्यापारी गहरी मंदी से जूझ रहा है। दुकान का किराया, बिजली का बिल, कर्मचारियों की तनख्वाह, माल की लागत और दूसरे खर्च लगातार बने हुए हैं, लेकिन ग्राहक पहले की तरह दुकान पर नहीं आ रहा। कई दुकानदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि दुकान का खर्च कैसे निकले और परिवार कैसे चले? ऑनलाइन कारोबार से मुकाबला करना छोटे दुकानदार के लिए आसान नहीं है। बड़ी ऑनलाइन कंपनियां बड़े स्तर पर कारोबार करती हैं। वे तरह-तरह की छूट देती हैं और सामान घर तक पहुंचाती हैं। इसके सामने मोहल्ले और बाजार की छोटी दुकान खड़ी है, जहां दुकानदार अपनी पूरी पूंजी लगाकर माल रखता है और ग्राहक का इंतजार करता है। यहां सवाल ऑनलाइन कारोबार को बंद करने का नहीं है। समय के साथ व्यापार का तरीका बदलना जरूरी है। लेकि...

दिल्ली में बॉक्स क्रिकेट का रोमांच, वरिष्ठों और बच्चों की आठ टीमें आमने-सामने

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फ्रेंडशिप क्लब का आयोजन नई दिल्ली :- फ्रेंडशिप क्लब की ओर से आयोजित बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 में वरिष्ठ खिलाड़ियों और बच्चों की आठ टीमें 22 अगस्त को शाह इंटरनेशनल स्कूल, अंबिका विहार, नई दिल्ली में आमने-सामने होंगी। प्रतियोगिता में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 32 खिलाड़ी और 15 वर्ष तक के 38 बच्चे हिस्सा लेंगे। पुरुष वर्ग में गोल्डन वॉरियर्स, रॉयल टाइगर्स, रोहिणी महावीरा और रॉयल वॉरियर्स, जबकि बच्चों के वर्ग में थंडर स्ट्राइकर्स, रॉयल चैलेंजर्स, सनराइज स्ट्राइकर्स और रॉयल स्ट्राइकर्स मैदान में उतरेंगी।आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल क्रिकेट मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल के माध्यम से विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ना तथा खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता का उद्घाटन सुबह 9 बजे होगा और पहला मुकाबला 9:30 बजे खेला जाएगा। लीग चरण के बाद दोनों वर्गों की शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। पुरुष वर्ग का फाइनल शाम 5:30 बजे, जबकि बच्चों के वर्ग का फाइनल 6:30 बजे निर्धारित है। इसके बाद शाम 7:30 बजे पु...

गुरु आनंद जन्मोत्सव पर आस्था, तप और आत्मीयता का अद्भुत संगम

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कुंदन ऋषिजी की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम अहिल्या नगर :- महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में आयोजित आचार्य सम्राट पूज्य श्री आनंद ऋषिजी महाराज के जन्मोत्सव पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रवर्तक पूज्य श्री कुंदन ऋषि जी महाराज एवं उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषिजी महाराज आदि साधु साध्वी वृंद के दर्शन एवं प्रवचन का लाभ गुरु भक्तों को प्राप्त हुआ। चातुर्मास के मुख्य संयोजक  अशोक ‘बाबू सेठ’ बोरा जी जैन के निमंत्रण पर ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ सहयोगी साथियों एवं प्रतिनिधिमंडल भी इस अवसर पर उपस्थित था। हजारों श्रद्धालुओं के मध्य आचार्य श्री आनंद ऋषिजी महाराज की जन्मोत्सव-भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा को निकट से अनुभव करना सभी के लिए अत्यंत भावपूर्ण रहा। अमित जैन ने भी उपस्थित विशाल धर्मसभा को संबोधित किया। सबसे भावविभोर करने वाला क्षण रहा 3600 अठाइ व्रत-उपवास तपश्चर्या करने वाले तपस्वी भाई-बहनों के दर्शन। उनकी साधना, संयम और आत्मबल ने मन को भीतर तक स्पर्श किया।यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, साधना, संयम और संत-सान्निध्य का अविस्मरणीय ...

