करोना काल में मातृशक्ति का योगदान विशेष उल्लेखनीय’: राज्यपाल
ह्युमॅनिटरियन वेल्फेअर ॲन्ड रिसर्च फाऊंडेशन का कार्यक्रम
मुंबई :- करोना काल में डॉक्टर्स, दानदाता लोग, पुलिस , स्वच्छता कर्मचारी व सामान्य नागरिकों ने मन से काम किया। हालांकि, जब किसी ने मरीजों के पास जाने की हिम्मत नहीं की, तो डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स ने लोगों की बहुत सेवा की।करोना काल में मातृशक्ति का योगदान विशेष उल्लेखनीय हैं।
उपरोक्त विचार राज्यपाल भगतसिंग कोश्यारी ने राज भवन में करोना काल में उल्लेखनीय योगदान करनेवाले 34 डॉक्टर्स,दवा निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि,पुलिस अधिकारी,कर्मचारियों व समाजसेवकों को ‘महाराष्ट्र स्टेट चेम्पियन ऑनर्स’ पुरस्कार प्रदान करने के बाद कही।कार्यक्रम का आयोजन ह्युमॅनिटरियन वेल्फेअर ॲन्ड रिसर्च फाऊंडेशन की और से किया गया था। इस अवसर पर संस्था की अध्यक्षा क्रिस्टीन स्वामिनाथन व आरती नोटीयाल उपस्थित थी।
कार्यक्रम में डॉ.वर्नोन वेल्हो, डॉ. श्रीनिवास चव्हाण, डॉ. विनायक सावर्डेकर,डॉ.भूषण वानखेडे,डॉ. दिनेश कुडवा डॉ. चंद्रिका कुडवा,डॉ.अनिरुद्ध अर्जुन माळगावकर,डॉ. आशुतोष खटावकर,डॉ. भरत पाठक,डॉ.पल्लवी सिंह ,दारा पटेल,सौरभ कुमार गुप्ता, छाया अविनाश कुबल, डॉ. अनिल के मुरारका,सुरेश अग्रवाल,रोहित वर्मा,भालचंद्र बर्वे,एस के सिंह ,विकास शर्मा, पराग छापेकर,सुभाष शंकर पुजारी,योगेश आधार शिवडे, मुकुंद परशुराम काळे,सखाराम धुरी,रायझन स्वामीनाथन,सुप्रिया विजय वाघमारे, प्रेमलता लक्ष्मीकांत मौर्य,शशांक धनंजय रावले,संतोष भागवत राऊत,प्रदीप (राजू) मोरे,सुनील नारायण पाटील,अजित अनिल कुलकर्णी,सीमा एम. अडसूळ को राज्यपाल ने सम्मानित किया।

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