मुनि श्री उदित कुमार जी बहुश्रुत परिषद के संयोजक मनोनीत

मुनि श्री सुमति कुमार जी को परिषद का सदस्य दायित्व 

हरीश जैन


नई दिल्ली :- 
तेरापंथ धर्मसंघ के युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी ने महती कृपा करते हुए बहुश्रुत मुनि श्री उदित कुमार जी को बहुश्रुत परिषद का संयोजक तथा मुनि श्री सुमति कुमार जी को परिषद का सदस्य मनोनीत किया है। इस निर्णय से दिल्ली सहित पूरे देश के तेरापंथ समाज में हर्ष एवं आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण है।

वर्तमान में मुनि उदित कुमारजी पीतमपुरा, दिल्ली में विराजित हैं। बहुश्रुत परिषद तेरापंथ धर्मसंघ की आगम, साहित्य एवं ज्ञान-परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दोनों संतों को परिषद में दायित्व प्रदान किया जाना धर्मसंघ की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दिल्ली तेरापंथ सभा ने जताई कृतज्ञता

इस अवसर पर आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष कन्हैयालाल जैन पटावरी, समाजभूषण मांगीलाल सेठिया, जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के अध्यक्ष बिमल कुमार बेंगानी, महामंत्री प्रदीप संचेती एवं निवर्तमान अध्यक्ष  सुखराज सेठिया ने परमपूज्य आचार्यश्री के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मुनि उदित कुमारजी को बहुश्रुत परिषद का संयोजक तथा मुनि सुमति कुमारजी को सदस्य मनोनीत किया जाना धर्मसंघ की ज्ञान-परंपरा को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है। दोनों संतों की विद्वत्ता, साधना एवं अनुभव से परिषद को नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त होगी तथा यह दायित्व आगम साहित्य एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।उन्होंने दोनों मुनिवरों के प्रति अनंत-अनंत आध्यात्मिक मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने ज्ञान, साधना एवं पुरुषार्थ से इस महत्वपूर्ण दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

प्रचार-प्रसार प्रभारी श्री हरीश जैन ने जानकारी देते हुए कहा कि पूज्य गुरुदेव आचार्यश्री महाश्रमण जी द्वारा किए गए ये दोनों मनोनयन तेरापंथ धर्मसंघ के लिए गौरवपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने कहा कि आचार्यश्री की दूरदर्शी दृष्टि एवं कृपादृष्टि में धर्मसंघ की ज्ञान-परंपरा निरंतर समृद्ध हो रही है। बहुश्रुत परिषद को मिली ये नई जिम्मेदारियां आगम, साहित्य और आध्यात्मिक ज्ञान की परंपरा को और अधिक सशक्त एवं व्यापक बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।उन्होंने कहा कि दिल्ली का तेरापंथ समाज दोनों मुनिवरों के प्रति आध्यात्मिक मंगलकामनाएं प्रेषित करता है तथा पूज्य गुरुदेव के प्रति इस महती कृपा के लिए हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता है।



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