भारतीय बाजार का विराट पिरामिड: आपका पैसा किस पायदान पर खड़ा है?
जोखिम कंहा ज्यादा है ? भरतकुमार सोलंकी, वित्त विशेषज्ञ भा रतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को यदि एक पिरामिड की तरह देखा जाए तो उसके सबसे ऊपरी हिस्से में कुछ गिनी-चुनी कंपनियां दिखाई देती हैं—सेंसेक्स की 30 कंपनियां, निफ्टी की 50 कंपनियां और उसके बाद टॉप 100 और टॉप 500 कंपनियां। लेकिन क्या आपने कभी ठहरकर यह सोचा है कि इस विशाल पिरामिड में आपका पैसा आखिर किस पायदान पर खड़ा है? क्या आपने अपना निवेश इस पिरामिड के ऊपरी मजबूत हिस्से में लगाया है, या फिर उसके नीचे के अस्थिर और कमजोर स्तरों में? शेयर बाजार में अक्सर लोग जोखिम की बात करते हैं। लेकिन क्या सचमुच जोखिम वहां है जहां देश की टॉप 100 या टॉप 500 कंपनियां खड़ी हैं? या जोखिम उस निचले हिस्से में है जहां हजारों छोटी और अनिश्चित कंपनियां मौजूद हैं? क्या आपने कभी अपने निवेश के अनुभव को इस पिरामिड के संदर्भ में समझने की कोशिश की है? ज़रा अपने पिछले वर्षों के अनुभव को याद कीजिए। आपने जो पैसा बाजार में लगाया था, वह किस प्रकार की कंपनियों में गया था? क्या वह टॉप 500 के मजबूत और स्थापित स्तर पर था, या फिर उससे नीचे की उन कंपनियों में ...