पहलीबार हुआ 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण-मोक्ष महोत्सव

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श्री भाईदर श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ का कार्यक्रम भायंदर :- भायंदर के प्रथम ऐसे पहले श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन मंदिर में संघ के प्रांगण में पहली बार संघ के इतिहास में श्री पार्श्वनाथ दादा का मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक मनाया गया।यह कार्यक्रम निर्वाण-मोक्ष लड्डू महोत्सव के रूप में मनाया गया। श्रावण सुदी 8 गुरुवार 20 अगस्त को सुबह 7.00 बजे लड्डू कामठीया निकेतन से श्री चिंतामणी मंदिर तक लाभार्थी परिवार के साथ वाजते- गाजते, नाचते-गाते दादा के दरबार में सकल संघ के साथ लाया गया।संपूर्ण महोत्सव पंजाब केसरी आचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा.समुदाय की व गच्छाधिपति धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा.की आज्ञानुवर्तीनी साध्वी सोम्यकला श्रीजी म.सा.आदि ठाणा की निश्रा में संपन्न हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रभु के मोक्ष कल्याणक के महत्व के बारे में बताया। परमात्मा को निर्वाण-मोक्ष लड्डू एवं संघ प्रभावना लड्डू के लाभार्थी परिवार सुशीलाबाई पारसमलजी सोनीगरा (डायलाना) परिवार थे।इस अवसर पर अशोक मेहता,संजय राठौड़,रमेश बंबोरी, महावीर दुग्गड़, राकेश पुनमिया, मेहुल जैन,राहुल जैन व बड़ी संख्या में ल...

पहलीबार 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण-मोक्ष लड्डू महोत्सव

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श्री भाईदर श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ का कार्यक्रम भायंदर :- भायंदर के प्रथम ऐसे पहले श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन मंदिर में संघ के प्रांगण में पहली बार संघ के इतिहास में श्री पार्श्वनाथ दादा का मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक मनाया जा रहा है।यह कार्यक्रम निर्वाण-मोक्ष लड्डू महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। श्रावण सुदी 8 गुरुवार 20 अगस्त को सुबह 7.00 बजे लड्डू कामठीया निकेतन से श्री चिंतामणी मंदिर तक लाभार्थी परिवार के साथ वाजते-गाजते, नाचते-गाते दादा के दरबार में सकल संघ के साथ लाया जाएगा।संपूर्ण महोत्सव पंजाब केसरी आचार्य विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा.समुदाय की साध्वी सोम्यकला श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में होगा। परमात्मा को निर्वाण-मोक्ष लड्डू एवं संघ प्रभावना लड्डू के लाभार्थी परिवार सुशीलाबाई पारसमलजी सोनीगरा (डायलाना) परिवार हैं।सोनिगरा परिवार ने श्री संघ को पधारने की विनंती की हैं।

आशापुरी में संरक्षण की पहल जमीन पर दिखाई देने लगी

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धरोहर बचेगी, इतिहास बचेगा। आशापुरी की प्राचीन जैन धरोहरों के संरक्षण को लेकर जैन धरोहर संरक्षण परिषद (JHPC) द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों और प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।पुरातत्व विभाग की टीम ने आशापुरी स्थित सतमासिया जैन मंदिर समूह एवं संबंधित पुरातात्विक क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मदन कुमार (IAS), संचालक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग, मध्यप्रदेश का जैन धरोहर संरक्षण परिषद की ओर से हार्दिक आभार। उनके नेतृत्व में विभाग द्वारा आशापुरी की इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल किया जाना स्वागत योग्य है।इसमें डॉ. मनीषा शर्मा की सक्रियता और तत्परता विशेष रूप से प्रशंसनीय हैं। इस पूरे विषय में डॉ. शर्मा , संयुक्त निदेशक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग, मध्यप्रदेश का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। जैन धरोहर संरक्षण परिषद द्वारा आशापुरी की प्राचीन जैन तीर्थंकर प्रतिमा एवं सतमासिया जैन मंदिर समूह के संरक्षण का विषय उनके संज्ञान में लाए जाने के बाद उन्होंने जिस गंभीरता, संवेदनशी...

