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पाल्याकला में पारंपरिक तेजाजी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ,

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तेजा दशमी पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब नागदा (जीवन जैन) :- पाल्याकला स्थित नवकली नाग महाराज एवं वीर तेजाजी महाराज मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पारंपरिक तेजाजी मेले का रविवार को विधि-विधान से भव्य शुभारंभ हुआ। तेजा दशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय मेले को लेकर नगर पालिका प्रशासन एवं मेला समिति द्वारा श्रद्धालुओं, व्यापारियों तथा आमजन की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में विद्युत सज्जा, प्रकाश व्यवस्था सहित आवश्यक सुविधाएं की गई है। मेले के शुभारंभ अवसर पर मंदिर में पंडित के माध्यम से कलश पूजन सहित विधि-विधान से नवकली नाग महाराज एवं वीर तेजाजी महाराज की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, पूर्व मंत्री सुल्तान सिंह शेखावत ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अतिथि विधायक डॉक्टर तेज बहादुर सिंह चौहान, पूर्व मंत्री सुल्तान सिंह  शेखावत, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती संतोष गेहलोत,  भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विजय पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ओ.पी. गेहलोत, नगर पालिका...

आशापुरी की जैन धरोहर को मिलेगा नया जीवन, संरक्षण कार्य की तैयारी तेज

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4.5 मीटर विशाल जैन प्रतिमा होगी संरक्षित एवं पुनःस्थापित, तीन चरणों में होगा विकास कार्य 40 लाख के बजट से आशापुरी में जैन धरोहर संरक्षण कार्य जल्द शुरू JHPC की पहल रंग लाई : आशापुरी में जैन धरोहर संरक्षण कार्य जल्द होगा शुरू मंडीदीप | रायसेन जिले के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के आशापुरी-सतमसिया जैन मंदिर समूह की प्राचीन जैन धरोहर के संरक्षण की दिशा में अब ठोस पहल जमीन पर दिखाई देने लगी है। जैन धरोहर संरक्षण परिषद (JHPC), सर्वोदय सामाजिक संस्था (पंजी.), मध्यप्रदेश द्वारा लगातार उठाए जा रही मांग के बाद आशापुरी में प्रस्तावित संरक्षण कार्यों को लेकर पुरातत्व विभाग की टीम ने बुधवार को स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुरातत्व विशेषज्ञ एवं आशापुरी परियोजना प्रभारी श्री रमेश यादव के नेतृत्व में टीम ने पूरे परिसर का जायजा लिया, आवश्यक माप-जोख की तथा वहां मौजूद प्राचीन मंदिर अवशेषों, विशाल जैन तीर्थंकर प्रतिमा एवं अन्य पुरातात्विक सामग्री का निरीक्षण किया। विभागीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार संरक्षण कार्य आगामी माह से चरणबद्ध रूप से प्रारंभ किए जाने की संभावना ...

महिदपुर रोड में ऐतिहासिक सिद्धितप तपस्या महोत्सव संपन्न

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डॉ अमृतरसा श्रीजी की निश्रा में भव्य आयोजन महिदपुर रोड : -  नगर में चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ अमृतरसा श्रीजी म. सा. आदि ठाणा कि पावन कारी निश्रा में नगर के जैन समाज ने सिद्धितप की तपस्या कर नया कीर्तिमान बनाया।साध्वीजी के चातुर्मास को लेकर संघ में जबरदस्त उत्साह है। इस तप में 100 से ज्यादा तपस्वियों में मीडिया प्रभारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने  सपत्नीक 45 दिवसीय सिद्धि आराधना साध्वी जी एवं देव गुरु धर्म की कृपा से 17 तारीख को निर्विघ्न संपन्न हुई। तत्पश्चात सामूहिक रथ यात्रा आदि दो दिवसीय अति भव्य आयोजन संपन्न किए गए जिसमें मुख्यतःराजेंद्र जयंत पारणा  पंडाल का लाभ कोमलचंद सचिन कुमार अंश कुमार अनंत कुमार भंडारी परिवार बप्पैया वाला द्वारा लिया गया। सिद्धि तप पूर्णता पर क्षेत्रीय विधायक दिनेश जैन बौस , राजेश धाकड़ उज्जैन जिला ग्रामीण अध्यक्ष, प्रताप सिह गुर, रणछोड़ त्रिवेदी, जैन श्री संघ महिदपुर रोड, जैन श्री संघ  अध्यक्ष अजय चोरडिया, चातुर्मास समिति अध्यक्ष परेश चत्तर सभी पदाधिकारीयों सदस्यों,जनप्रतिनिधियों, पत्रकार साथियों युवाओं नगर वासिय...

