गच्छाधिपति नित्यानंद सूरीश्वरजी का चातुर्मास बेंगलुरु में

भव्य ऐतिहासिक महाप्रवेश 19 जुलाई को

दीपक जैन


बेंगलुरु :-
जंगम युग प्रधान, न्यायाभ्योनिधि, पंजाब देशोद्वारक परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री आत्म-वल्लभ-समुद्र-इंद्रदिन्न सूरिजी म.सा. की पाट परंपरा के यशस्वी पट्टधर कल्याणक, भारत दिवाकर, गोडवाड के परमोपकारी, युगदृष्टा, पंजाब केसरी परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री विजय वल्लभ सूरीश्वरजी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति, कल्याणक तीर्थोद्धारक, शासन दिवाकर, शांतिदूत,भारत सरकार द्वारा "पद्मश्री" से विभूषित परम पूज्य गच्छाधिपति, आचार्य श्री विजय नित्यानन्द सूरीश्वरजी म.सा आदि ठाणा का वर्ष 2026 का चातुर्मास फूलों की नगरी बेंगलुरु में हो रहा है।

चातुर्मास शहर के हृदय स्थल लाल बाग रोड स्थित श्री गोडवाड भवन के प्रांगण में श्री गोडवाड़ वल्लभ आयोजक समिति के तत्वावधान में हो रहा है।19 जुलाई को सुबह 7.30 बजे गुरुदेव के प्रवेश के साथ पंन्यास प्रवर धर्मशील विजयजी म.सा.,मुनिराज मोक्षानंद विजयजी म.सा.,मुनिराज धरणेन्द्र विजयजी म.सा., मुनिराज  ज्ञानानंद विजयजी म.सा.,तपस्वी मुनिराज परमानंद विजयजी म.सा. आदि ठाणा के अलावा साध्वी सिद्ध प्रज्ञा श्रीजी म.सा., साध्वी रश्मि प्रज्ञा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का भी प्रवेश होगा।

मोक्षानंदजी ने बताया कि 17 जुलाई को भव्य संक्रांति महोत्सव व रविवार,19 जुलाई को सुबह 7.30 बजे भव्य महा-प्रवेशोत्सव होगा।प्रवेश के बाद सुबह 10 बजे जैन हाइट्स (सोलस-1) (श्री गोडवाड भवन) में होगी।चातुर्मास समिति के  सुराणा,विक्रम करबावाला व सकल जैन समाज ने कार्यक्रम पश्चात साधर्मिक भक्ति का लाभ व दर्शन वंदन का लाभ देने की विनंती की है।

गोडवाड़ को समर्पित भवन - गच्छाधिपति की रही प्रेरणा


समय की आवश्यकता को भांपते हुए गोडवाड के समर्पित सेवाभावी बंधुओं ने समाजोपयोगी भवन निर्माण हेतु 18500 वर्ग फीट के भूखंड की खरीदी की। सौभाग्य से आचार्य भगवंत श्री नित्यानंद सूरीश्वर जी की पावन उपस्थिति व आशीर्वाद से वर्ष 2003 में भवन का भूमिपूजन हुआ। इस विशाल भूखंड पर 60 हजार वर्ग फीट के बांध काम जिसमें दो बड़े हॉल (रिसेप्शन व डायनिंग), एक अन्य हॉल, टेरेस गॉर्डन सहित 35 रूम बनें। बहुउपयोगी भवन की मांग बढ़ने के साथ अधिक कमरों की आवश्यकता महसूस हुई और सकल जैन संघ के सहयोग से अतिथि भवन का भी निर्माण करवाया गया। जिसमें करीब 50 कमरे, एक हॉल व नियमित भोजनशाला भी प्रारंभ हुई। 

शहर की परिधि में 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुगों को निःशुल्क टिफिन पहुंचाने की भी व्यवस्था है जो भोजनशाला नहीं आ सकते हैं। दानदाताओं के सहयोग से स्व बंधुओं को निःशुल्क दवाईयां भी संप्रेषित की जा रही है। कोविड महामारी में उदारमना के सहयोग से 40 दिनों तक प्रतिदिन 15 हजार लोगों को भोजन पैकेट पहुंचाएं गए। दुसरी व तीसरी लहर में भी सेवाएं दी।चातुर्मास के दौरान महापर्व पयुर्षण में भी रात्रि भोजन त्याग की भावना वाले स्व बंधुओं के लिए लाभार्थी परिवार के सहयोग से करीब एक दशक से चौविहार हॉऊस की व्यवस्था है। गोडवाड़ भवन के बैसमेंट में स्थित वातानूकुलित मुछाला महावीर हॉल है जहां शहर की विविध संस्थाओं की मिटिंगें आयोजित होती है जिसे निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है।

प्रतिबद्धता व समर्पण स्वरूप गोडवाड़ भवन जैन ट्रस्ट के तत्वावधान में सकल जैन समाज के उदारमनाओं के सहयोग से जैन जागृति योजना का शुभारंभ वर्ष 2022 में प्रारंभ हुआ जिसमें तीसरे बच्चे के जन्म होने पर उनके निवास पर पहुंच कर ससम्मान प्रोत्साहन राशि दी जा रही है तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी दी जाती है। गुरु वल्लभ के उपकारों से उपकृत बेंगलुरु के गुरु भक्तों ने सही मायने में गुरू वल्लभ के सपने शिक्षा, चिकित्सा, साधर्मिक सेवा, स्वावलंबी बनाना आदि अनेक विध कार्य संपादित कर सच्चे अर्थों में स्वामीवात्सलय किया है। गुरु भक्तों की भावना थी कि हम गुरु वल्लभ के आदर्शों पर चलते हुए गच्छाधिपति शांतिदूत आचार्य प्रवर का चातुर्मास बेंगलुरु में करवाएं। करीब 23 वर्षों के बाद हमारी भावना फलीभूत होने जा रही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि गुरुदेव की प्रेरणा और निश्रा में हम संघ समाज और साधर्मिक सेवा के क्षेत्र में ठोस रचनात्मक कार्य करेंगे।

प्रभु भक्ति.... गुरु कृपा.... दान... और अनेकविध धार्मिक अनुष्ठानों को समर्पित है यह भवन।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"ॐ ह्रीं श्रीं अर्हम् नमः के सवा लाख जाप

पर्युषण महापर्व के प्रथम पांच कर्तव्य।

देशभर में गच्छाधिपति के चातुर्मास