मास कम्युनिकेशन एवं व्यक्तित्व विकास पर प्रभावी कार्यशाला

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के.के. कॉलेज का आयोजन इंदौर :-   के.के. कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए मास कम्युनिकेशन एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन  रुचि चोविश्या जैन ने किया। वे मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नाम हैं तथा ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष हैं। वे डीडी नेशनल की न्यूज़ एंकर, ऑल इंडिया रेडियो की होस्ट तथा साधना चैनल के ‘कवियों की चौपाल’ की टीवी प्रस्तुतकर्ता रह चुकी हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों के परिचय को भी एक रोचक गतिविधि के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ टू ट्रुथ्स एंड वन लाई, चाइनीज़ व्हिस्पर, एआई वर्सेस फेक न्यूज़ और रिपोर्ट राइटिंग जैसी गतिविधियाँ कराई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रभावी संचार, सक्रिय श्रवण, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने, रचनात्मक सोच तथा समाचार लेखन जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए हर्षिता, काजल, कनिष्क, सलोनी और अथर्व को ‘राइजिंग स्टार’ सम्...

दिल्ली-NCR में तप-साधना की लहर, चातुर्मास में अनेक श्रावक-श्राविकाएं कर रहे दीर्घ तप

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आचार्य महाश्रमण की निश्रा में धर्ममय हुई नई दिल्ली हरीश जैन/बरडिया नई दिल्ली :- परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी के पावन चातुर्मास के दौरान दिल्ली एवं एनसीआर में तप, त्याग और संयम की प्रेरक लहर दिखाई दे रही है। धर्मसंघ के 10 सिंघाड़ों का चातुर्मास दिल्ली को प्राप्त होने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में श्रावक-श्राविकाएं विविध एवं दीर्घ तपस्याओं के माध्यम से आत्मसाधना कर रहे हैं। तपस्वियों के अनुमोदना कार्यक्रमों से भी आध्यात्मिक वातावरण निरंतर सघन हो रहा है। चातुर्मास में तप-साधना का यह प्रेरणादायी क्रम निरंतर गतिमान है। श्री बिमल बैद ने 58 दिनों की तपस्या पूर्ण कर अपना तप आगे भी जारी रखा है। वहीं 19 वर्षीय मास्टर अमन बुच्चा ने 31 दिनों की तपस्या पूर्ण कर आचार्यश्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य में पारणा किया। श्रीमती अमराव देवी दुगड़ एवं श्रीमती फूल देवी बिनाकिया की 18 दिनों की तप-साधना जारी है, जबकि श्री संदीप संचेती ने 14 दिनों की तपस्या पूर्ण की है। श्री शांति लाल जी सेठिया तथा 68 वर्षीय श्रीमती कलकत्ती देवी डोसी 11 दिवसीय तप में गतिमान हैं। तप की इस आध्यात्मिक यात्रा में श्वेता ड...

आचरण से श्रेष्ठ बनता है मनुष्य : पंन्यास श्री ऋषभरत्न

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आगम के गूढ़ रहस्यों की अत्यंत सरल शैली में प्रस्तुति उज्जैन :-  मालवा विभूषण, पूज्य आचार्य श्री विजय वीररत्न सूरीश्वरजी महाराजा की कृपा और आचार्य श्री विजय पद्मभूषणरत्न सूरीश्वरजी महाराजा के सान्निध्य में अरविंद नगर स्थित श्री नागेश्वर पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में चल रहे चातुर्मास में अंतगड़दशांग सूत्र का वाचन एवं भावपूर्ण विवेचन हुआ। जिसमें पंन्यास प्रवर श्री ऋषभरत्न विजयजी महाराज ने आगम के गूढ़ रहस्यों को अत्यंत सरल और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया।  गुरुदेव ने प्रवचन में बताया कि अंतगड़दशांग सूत्र में उन महान तपस्वी महापुरुषों का वर्णन है, जिन्होंने कठोर तप, त्याग, संयम और समभाव के माध्यम से समस्त कर्मों का क्षय कर सिद्धपद (मोक्ष) प्राप्त किया। इस आगम के आठ अध्यायों में विभिन्न महापुरुषों के जीवन, साधना और मोक्षगमन का प्रेरणादायी इतिहास समाहित है। आचरण से श्रेष्ठ बनता है मनुष्य, उम्र या पद से नहीं गुरुदेव ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि मनुष्य को केवल उम्र या पद से वरिष्ठ नहीं, बल्कि अपने आचरण से श्रेष्ठ बनने का प्रयास करना चाहिए। श्रेष्ठता आयु या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि...