निपुणरत्न विजयजी व जापानी भक्तों को दर्शन सागरजी की कृति भेट

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गुरु बिन जीवन अधूरा हैं भायंदर :- श्री थराद त्रिस्तुतिक जैन संघ में चातुर्मास हेतु बिराजमान पूण्य सम्राट परम पूज्य आचार्य श्री विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी म.सा.के शिष्य रत्न ,प्रखर प्रवचनकार,मुनिराज श्री निपुणरत्न विजयजी व पर्व पर्युषण की आराधना करने आये जापानी भक्तों को गुरु दर्शन सागर सूरीश्वरजी म.सा.के जीवन पर पुस्तक मेरे गुरुवर,दर्शन सागर गागर में सागर प्रदान की। भायंदर (वेस्ट) के थराद भवन में पुस्तक की लेखिका संगीता बागरेचा,बाफना (संगी) ने पुस्तक गुरुदेव व जापान की तुलसी जैन को प्रदान की।इस अवसर पर निपुणरत्नजी ने कहा कि गुरु का महत्व सिर्फ ज्ञान देने में नहीं, दृष्टि देने में है।उन्होंने कहा कि 'गु' का अर्थ है अंधकार, 'रु' का अर्थ है प्रकाश। जो आपके भीतर के अज्ञान, भ्रम और अहंकार के अंधकार को हटाकर ज्ञान का दीपक जलाए, वही गुरु है।तुलसी जैन ने कहा कि ज्ञान तो किताबों में भी है, पर बोध गुरु से मिलता है,तो लेखिका ने कहा कि गुरु आइना है ।माता-पिता शरीर देते हैं, गुरु जीवन का अर्थ देते हैं। वो आपके दोष नहीं गिनाता, आपको आपका स्वरूप दिखा देता है। इसीलिए कबीर न  कहा है कि ,ग...

जापानियों के जीवन मे नवकार मंत्र जाप ने लाया परिवर्तन

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पिछले 25 वर्षों से जापान में होती है नवकार आराधना मुंबई :- धाराप्रवाह हिंदी बोलने वाली जापान की मनोचिकित्सक चूरूसी मियाजावा बताती है कि 2004 में सिर्फ 10 वर्ष की उम्र में भारत यात्रा के दौरान जैसलमेर के जैन मंदिरों और जैन धर्म की शिक्षाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। जन्म से बौद्ध मियाजावा का कहना है कि जैन धर्म और  त्रिस्तुतिक संघ नायक, गच्छाधिपति आचार्य जयंतसेन सूरीश्वरजी से उनका संबंध उन्हें किसी पुराने आध्यात्मिक रिश्ते जैसा महसूस होता है। उनका दावा है कि आचार्य के प्रत्यक्ष दर्शन से पहले ही वे उन्हें स्वप्न में देख चुकी थीं। जब पहली बार आचार्य के साक्षात दर्शन हुए,तो वे स्वयं भी इस संयोग से आश्चर्यचकित रह गई। इसके बाद शुरू हुई उनकी आध्यात्मिक यात्रा जो आज तक जारी है। गुरुदेव से नवकार महामंत्र का अर्थ समझने के बाद उसका जापान में प्रचार प्रसार शुरू किया। श्री त्रिस्तितिक संघ में चातुर्मास हेतु बिराजमान पुण्य सम्राट के शिष्य,प्रखर प्रवचनकार मुनिराज श्री निपुणरत्न विजयजी म.सा.के सानिध्य में 34 जापानी नागरिक जैन धर्म के पर्यूषण पर्व की आराधना में लीन है। इनमें 9 पुरुष और 25 मह...

आचार्य कुंदकुंद की कृति तिरुक्कुरल पहुंचा विश्व मंच पर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को भेंट किया प्राचीन तमिल ग्रंथ का रूसी संस्करण (राजेन्द्र जैन महावीर की रिपोर्ट) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा से जुड़े इस महान ग्रंथ का विश्व के प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष को भेंट किया जाना भारतीय संस्कृति और साहित्य के वैश्विक सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर है। इस घटना को लेकर जैन समाज में विशेष प्रसन्नता और गौरव की अनुभूति है। जैन परंपरा के अनुसार तिरुवल्लुवर ही आचार्य कुंदकुंद थे और तिरुक्कुरल की रचना आचार्य कुंदकुंद ने ही की थी। इसलिए प्रधानमंत्री द्वारा तिरुक्कुरल को विश्व के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना जैन समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। लगभग दो हजार वर्ष प्राचीन माने जाने वाले तिरुक्कुरल में मानव कल्याण के अनेकों दोहे हैं। जीवन के नैतिक, सामाजिक और व्यावहारिक पक्षों को अत्यंत संक्षिप्त एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के कारण यह ग्रंथ तमिल साहित्य की अमूल्...

