गुरु भक्ति का महाकुंभ: 19 जुलाई को इन्दौर में नित्यसेन सूरीश्वरजी का भव्य प्रवेश

ऐतिहासिक चातुर्मास प्रवेशोत्सव की तैयारियां 

दीपक जैन


इंदौर :-
मालवा की इन्द्रपुरी इन्दौर इस वर्ष गुरु राज स्पर्श चातुर्मास –2026 के ऐतिहासिक प्रवेशोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। प्रभु श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. के जन्म द्विशताब्दी वर्ष को समर्पित इस भव्य आयोजन के तहत 19 जुलाई  रविवार को पूज्य पुण्यसम्राट, युगप्रभावकाचार्य गुरुदेव श्री विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर, धर्मदिवाकर, हृदयसम्राट,गच्छाधिपति पूज्य श्री विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आदि श्रमण-श्रमणी वृंद का भव्य चातुर्मास प्रवेश होगा।

परिषद के राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया की गच्छाधिपति श्री आदि ठाणा 5 जुलाई को कसरावद मे विराजमान है।आगे विहार कर बड़वाह पहुंचेंगे, जहां वे  श्री सर्व संभवनाथ मंदिर जी की प्रतिष्ठा हेतु 10 से 12 जुलाई तक  भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव में निश्रा प्रदान करेंगे। इसके पश्चात 13जुलाई को विहार कर इन्दौर पहुंचकर 19 जुलाई को चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश करेंगे।

चातुर्मास प्रवेश के अवसर पर शहर में आस्था का विराट शोभायात्रा जुलूस निकलेगा, जिसमें हजारों गुरु भक्त धर्मध्वजाओं के साथ शामिल होंगे। सुसज्जित बैंड, आकर्षक धार्मिक झांकियां, पारंपरिक वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शोभायात्रा की भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाएंगी।

महिला मंडल द्वारा भव्य कलश यात्रा आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के सदस्य अपनी-अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, महिला परिषद, बहू परिषद तथा श्री राजेन्द्र महिला मंडल के सदस्य भी संस्था के बैनर एवं पारंपरिक परिधान में अनुशासित रूप से सहभागिता करेंगे।

चातुर्मास प्रवेशोत्सव के दौरान धर्मसभा, गुरु वंदना, मंगल प्रवेश एवं विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ के तत्वावधान में होगा। चातुर्मास समिति ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"ॐ ह्रीं श्रीं अर्हम् नमः के सवा लाख जाप

पर्युषण महापर्व के प्रथम पांच कर्तव्य।

देशभर में गच्छाधिपति के चातुर्मास