औचक निरीक्षण में प्राचार्य के अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश

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 औचक निरीक्षण में प्राचार्य के अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश   कलेक्टर सुश्री बाफना ने सरदार वल्लभ भाई पटेल सांदीपनि विद्यालय शाजापुर का औचक निरीक्षण किया अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई करें   कलेक्टर ने मध्यान्ह भोजन का स्वयं स्वाद लेकर गुणवत्ता का परीक्षण किया शाजापुर :- क लेक्टर ऋजु बाफना ने शाजापुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय सांदीपनि विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक एवं मूलभूत व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अनुपस्थित पायी गई प्राचार्य के विरूद्ध कलेक्टर ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये। साथ ही उन्होंने अनुपस्थित पाए गए अन्य शिक्षकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने तथा एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये। बाफना ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी पढ़ाई एवं शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली तथा शिक्षकों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया।कलेक्टर ने कक्षा ...

परम पूज्य आचार्य श्री राजहंस सूरिश्वरजी महाराज साहब

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प्रद्युम्नसूरीश्वरजी म.सा.के शिष्यों में से एक हैं मूल वतन तो खेरालु के पास लुणवा (मंडाली) है, परंतु निवास मुंबई के बोरिवली (ईस्ट) दौलतनगर में था। धार्मिक संस्कारों से ओतप्रोत दौलतनगर में देरासर और उपाश्रय के निकट ही उनका घर था। देरासर एवं उपाश्रय में होने वाले स्तवन, प्रवचन और धर्मवाणी सहज ही उनके श्रवण में आती रहती थी। पिता चंदुभाई और माता मंजुलाबेन का परिवार शील, संस्कार और सद्गुणों से आलोकित था। विक्रम संवत 2018 में मंजुलाबेन की पावन कुक्षि से उनका जन्म हुआ। चार भाइयों में उनका स्थान तीसरा था। बाल्यकाल से ही उनके जीवन में प्रबल धार्मिक संस्कार थे। साधुओं के पास जाना, उनके साथ बैठना, उनके उपदेश सुनना, उन्हें गोचरी के लिए ले जाना तथा उनकी भक्ति करना उन्हें अत्यंत प्रिय था। दर्शन, पूजा, सामायिक, प्रतिक्रमण तथा धार्मिक अध्ययन नियमित रूप से करते थे। उन्होंने व्यवहारिक शिक्षा भी मैट्रिक तक प्राप्त की, परंतु उनका मन संसार में नहीं लगा। अंतर्मन में स्थित संयम के प्रति गहरी प्रीति उनके आत्मा को निरंतर प्रेरित करती रहती थी। दौलतनगर में पधारने वाले पूज्य आचार्य भगवंतों का परिचय एवं उपदेश तो उ...

