दिल्ली-NCR में तप-साधना की लहर, चातुर्मास में अनेक श्रावक-श्राविकाएं कर रहे दीर्घ तप
आचार्य महाश्रमण की निश्रा में धर्ममय हुई नई दिल्ली
हरीश जैन/बरडिया
नई दिल्ली :- परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी के पावन चातुर्मास के दौरान दिल्ली एवं एनसीआर में तप, त्याग और संयम की प्रेरक लहर दिखाई दे रही है। धर्मसंघ के 10 सिंघाड़ों का चातुर्मास दिल्ली को प्राप्त होने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में श्रावक-श्राविकाएं विविध एवं दीर्घ तपस्याओं के माध्यम से आत्मसाधना कर रहे हैं। तपस्वियों के अनुमोदना कार्यक्रमों से भी आध्यात्मिक वातावरण निरंतर सघन हो रहा है।
चातुर्मास में तप-साधना का यह प्रेरणादायी क्रम निरंतर गतिमान है। श्री बिमल बैद ने 58 दिनों की तपस्या पूर्ण कर अपना तप आगे भी जारी रखा है। वहीं 19 वर्षीय मास्टर अमन बुच्चा ने 31 दिनों की तपस्या पूर्ण कर आचार्यश्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य में पारणा किया। श्रीमती अमराव देवी दुगड़ एवं श्रीमती फूल देवी बिनाकिया की 18 दिनों की तप-साधना जारी है, जबकि श्री संदीप संचेती ने 14 दिनों की तपस्या पूर्ण की है। श्री शांति लाल जी सेठिया तथा 68 वर्षीय श्रीमती कलकत्ती देवी डोसी 11 दिवसीय तप में गतिमान हैं।
तप की इस आध्यात्मिक यात्रा में श्वेता डागा ने 9 दिनों का तप पूर्ण किया, जबकि स्नेहा बेंगानी एवं श्री भरत कुण्डलिया ने 8 दिवसीय तप किया। श्री मनोज कोटेचा एवं श्रीमती सुमन सिंघी ने 7 दिनों की तपस्या पूर्ण की है। श्री अशोक सिंघी का तप 8वें दिन के आगे भी गतिमान है। विशेष आकर्षण 12 वर्षीय कनिशा हिरावत की तप-साधना है, जिन्होंने 5 दिन का तप पूर्ण कर 9 दिनों का भाव रखा है।
इसी क्रम में तपस्वी श्री बिमल बैद की तप-साधना के दौरान 12 अगस्त को शाहदरा में शासनश्री मुनि श्री विमल कुमार जी ठाणा-4 की प्रेरणा से उनके निवास पर अनुमोदना एवं सातापृच्छा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद 13 अगस्त को परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी श्री रविप्रभा जी आदि ठाणा-5 के पावन सान्निध्य में तेरापंथ भवन, सूर्यनगर, गाजियाबाद में तपस्या का प्रत्याख्यान एवं तप अनुमोदना कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोनों कार्यक्रमों में धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं एवं सभा पदाधिकारियों ने सहभागिता करते हुए तपस्वी के तप, त्याग एवं संयम की अनुमोदना की।
इस अवसर पर आचार्यश्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष श्री कन्हैयालाल जैन पटावरी, महामंत्री श्री सुखराज सेठिया, उपाध्यक्ष श्री बजरंग बोथरा, जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के अध्यक्ष श्री बिमल बेंगानी, महामंत्री श्री प्रदीप संचेती, उपाध्यक्ष श्री प्रमोद घोड़ावत, श्री लक्ष्मीपत बोथरा, श्री आनंद बुचा, श्री अशोक संचेती, श्री कमल गांधी एवं श्री संजय संचेती ने तपस्वियों के आध्यात्मिक पुरुषार्थ की अनुमोदना करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के सांस्कृतिक प्रभारी श्री जय सिंह दुगड़, श्री ललित श्यामसुखा एवं उनकी टीम द्वारा भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, जिससे तप अनुमोदना कार्यक्रमों का वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक बन रहा है।
जैन दर्शन में तप को आत्मशुद्धि, कर्मनिर्जरा और संयम का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। मीडिया प्रभारी श्री हरीश जैन बरडिया ने कहा कि आचार्यश्री महाश्रमण जी की प्रेरणा एवं साधु-साध्वियों के सान्निध्य में चातुर्मास के दौरान चल रही दीर्घ तपस्याएं समाज में त्याग, आत्मानुशासन और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत कर रही हैं।

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