1008 विद्यर्थियों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण
इंटरनेशनल भक्तामर हीलिंग एंड रिसर्च फाउंडेशन का कार्यक्रम
सदलगा (बेलगावी), कर्नाटक :- परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं परम पूज्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज की जन्मभूमि सदलगा में इंटरनेशनल भक्तामर हीलिंग एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा 1008 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल बैग, रजिस्टर एवं कॉपियों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सदलगा के एक-एक बच्चे से अत्यंत आत्मीय भाव से प्रार्थना की गई। जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में बच्चों से कहा गया"बच्चों, तुम्हारे चरण छूता हूँ। आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है, स्कूलों में अंडा मत खाना।"
इसके बाद एक हजार से अधिक बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी और रजिस्टर वितरित किए गए। लेकिन कार्यक्रम का सबसे भावुक और अविस्मरणीय दृश्य कुछ और ही था। हमें तो कन्नड़ भाषा भी नहीं आती, लेकिन ऐसा लगा जैसे बच्चों के दिलों ने हमारी भाषा समझ ली हो।
मंच पर आने वाला एक-एक बच्चा, बार-बार मना करने के बाद भी, श्रद्धा और प्रेम से चरण स्पर्श करके आगे बढ़ रहा था। हम स्वयं संकोच से भर गए। वह दृश्य सचमुच मन को मोह लेने वाला था। उस क्षण ऐसा लगा कि प्रेम, संस्कार और आत्मीयता की भाषा किसी शब्द या भाषा की मोहताज नहीं होती। कहते हैं "जैसा बोओगे, वैसा पाओगे।ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बच्चे मौन भाव से यह संकल्प व्यक्त कर रहे हों "इतनी मुश्किलों के बीच 900 किलोमीटर दूर से आप हमारे लिए खुशियाँ लेकर आए हैं, हम भी आपके बताए संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करेंगे।"
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने इस सेवा एवं संस्कार अभियान की सराहना की। यह आयोजन केवल शैक्षणिक सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के हृदय में संस्कार, आत्मीयता और मानवीय मूल्यों का संदेश छोड़ गया।
इस सेवा अभियान में इंटरनेशनल भक्तामर हीलिंग एंड रिसर्च फाउंडेशन के सीएमडी डॉ. अनीश जैन के साथ नागपुर से वर्षा जैन एवं विद्यांशी जैन, इचलकरंजी से सुमन पाटनी तथा सदलगा से मानिक गड़े सर एवं महावीरजी की विशेष सहभागिता रही। ज्ञात हो फाउंडेशन समाज में शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है।

Waah jay ho
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