पावन सागर जी का चातुर्मास जहाँपनाह वन, नई दिल्ली में
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद ने वन में लिया आशीर्वाद नई दिल्ली :- जैन साधना में जंगल का संबंध शास्त्रीय है। भगवान महावीर सहित 24 तीर्थंकरों ने अपना अधिकांश तप वन में किया। आगम में मुनि के लिए ग्राम, नगर और वन तीनों स्थान बताए, पर सिद्धि वन के एकांत में ही मानी है। इसीलिए पूज्य मुनिश्री पावन सागर जी जैसे मुनिराज वन को साधना भूमि मानते हैं । नगर में धर्म प्रचार, वन में आत्मा का उद्धार। पूज्य मुनिश्री पावन सागर जी महाराज (जंगल वाले बाबा) का चातुर्मास जहाँपनाह वन, नई दिल्ली में होने के संबंध में परिषद को लेकर सामाजिक माध्यमों पर फैली भ्रांतियों का गंभीरता से संज्ञान अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद के मुख्य कार्यालय, कालका जी मंदिर परिसर में पदाधिकारी मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में पूज्य मुनिश्री का चातुर्मास जहाँपनाह वन, नई दिल्ली में होने के संबंध में सामाजिक माध्यमों पर फैली भ्रांतियों का गंभीरता से संज्ञान लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पारस जैन एवं अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी डी आर जैन, सुनील कुमार जैन सागर, अशोक कुमार जैन गुरुग्राम, शकुंतला सिंह सा...