विज्ञान दर्शन परियोजना की राज्यपाल ने की VDRO के शोध प्रयासों की सराहना

 लगभग 650 लोगों की उपस्थिति में हुआ भव्य आयोजन, 

‘Basics of Vedic Physics’ का विमोचन और शोधपत्रों की प्रस्तुतियां; 

VDRO के लिए ₹11 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा


मुंबई।
विज्ञान दर्शन रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (VDRO) के तत्वावधान में रविवार को मुंबई के मीरा भायंदर रोड स्थित भारतरत्न लता मंगेशकर नाट्यगृह में ‘विज्ञान दर्शन–वैदिक भारत यंग थिंकर डायलॉग 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिक चिंतकों एवं युवाओं सहित लगभग 650 लोगों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मोहित गौड़ द्वारा विकसित ‘विज्ञान दर्शन’ शोध परियोजना का औपचारिक अनावरण किया। साथ ही परियोजना से संबंधित पुस्तक ‘Basics of Vedic Physics’ का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि विज्ञान दर्शन परियोजना के अंतर्गत तैयार किए गए विभिन्न रिसर्च पेपरों की प्रस्तुतियां रहीं। शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्रों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक चिंतन, विज्ञान तथा आधुनिक अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रस्तुत किया। प्रस्तुत शोध कार्यों के माध्यम से प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने तथा इस क्षेत्र में आगे शोध की संभावनाओं को सामने रखा गया।

इस अवसर पर मोहित गौड़ ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी को ‘ऋत चक्र’ भेंट किया। भारतीय ज्ञान परंपरा में ‘ऋत’ को सृष्टि के प्राकृतिक एवं सार्वभौमिक नियमों से जोड़ा जाता है। इस भेंट को विज्ञान, प्रकृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच समन्वय के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।

VDRO के लिए ₹11 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने VDRO के शोध एवं वैज्ञानिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ₹11 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने संस्था को संरक्षण, मार्गदर्शन और भविष्य में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच संवाद स्थापित करने के ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं में शोध एवं वैज्ञानिक चिंतन को बढ़ावा देने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक अध्ययन को आगे ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

आयोजकों के अनुसार, ₹11 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा VDRO के आगामी शोध कार्यों, प्रयोगशाला विकास, शैक्षणिक गतिविधियों और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकती है। मोहित गौड़ ने कहा कि ‘विज्ञान दर्शन’ केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का संरक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए संस्था और उससे जुड़े शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा है।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं वक्ताओं ने विज्ञान, वैदिक चिंतन, भारतीय ज्ञान प्रणाली और भविष्य की शोध संभावनाओं पर अपने विचार रखे। लगभग 650 लोगों की उपस्थिति, विज्ञान दर्शन परियोजना का अनावरण, ‘Basics of Vedic Physics’ का विमोचन, विभिन्न रिसर्च पेपरों की प्रस्तुतियां तथा राज्यपाल द्वारा आर्थिक सहायता की घोषणा ने इस आयोजन को VDRO के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना दिया।

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