भायंदर के पास बनेगा श्री महावीर वृद्धाश्रम का भूमिपूजन संपन्न
मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा :वज्रतिलक विजयजी भायंदर :- वृद्धाश्रम प्रणेता. गुरुराम-अभय शिशु परम पूज्य गणिवर्य जिनरत्नविजयजी म.सा.की प्रेरणा से व श्री वज्रतिलक विजयजी म.सा.की निश्रा में बनने जा रहे श्री महावीर वृद्धाश्रम का भूमिपूजन संपन्न हुआ। भायंदर(वेस्ट) के उत्तन रोड पर श्री महावीर वृद्धाश्रम का निर्माण जिनभक्ति मानव सेवा आश्रम ट्रस्ट (मुंबई) गोल्डन स्टार फाउंडेशन (मीरा भाईंदर) द्वारा किया जा रहा हैं।इस अवसर पर गुरुदेव ने कहा कि मानव सेवा जीवन की श्रेष्ठ सेवा हैं।उन्होंने कहा कि मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म सेवा है। "मानव सेवा श्रेष्ठ सेवा" केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है। जिस प्रकार वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते, नदियाँ अपना जल स्वयं नहीं पीतीं, उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी दूसरों के कल्याण के लिए होना चाहिए। गुरुदेव ने कहा कि सेवा का अर्थ केवल धन या वस्तु देना नहीं है। किसी दुखी को सांत्वना देना, बीमार की तीमारदारी करना, भूखे को भोजन देना, अनपढ़ को शिक्षा देना, और गिरे हुए को उठाना - ये सभी सेवा के रूप हैं। निस्वार्थ भाव से किया गया हर छोटा कार्य ...