अच्छे कर्म करो,फल अपने आप मिलेगा : मुनिश्री रजतचन्द्र
बैंगलोर जैन सेवा परिषद का कार्यक्रम
मोहनखेड़ा :- महातीर्थ की पावन भूमि पर बैंगलोर जैन सेवा परिषद के तत्वावधान में पिछले दो दिनों से चल रहे प्रशिक्षण शिविर के तहत सुरि ऋषभ गुरुदेव के शिष्य पूज्य मुनिराज श्री रजतचन्द्र विजयजी म.सा.ने अपना उदबोधन दिया। मुनिराज ने प्रशिक्षणाधीन जैन बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे कहीं पर भी जाये, वहां पर ईमानदारी से बिना फल की इच्छा करते हुए अपना कार्य करें। उन्होंने कहा कि अगर आप अच्छा काम करेंगे तो आपका काम बोलेगा, वहां पर आपको कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जो व्यक्ति काम से पहले फल की इच्छा करता है वह कहीं पर भी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है
रजतविजय म सा ने जैन धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैन धर्म में ईमानदारी को ज्यादा महत्व दिया जाता है, इसलिए हमें ईमानदारी से कार्य कर सबकी आँख का तारा बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि जैन धर्म स्थानों पर जैन धर्म के बंधु कार्य करेंगे तो वहां पर ईमानदारी के साथ धर्म की अवहेलना भी नहीं होगी।
प्रशिक्षण शिविर के मुख्य संचालक वसंत भाई वेदमुथा ने कहा कि पूरे भारत वर्ष में यह अनूठी योजना है, जिसके द्वारा जैन धर्म स्थानों पर जैन धर्म के बंधुओं को जाॅब पर रखने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसकी सफलता का राज बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में अब तक 45 बंधुओं को विभिन्न जैन धर्म के स्थानों पर नियुक्ति देकर हम गर्व महसूस कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक जैन धर्म स्थान पर जैन बंधुओं को ही काम करने का मौका मिले। प्रशिक्षण शिविर संचालन समिति के वरिष्ठ सदस्य माणकमल भंडारी ने कहा कि हमें अपने उद्देश्यों से भकटना नहीं चाहिए। भंडारी ने प्रशिक्षणाधीन जैन बंधुओं का आव्हान करते हुए कहा कि अगर वे मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करें तो सफलता उनके कदमों में होगी।
इस अवसर पर संचालन समिति के राजकुमार जैन, जिनेन्द्र गुन्दीगरा सहित कई बंधुओं ने सेवा देकर प्रशिक्षण को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

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