पद देने का उद्देश्य अनुशासन, नेतृत्व और सेवा-भाव को बढ़ावा देना है

एस.एल. पोरवाल स्कूल में इन्वेस्टिचर सेरेमनी का आयोजन


भायंदर :
अनुशासन, नेतृत्व और सेवा-भाव को बढ़ावा देने के अलावा इन्वेस्टिचर सेरेमनी का उद्देश्य केवल बच्चों को पद और बैज देना नहीं है,बल्कि यह समारोह दरअसल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की एक महत्वपूर्ण सीढ़ी है।

उपरोक्त विचार एस.एल. पोरवाल स्कूल की प्रिंसिपल अंजू सिंह  ने परिसर में आयोजित "इन्वेस्टिचर सेरेमनी"(पदग्रहण समारोह) में व्यक्त किये। विद्यालय परिसर इस अवसर पर देशभक्ति, उत्साह और गरिमा से सराबोर नजर आया।सिंह ने विश्वास जताया कि यह छात्र परिषद विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आत्मविश्वास का विकास, टीम-वर्क की भावना,निर्णय लेने की क्षमता आदि हैं, क्योंकि जब एक विद्यार्थी को स्कूल की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो उसमें अपने निर्णयों पर भरोसा और खुद को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास आता है। मंच पर बोलना, अनुशासन बनाए रखना और समस्याओं का समाधान करना उसे निडर बनाता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद बैंड की धुनों के साथ नव-निर्वाचित छात्र परिषद ने मार्च-पास्ट किया। विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में अभिभावक इस समारोह में उपस्थित रहे।अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों से कहा कि "नेतृत्व केवल पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ यदि आप अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे तो न केवल विद्यालय का नाम रोशन होगा, बल्कि आप देश के अच्छे नागरिक भी बनेंगे।"

समारोह का मुख्य आकर्षण नव-निर्वाचित छात्र परिषद के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण था। हेड बॉय, हेड गर्ल, हाउस कैप्टन, स्पोर्ट्स कैप्टन, डिसिप्लिन हेड सहित सभी पदाधिकारियों को अतिथियों द्वारा बैज पहनाए गए और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।शपथ लेते समय सभी छात्र-नेताओं ने विद्यालय की मर्यादा बनाए रखने, साथियों का मार्गदर्शन करने और विद्यालय के नियमों का पालन करवाने का संकल्प लिया।











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