30 पार की दुल्हन और 32 पार का दूल्हा - हम अपने ही बच्चों का घर क्यों नहीं बसने दे रहे?
आज लिस्ट बहुत लंबी है पांडुरंग शास्त्री / मुंबई मै उस दुर्लभ प्रजाति का संभवतः आखिरी इंसान हूं जो कि आज भी तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी ईमानदारी से और श्रमसाध्य सगाई संबध का प्रयास करता है। अन्यथा इस झंझट में आजकल कोई मध्यस्थता नहीं करते हैं ।आज शाम अपने आसपास में नजर घुमाइए। आपको 28, 30, 32, 35 साल की कई लड़कियाँ और लड़के मिल जाएंगे जो पढ़े-लिखे हैं, नौकरी कर रहे हैं, देखने में हैं, पर शादी नहीं हुई है।क्यों?क्योंकि हमने शादी को शादी रहने ही नहीं दिया, हमने इसे एक डील बना दिया है। पहले रिश्ता होता था, अब इंटरव्यू होता है। पहले लड़की वाले पूछते थे - लड़का कमाता है? नशा-पत्ता तो नहीं करता? परिवार कैसा है? आज लिस्ट बहुत लंबी है। लड़के वालों के लिए - लड़की कितनी गोरी है? उसकी सैलरी कितनी है? खाना बनाना आता है या नहीं, पर नौकरी भी करनी चाहिए? ससुराल में रहेगी या अलग फ्लैट चाहिए? सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव तो नहीं? लड़की वालों के लिए - लड़के का अपना घर है? कितने BHK का? कार कौन सी है? साल का पैकेज कितना है? विदेश जाने का प्लान है? सास-ससुर साथ रहेंगे क्या? जमीन है? हम जीवनस...