माधुरी की घरवापसी 14 महीने के संघर्ष के बाद जीवदया की जीत

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  पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन हुई वापसी ने दिया अहिंसा और करुणा का जीवंत संदेश :-  डॉ पुष्पेन्द्र कोल्हापुर :- जैन समाज के लिए अहिंसा केवल धर्मग्रंथों में वर्णित सिद्धांत नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के प्रति करुणा और संरक्षण का जीवन-संकल्प है। कोल्हापुर के नांदणी स्थित जैन मठ से जुड़ी हथिनी ‘माधुरी’ (महादेवी) की 14 महीने बाद हुई घरवापसी ने इसी भावना को एक बार फिर जीवंत कर दिया। विशेष बात यह रही कि माधुरी की वापसी पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन हुई, जिससे जैन समाज में इस क्षण का भावनात्मक और धार्मिक महत्व और बढ़ गया। एक मूक प्राणी के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना, उसकी सुरक्षा और कल्याण को लेकर आवाज उठाना, न्यायालय का दरवाजा खटखटाना और अंततः उसे उसके परिचित परिवेश में वापस लाना—यह घटनाक्रम केवल एक हथिनी की वापसी की कहानी नहीं है। यह जीवदया, मानवीय संवेदना और अहिंसा के प्रति सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बनकर सामने आया है। 14 महीने तक जारी रहा संघर्ष माधुरी को जामनगर स्थित वनतारा ले जाया गया था। इसके बाद उसकी वापसी को लेकर जैन समाज और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार प्रयास किए गए। म...

जापानियों ने श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ मन्दिर के दर्शन किये

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गुरु बिना जीवन अंधकारमय हैं भायंदर : - गुरु बिना जीवन अंधकारमय है। गुरु ही हमें अज्ञान के अंधेरे से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है। वह केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीने की कला, संस्कार और सही-गलत की पहचान सिखाता है। उपरोक्त विचार जापान की मनोचिकित्सक तुलसी जैन (चूरूसी मियाजावा) ने भायंदर के 88 साल पुराने  श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर व साध्वी सोम्यकला श्रीजी आदि ठाणा के दर्शन करने के बाद विशाल धर्मसभा में व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि माता-पिता जन्म देते हैं, पर गुरु जीवन को दिशा देता है। वह हमारी कमियों को दूर कर हमारे अंदर छिपी प्रतिभा को निखारता है। गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन ही शिष्य को सफलता के शिखर तक पहुँचाता है। इसलिए कहा गया है - गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु ही साक्षात परब्रह्म है।साध्वी सोम्यकला जी ने कहा कि अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जापान में रहने के बाद भी वे संस्कारों और गुरु के बताए मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं। ज्ञात हो 34 जापानी श्री त्रिस्तुतिक जैन संघ,भायंदर (वेस्ट) में चातुर्मास हेतु बिराजमान मुनिराज निपुणरत्न विजयजी म.सा. की निश्रा में पर्व पर्युषण की ...

पूर्व मंत्री पारसचंद जैन को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

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अखिल भारतीय जैन समाजोत्थान ट्रस्ट और विभिन्न संगठनों ने किया याद,  विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित कई गणमान्य हुए शामिल उज्जैन। पूर्व मंत्री, विधायक और अखिल भारतीय जैन समाजोत्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष पारसचंद जैन को एक शोक सभा में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह आयोजन अखिल भारतीय जैन समाजोत्थान ट्रस्ट, राजेंद्र सूरि शताब्दी शोध संस्थान और राज राजेंद्र जयंत सेन सूरि शिक्षा महाविद्यालय परिवार द्वारा किया गया। पारसचंद जैन का 3 अगस्त 2026 को देवलोक गमन हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं और उज्जैन जिले के कई सामाजिक संगठनों ने उन्हें भावांजलि दी। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। श्रद्धांजलि देते हुए वक्ताओं ने कहा कि पारसचंद जैन जैसा नाम था, वैसा ही उनका काम भी था। वे किसी को छोटा या बड़ा नहीं समझते थे और उनका व्यवहार सभी के प्रति स्नेहपूर्ण व मित्रवत था। 'पहलवान' नाम से प्रसिद्ध पारसचंद जैन के सहज, सरल व्यक्तित्व और अद्भुत नेतृत्व क्षमता को याद करते हुए उपस्थित जनों ने उन...

