महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का हिंदी में अनुवाद हो :-भगतसिंह कोशियारी
गजापुर का रणसंग्राम पुस्तक का विमोचन
मुंबई :- छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान देनेवाले बाजीप्रभु देशपांडे के पावनखिंडी के इतिहास को बतानेवाली पुस्तक का विमोचन सम्पन्न हुआ.
राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राजयपाल भगतसिंह कोशियारी ने शांतनु परांजपे द्वारा लिखित पुस्तक 'गजापुर का रणसंग्राम' का विमोचन किया.इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र का गौरवशाली इतिहास का हिंदी में भी प्रकाशित होना चाहिए. उन्होंने कहा की यदि महाराष्ट्र के इतिहास को मराठी के साथ हिंदी में भी लिखा जाता है, तो यह अधिक लोगों तक पहुंचेगा.राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में अधिक किले हैं,जिनमें से ऐतिहासिक किलों को संरक्षित किया जाना चाहिए.
इस अवसर पर हेडविग मिडिया हाउस प्रकाशन के चिन्मय पंडित, मुद्रक विशाल देशपांडे, प्रदीप पंडित व अपूर्वा पंडित उपस्थित थे. इस किताब में शिवाजी महाराज के पन्हाला की घेराबंदी से बचने और विशालगढ़ की उनकी सुरक्षित यात्रा,बाजीप्रभु और बंदल सेना के उग्र संघर्ष के साथ-साथ सिद्दी जौहर, हेन्री रेव्हिंगटन, शिवा काशिद,बांदल घराना और बाजीप्रभु घराना के इतिहास की कहानी कहती है.

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