2 अगस्त को मां तू ही मां पर जाहिर प्रवचन
संघ के तत्वावधान में लाभार्थी परिवार के घर से वाजते गाजते लाये गए।ग्रन्थ वोहराने के लाभार्थी में संजय बाबुलालजी राठौड़ रानीगांव दोनों ग्रंथ की अन्य पूजा के लाभार्थी जिसमे अष्ट प्रकारी पूजा हनुमानमल महावीर दुग्गड श्री मतिज्ञान कंचनबेन चम्पालालजी धोका,श्री श्रुतज्ञान रमेश मोहनराजजी बंबोरी, अवधि ज्ञान,कंचन बेन इन्द्रचंदजी बम्बोली, मन:पर्यव ज्ञान ललित मोहनराजजी बंबोरी,श्री केवलज्ञान श्रेणिक मुन्नालालजी मेहता परिवार थे।
इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वीजी ने ज्ञान व गुरु की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि जीवन को सफल बनाने के लिए सभी ज्ञान आवश्यक हैं।तप के साथ ज्ञान की आराधना भी परम आवश्यक हैं।2 अगस्त को मां तू ही मां पर सुबह 9 बजे जाहिर प्रवचन व सुबह 10 से दोपहर 01बजे तक चिकित्सा शिविर व 16 अगस्त को भगवान नेमिनाथजी का जन्म कल्याणक मनाया जाएगा।


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