देलवाड़ा की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए कार्य करें :- आचार्य हेमवल्लभ
सादगीपूर्ण तरीके से किया चातुर्मास प्रवेश प्रवेश
सिरोही :- जैन संत आचार्य हेमवल्लभ सूरीश्वरजी म.सा. का इस बार माउंट आबू के देलवाड़ा जैन मंदिर में चातुर्मास हो रहा है। सैकड़ों अनुयायियों की मौजूदगी में बेहद ही सादगीपूर्ण तरीके से प्रवेश किया। देलवाड़ा जैन मंदिर में यह उनका पहला चातुर्मास होगा।
जैन संत हेमवल्लभसूरी महाराज के मंदिर में प्रवेश के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। इससे पूर्व उनके मंदिर पहुंचने पर सेठ श्री कल्याण परमानन्द ट्रस्ट अध्यक्ष पंकज कुमार गांधी, सचिव पारसमल सिंघवी, ट्रस्टी कुमार सेठ, राजीव सोलंकी, अनुभव सिघीं, मुख्य टीलायत परिवार के कमलेश चौधरी, दिलीप वहीत्रा, तीर्थ प्रबंधक गोरधनसिंह व अन्य जैन श्रावको ने शास्त्रोंक्त विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर उनका अक्षत से वधामणा कर भावभीना सामैया किया। आचार्य ने तीर्थ में मूलनायक के रूप में विराजित भगवान आदेश्वर दादा के दर्शन वंदन किए।
इस मांगलिक वेला पर संगीतज्ञ कमलेश चौधरी ने सुमधुर सुरों में मंगल गीतों की प्रस्तुति दी। मंगल गीतों की गूंज के बीच आचार्य भगवंत ने जयकारों के साथ तीर्थ परिसर के उपाश्रय में प्रवेश किया। मांगलिक श्रवण करवा कर सभी को मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा कि इस वर्षावास में सभी को धर्म आराधना करते हुए ज्यादा से ज्यादा तप, आराधना करते हुए ज्ञान अर्जित करना हैं।
देलवाड़ा जैन तीर्थ पर यह पहला अवसर हैं जब यहां आजीवन आयंबिल के तपस्वी आचार्य हेमवल्लभसूरी चातुर्मास कर रहे है जो जैन समाज के लिए एक गौरव है। देलवाड़ा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंकज गांधी ने सकल श्री संघ सिरोही की ओर से आभार प्रकट किया। चातुर्मास प्रवेश के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने भाग लेकर उनके दर्शन वंदन का लाभ लिया। आचार्य ने सामुहिक मांगलिक सुनाकर श्रद्धालुओं को इस अति प्राचीन तीर्थ एवं अलौकिक धरोहर के संरक्षण एवं विकास के लिए आगे आने का आह्रवान किया। यहा यह खास उल्लेखनीय होगा कि देलवाड़ा तीर्थ की 1000 वी वर्षगांठ 2031 में है।

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