शकुंतला बंबोरी की स्मृति में निशुल्क नेत्र जांच व मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में 81 लोग लाभान्वित

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  युथ फोरम का आयोजन - 15 के आपरेशन, 25 चश्मे फ़्री भायंदर : - परम पूज्य पंजाब केसरी विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा. समुदाय के गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म.सा., व परम पूज्य गुरु प्रेम के आजीवन चरणोंपासक परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय कुलचंद्र सूरीश्वरजी (KC) म.सा. के आशीर्वाद से सामाजिक सांस्कृतिक संगठन युथ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (युथ फोरम), के तत्वावधान में दृष्टि वीजन फॉर ऑल के तहत निशुल्क नेत्र जांच चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में नेत्र जांच,डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दांतो की जांच की गई जिसमें डॉक्टरों की सलाह पर 15 जरूरतमंदों का निशुल्क मोतिया बिंदु ऑपरेशन किया व 81 लोग लाभान्वित हुए। भायंदर (वेस्ट) स्थित संगीता कॉम्पलेक्स में हुए शिविर में भक्तिवेदांत हॉस्पिटल, कस्तूरी हॉस्पिटल व खुशी डेंटल केअर ने  सेवाएं दी।साथ ही साथ टाटा कैपिटल लिमिटेड का सहयोग था।शिविर सादड़ी- (राणकपुर),हाल भायंदर निवासी अ.सौ. शकुंतला रमेश बंबोरी की स्मृति मे आयोजित किया गया था।डॉ प्रमोद शर्मा, प्रदीप दास,राकेश कनोजिया, अमोल पाटिल, स्वाति चौधरी,रेशमा कैलाश वानखेड़ेआनंद ज...

श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन संघ, को अष्टमंगल अर्पण

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अष्टमंगल से होगी मंदिर के साधारण खाते में वृद्धि - साध्वी सौम्यकला - बंबोरी परिवार ने लिया लाभ भायंदर :- गच्छाधिपति आचार्य विजय नित्यानंद सुरीश्वरजी म.सा. व गच्छाधिपति आचार्य कुलचंद्र सुरीश्वरजी (KC) म. सा के आशीर्वाद से श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन संघ संचालित भायंदर के प्रथम ऐसे श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर को अर्पण किया गया। यह आयोजन संघ के तत्वावधान में व गच्छाधिपति आचार्य विजय धर्म धुरंधर सुरीश्वरजी म. सा.की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी सौम्यकला श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में हुआ।इसके लाभार्थी परिवार रमेश बंबोरी परिवार ने  मोहनराजजी डी बंबोरी / सोहनबाई मोहनराजजी बंबोरी , सादड़ी के दिव्य आशीष से वो अ . सौ.शकुंतला रमेश बंबोरी व वीणा दीपक बंबोरी के चौदह पूर्व की तपस्या पूर्ण होने पर संघ को अर्पण किया। बंबोरी परिवार के निवास स्थान से उपाश्रय पंहुचने पर विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी सौम्यकला ने कहा कि जैन धर्म में अष्टमंगल  8 सबसे पवित्र और मांगलिक चिन्ह होते हैं। कोई भी शुभ कार्य, पूजा, स्थापना या अर्पण इनके बिना अधूरा माना जाता है। उन्होंने कहा कि ये 8 चिन्ह हमें मो...

जैन विश्वभारती संस्थान में ‘जैन शिक्षण संस्थान परिसंवाद 2026’ का आयोजन

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आधुनिक तकनीक के साथ जैन ज्ञान-परंपरा के समन्वय की आवश्यकता : प्रो. बच्छराज दूगड़ लाडनूं :- जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं के जैन विद्या एवं तुलनात्मक धर्म तथा दर्शन विभाग के तत्वावधान में ‘जैन शिक्षण संस्थान परिसंवाद 2026’ का आयोजन किया गया। परिसंवाद का मुख्य विषय ‘जैन अध्ययन का भविष्य एवं जैन संस्थाओं की भूमिका : वर्तमान परिप्रेक्ष्य में’ रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने की। मुख्य अतिथि डॉ. शांति कुमार पाटिल, प्राचार्य, श्री टोडरमल दिगंबर जैन सिद्धांत महाविद्यालय, जयपुर तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल कुमार जैन, संयुक्त सचिव, जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर्स (जेएएस), अहमदाबाद रहे। विषय-प्रवर्तन डॉ. समणी अमल प्रज्ञा ने किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. बच्छराज दूगड़ ने जैन अध्ययन को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, शोध को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीक के साथ जैन ज्ञान-परंपरा के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने जैन दर्शन, साहित्य, संस्कृति एवं अहिंसा की समकालीन प्रासंगिकता तथा जैन अध्ययन की भावी संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए  मंगल गान के पश्चात ...

