महाश्रमण भवन में गूंजी भक्ति की स्वर लहरियां, भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश समारोह संपन्न
भक्तिमय बना वातावरण, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की सहभागिता
नई दिल्ली, 19 जुलाई। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली एवं आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान सुशिष्य मुनिश्री जय कुमार जी ठाणा-3 के चातुर्मासिक मंगल प्रवेश समारोह का आयोजन महाश्रमण भवन, अध्यात्म साधना केंद्र, महरौली में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
प्रचार-प्रसार प्रभारी हरीश जैन ने बताया कि समारोह का शुभारंभ भक्तामर अनुष्ठान से हुआ।धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री जय कुमार जी ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन में कहा कि संयम, सेवा, संस्कार एवं आत्मकल्याण ही जीवन की वास्तविक पूंजी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे धर्म को केवल आस्था तक सीमित न रखकर अपने व्यवहार और जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएं। मुनिश्री ने कहा कि संतों का सान्निध्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनता है और आत्मचिंतन, साधना तथा सदाचार के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
मुदित मुनि ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरक उद्बोधन में कहा कि जीवन की वास्तविक समृद्धि बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सदाचार और आध्यात्मिक जागृति में निहित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दैनिक जीवन में धर्म, अहिंसा, करुणा, आत्मानुशासन एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। दोनों संतों के प्रेरणादायी उद्बोधनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, साधना एवं संस्कारमय जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और गुरु-भक्ति से ओत-प्रोत हो उठा।
इसके पश्चात दक्षिण दिल्ली तेरापंथ महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के सांस्कृतिक प्रभारी जय सिंह दुगड़, ललित श्यामसुखा एवं उनकी टीम ने भावपूर्ण स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण बना दिया। दक्षिण दिल्ली सभा के अध्यक्ष प्रदीप खटेड़ ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए मुनिश्री का अभिनंदन किया। इसके उपरांत अणुव्रत न्यास की ओर से डालमचंद बैद ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में अणुव्रत एवं संत-सान्निध्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
समारोह में असम की वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया उद्यमी मनोरंजना गुप्ता की विशेष उपस्थिति रही। कन्हैयालाल जैन पटावरी विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागी बने। इसके अतिरिक्त अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के मुख्य न्यासी तेजकरण सुराणा, जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के उपाध्यक्ष संजय खटेड़, सुखराज सेठिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए आयोजन की शोभा बढ़ाई। तेरापंथ युवक परिषद (टीवाईपी) के अध्यक्ष मनीष महनोत ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में युवाओं से संत-सान्निध्य का लाभ उठाने का आह्वान किया।
समारोह में तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल, विभिन्न क्षेत्रीय सभाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के महामंत्री प्रदीप संचेती ने किया। संदीप डूंगरवाल ने सभी विशिष्ट अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, पदाधिकारियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। आयोजन की समस्त व्यवस्थाएं एवं तैयारियां सभा के महामंत्री प्रदीप संचेती एवं उपाध्यक्ष अशोक संचेती के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं, जिनमें विभिन्न समितियों, स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
समारोह श्रद्धा, भक्ति और गुरु-निष्ठा का अनुपम संगम बना। भक्तामर अनुष्ठान, मंगलाचरण, स्वागत गीत, संतों के प्रेरणादायी प्रवचनों एवं श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे आयोजन को भव्य, प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय बना दिया।

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