2 अगस्त को मां तू ही मां पर जाहिर प्रवचन

चातुर्मास प्रवचन के ग्रंथ वोहराये


भायंदर :- शहर के प्रथम जैन मंदिर श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ जैन संघ में बिराजमान श्री आल्म वल्लभ समुद्र इन्द्र रत्नाकर के क्रमिक पद्धर परम पूज्य वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य देव श्री धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी म. सा. के आज्ञानुवर्ती साध्वी  बरखेडा तीर्थ उद्वारिका, महत्तरा शासन दिपिका साध्वी श्री सुमंगला श्रीजी म.सा की शिष्या परम विदुषी साध्वी प्रफुल्लप्रभा श्रीजी म. सा. की शिष्या साध्वी श्री पूर्णकला श्रीजी म. सा. की शिष्या सोम्यकला श्रीजी (नानकी म.सा.) द्वारा चातुर्मास दौरान जिन ग्रंथों से प्रवचन होगा वो श्री गौतम प्रच्छा ग्रन्थ, श्री जिनसेन रामसेन चरित्र ग्रन्थ को वोहराने का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

संघ के तत्वावधान में लाभार्थी परिवार के घर से वाजते गाजते लाये गए।ग्रन्थ वोहराने के लाभार्थी में संजय बाबुलालजी राठौड़ रानीगांव दोनों ग्रंथ की अन्य  पूजा के लाभार्थी जिसमे अष्ट प्रकारी पूजा हनुमानमल महावीर दुग्गड श्री मतिज्ञान कंचनबेन चम्पालालजी धोका,श्री श्रुतज्ञान रमेश मोहनराजजी बंबोरी, अवधि ज्ञान,कंचन बेन इन्द्रचंदजी बम्बोली, मन:पर्यव ज्ञान ललित मोहनराजजी बंबोरी,श्री केवलज्ञान श्रेणिक  मुन्नालालजी मेहता परिवार थे।


इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वीजी ने ज्ञान व गुरु की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि जीवन को सफल बनाने के लिए सभी ज्ञान आवश्यक हैं।तप के साथ ज्ञान की आराधना भी परम आवश्यक हैं।2 अगस्त को मां तू ही मां पर सुबह 9 बजे जाहिर प्रवचन व सुबह 10 से दोपहर 01बजे तक चिकित्सा शिविर व 16 अगस्त को भगवान नेमिनाथजी का जन्म कल्याणक मनाया जाएगा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"ॐ ह्रीं श्रीं अर्हम् नमः के सवा लाख जाप

देशभर में गच्छाधिपति के चातुर्मास

राजस्थान की दिव्या जैन का गुजरात न्यायिक सेवा में जज पद पर चयन