सांसारिक वैभव क्षणिक, आत्मकल्याण ही जीवन की वास्तविक उपलब्धि : गणधर मुनि विवर्धनसागर

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कोटा में मुनिसंघ द्वारा अभूतपूर्व धर्म प्रभावना अनुपमा राजेन्द्र जैन महावीर कोटा |  रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन जिनालय में रक्षाबंधन वात्सल्य पर्व एवं भगवान श्रेयांशनाथ निर्वाण महोत्सव श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया। गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महामुनिराज के सुशिष्य गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज एवं प्रवर्तक मुनि श्री 108 विश्वनायक सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री विवर्धनसागर जी महाराज ने जीवन की वास्तविक उपलब्धि, आत्मकल्याण और रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य संसार में सुख और वैभव प्राप्त करने के लिए निरंतर दौड़ता रहता है। धन, संपत्ति, पद और प्रतिष्ठा को जीवन की सफलता मान लिया जाता है, लेकिन यह सब क्षणिक है। जीवन की वास्तविक उपलब्धि सांसारिक वैभव नहीं, बल्कि आत्मकल्याण है। मनुष्य को यह विचार करना चाहिए कि जीवन की इस यात्रा में उसने अपने लिए क्या संचित किया और अपनी आत्मा को कितना निर्मल बनाया। उन्होंने कहा कि संसार की प्रत्येक वस्तु परिवर्तनशील है। आज जो...

सफल रहा 'ज़मीं से आसमां तक' का लोकार्पण समारोह

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डॉ. मीना राजपूत की पुस्तक ज्ञान और जानकारी का भंडार : डॉ. सुधाकर मिश्र   मुंबई। डॉ. मीना राजपूत की सद्य प्रकाशित पुस्तक 'ज़मीं से आसमां तक' का शानदार लोकार्पण समारोह वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार डाॅ. सुधाकर मिश्र की अध्यक्षता में मीरा रोड स्थित विरुंगला केंद्र में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन 'साहित्य गंगा' और 'स्वर संगम फाउंडेशन' ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।  इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में सुधाकर मिश्र ने मीना राजपूत की पुस्तक को ज्ञान और जानकारी का भंडार कहा। उन्होंने कहा कि विषय वैविध्य की दृष्टि से एक अद्भुत पुस्तक होने के साथ सभी विषय के साथ न्याय भी किया गया है। डॉ मिश्रा ने कहा कि निबंध लेखन के क्षेत्र में महिला लेखिकाओं महादेवी वर्मा, शिवानी, मन्नू भंडारी आदि ने अच्छे निबंध लिखे हैं। गर्व की बात यह है कि मेरी शिष्या मीना राजपूत का नाम भी अब इसी श्रेणी में शामिल हो गया है। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डाॅ. शीतला प्रसाद दुबे इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने पुस्तक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि ह...

भारत के पहली बार नो वेदी जिन मंदिर का भब्य शिलान्यास

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सुयश सागरजी की निश्रा में भव्य आयोजन  प्रिंस राज जैन, झुमरीतिलैया :- नगर  में एक साथ भारत के पहली बार नो वेदी जिन मंदिर का भब्य शिलान्यास जैन संत मुनि श्री 108 सुयस सागर जी मुनिराज के सानिध्य में ओर निकली शोभा यात्रा श्री दिगंबर जैन समाज के द्वारा स्टेशन रोड में नवनिर्माणाधीन जैन मंदिर की नौ वेदी के शिलान्यास समारोह मे भव्य शोभायात्रा जैन संत गुरुदेव 108 श्री सुयश सागरजी मुनीराज के सानिध्य आशीर्वाद से निकाली गई। फूल माला लाइट से सुसज्जित नो घोड़ा बग्गी  में पुण्यार्जक  परिवार को बैठाकर नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा को  पंजाब लुधियाना आर्मी बैंड, मधुबन पारसनाथ छोटू बैंड, कोडरमा ताशा पार्टी, डीजे साउंड, बैंड बाजा ने भव्यता प्रदान की पुरुष वर्ग श्वेत परिधान में शामिल हुए महिलाओं के अलग-अलग ग्रुप ने रंग-बिरंगे परिधान में भगवान एवं गुरुदेव की भक्ति करते हुए जय घोष किया। कोलकाता से आए साफा बांधने वाले चार सदस्यों की टीम ने  सभी महिला पुरुष भक्त जनों को रंग बिरंगा साफा बांधकर शोभा यात्रा मे चार चांद लगा दिए। झाझंरी गली चौराहा के पास छोटे-छोटे बच्चों ने पूज्य जैन...