बरसात में जीवनलाल जैन की चाय बनी यादों और सेवा की गर्माहट

सेवा, संघर्ष और इंसानियत से जुड़ी एक पूरी कहानी


नागदा :-
बरसात और चाय का रिश्ता ही कुछ खास है, लेकिन जब चाय नागदा के जीवनलाल जैन के हाथों की हो, तो उसका स्वाद ही नहीं, उससे जुड़ी यादें भी दिल को छू जाती हैं।

कभी नागदा रेलवे स्टेशन पर रहने वाले बेघर और जरूरतमंद लोगों को चाय एवं जरूरत का सामान बांटने से शुरू हुई सेवा आज एक अलग पहचान बन चुकी है। कमाई की चिंता नहीं, स्वास्थ्य की चिंता नहीं—निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा को अपना जीवन समर्पित करने वाले जीवनलाल जैन ने अपने इस छोटे से काम को नागदा की एक अलग पहचान बना दिया है।

कोरोना काल के कठिन दौर में, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरते थे, तब जरूरतमंदों तक पहुंचकर सेवा करने का उनका जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बना। चाय का काम भले ही नाम से छोटा लगे, लेकिन इसी चाय के माध्यम से उन्होंने इंसानियत, अपनापन और सेवा की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे नागदा लंबे समय तक याद रखेगा।

बरसात की बूंदों के बीच गरमा-गरम चाय की चुस्की अपने आप में खास होती है, लेकिन जीवनलाल जैन के हाथों की चाय में मेहनत के साथ अपनापन और वर्षों की यादों का स्वाद भी घुला हुआ है। नागदा की पहचान बन चुकी इस खास चाय के पीछे केवल एक चायवाला नहीं, बल्कि सेवा, संघर्ष और इंसानियत से जुड़ी एक पूरी कहानी है।

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