पुण्य सम्राट धाम का निर्माण कार्य तेज गति से जारी

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पुण्य सम्राट धाम का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण   धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा उदयपुर :- युगप्रभावक  पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद विजय जयन्तसेन सूरिश्वरजी महाराजा के पट्टधर, वर्तमान गच्छाधिपति धर्म दिवाकर, हृदय सम्राट परम पूज्य आचार्य श्री नित्यसेन सूरिश्वरजी म.सा., मुनिराज डॉ. सिद्धरत्न विजयजी म.सा. एवं मुनि प्रवर श्री विद्वतरत्न विजयजी म.सा. की प्रेरणा से निम्बाहेड़ा से करीब 8 किलोमीटर दूर उदयपुर–साँवलियाजी तीर्थ मार्ग स्थित पुण्य सम्राट धाम, कचरिया खेड़ी का निर्माण कार्य तेज गति से प्रगति पर है। धाम में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में अब तक लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। पुण्य सम्राट धाम परिसर में लगभग 20 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में हरियाली से युक्त भव्य उद्यान विकसित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के फूलों एवं छायादार पौधों का रोपण किया जा रहा है। इसके अलावा दो मंजिला भवन में लिफ्ट सहित 16 कमरे, विशाल भोजनशाला, साध्वीजी का उपाश्रय तथा साधु-संतों का उपाश्रय तैयार किया जा रहा है। पूरे परिसर में आवागमन की सुविधा के लिए मज...

भावनाओं पर नियंत्रण न होना इमोशनल वीकनेस है :- नम्रमुनि

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राष्ट्रसंत के पावन सान्निध्य में युवा शिविर आयोजित मुंबई :- राष्ट्रसंत गुरुदेव श्री नम्रमुनि महाराज साहेब के पावन सान्निध्य में रविवार को आराध्य भक्ति पार्क में 'इमोशनल फिटनेस - ट्रेन योर माइंड' युवा शिविर सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इसमें ओवर थिंकिंग, चिंता, भावनात्मक कमजोरी, संबंधों और मन की स्थिरता के बारे में  गुरुदेव ने आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया।   गुरुदेव ने समझाया कि जब कोई परिस्थिति बदली न जा सके तो उसे स्वीकार करके परिस्थिति को नहीं, बल्कि उसके प्रति अपना दृष्टिकोण बदलना ही इमोशनल फिटनेस है। समस्या का सामना करके समाधान खोजना इमोशनल फिटनेस का लक्षण है, जबकि समस्या के सामने रोकर बैठ जाना इमोशनल वीकनेस है। समस्या को ज़ूम इन नहीं, ज़ूम आउट करो शिविर में महासतीजी ने प्रयोग के द्वारा समझाया कि हम अक्सर एक ही समस्या के बारे में बार-बार सोचकर उसे मन में बड़ा बना देते हैं। इसके बजाय समस्या को ज़ूम आउट करके उसके सकारात्मक पहलू देखने चाहिए और छोटी समस्याओं के समाधान से बड़ी समस्याओं का सामना करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। जेनरेशन गैप से मन की 'स्पेस...

यह संसार परिवर्तनशील है और रहेगा :- आचार्य शिवमुनि

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पुरुषार्थ के बल से ही संसार सागर से पार हो सकते हैं सूरत :- आचार्य श्री शिवमुनि ने अपने दैनिक उद्बोधन में समाधि का विश्लेषण करते हुए फरमाया कि समाधि का अर्थ है बुद्धि में समता आ जाए। यह संसार परिवर्तनशील है, यहां मान-अपमान, जन्म-मृत्यु, सुख-दुःख आदि है यह सारा दुःख देह का है न कि आत्मा का। इस संसार जगत में पशु-पक्षी, मनुष्य, देव, आचार्य, उपाध्याय सभी में समान आत्मा है। देह में आत्मा प्रमुख है। जिस तरह से सोना कीचड़ में या नाली में भी गिर जाए तो वह खराब नहीं होता उसकी शुद्धता बनी रहती है। उसी प्रकार आत्मा का स्वभाव है कि वह शुद्ध है। आचार्य भगवन ने आगे फरमाया कि व्यक्ति आत्मा को गौण कर देह को प्रमुख मानता है। जीवनभर परिवार के रिश्ते-नाते में उलझा रहता है जो उसका अज्ञान है। इस संसार सागर से पार जाने के लिए मिथ्यात्व मोह को तोड़ना होगा। पुरुषार्थ के बल से ही संसार सागर से पार हो सकते हैं। उसकी एक ही विधि है हर क्रिया में आत्मा और शरीर का भेद करो। कार्य करते हुए भी अपनी आत्मा को नहीं भूलें, हर किसी के शरीर को नहीं उसमें उसके आत्म तत्व को देखो। प्रातः भ्रमण करते हुए भी आत्मा और शरीर का भेद क...