ऋषभजिन ग्रह जिनालय की चल प्रतिष्ठा 14 मई को
पंचान्हिका महोत्सव का शुभारंभ
भायंदर :- ऋषभजिन ग्रह जिनालय की चल प्रतिष्ठा के अवसर पर पंचान्हिका महोत्सव का शुभारंभ सुविशाल गच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य श्री विजय भुवनभानु सूरीश्वरजी महाराजा के प्रशिष्य रत्न वर्धमान तपोनिधि परम पूज्य आचार्य श्री जय वरबोधि सूरीश्वरजी महाराजा आदि ठाणा व साध्वीजी श्री शुभोद्याश्रीज, निरागरसा श्रीजी म.सा.आदि श्रमणी भगवंत की निश्रा में शुरू हुआ।
गुरुदेव् की निश्रा में महोत्सव 10 मई से शुरू हुआ जिसका समापन 14 मई को प्रतिष्ठा होगी।कार्यक्रम के तहत प्रथम दिन पूज्य गुरुभग्वंतो के प्रवेश के बाद बावन जिनालय में आनंद की घड़ी आयी पर विशिष्ट प्रवचन हुआ।द्वितीय दिन FOUR PILLARS OF BEAUTIFUL LIFE (खूबसूरत जीवन के चार स्तंभ),तृतीय दिन प्रभु दूर करो अंधारूरु..पर प्रवचन हुए।13 मई को ऋषभजी बोलावे छे...पैना सपना आवे छे कार्यक्रम संगीतकार मंथन शाह के साथ तथा पंचम दिन जिनालय की मंगल प्रतिष्ठा का वरघोड़ा सुबह 7.30 बजे बालाजी कॉम्प्लेक्म से व उसके बाद 8.30 बजे मंगलकारी मुहूर्त में गुरुभगवंतो के मुखारविंद से मंगल श्लोकों के उच्चारण के साथ प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ प्रभु की मंगलमय प्रतिष्ठा होगी।
प्रतिष्ठा भायंदर (वेस्ट) के मुकुंदम बिल्डिंग में मातुश्री वसंतीबेन पृथ्वीराजजी कारसिया परिवार के गृह आंगन में हो रही हैं।दर्शन वंदन का लाभ ले।

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