मीरा भायंदर मनपा की नई टैक्स नीति से व्यापारी नाराज

मनपा ने 'अतिरिक्त (अनिधिकृत) निर्माणकार्य' पर लगाया 'टैक्स'

2015-2021 तक वसूला जायेगा 'टैक्स'

व्यापारियों ने की 'टैक्स' को रद्द करने की मांग

 मीरा-भाईंदर :- मीरा - भायंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) की नई टैक्स नीति से मीरा-भाईंदर के व्यापारियों में नाराजगी पसर रही है। व्यापारिक संगठनों ने नयी टैक्स नीति को रद्द करने की मांग की है। गौरतलब है इस वर्ष से मीरा-भाईंदर मनपा ने राज्य सरकार वर्ष 2017 में जारी आदेश के अंतर्गत 'अतिरिक्त निर्माणकार्यों' पर टैक्स के रूप में जुर्माना लेना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि 'अतिरिक्त निर्माणकार्यों' पर टैक्स की दर सामान्य टैक्स से 2 से 3 गुना अधिक है।

● क्या है पूरा मामला

एक उदाहरण से समझते है। उदयसिंह राजपूत का भाईंदर पूर्व में एक गाला है। मनपा के टैक्स विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इस गाले का क्षेत्रफल 472 वर्ग फीट है। राजपूत अभी तक इस गाले का संपत्ति-कर 472 वर्ग फीट के हिसाब से ही भरते थे। अब मनपा द्वारा किये गए सर्वेक्षण के में इस गाले को 572 वर्ग फीट पाया गाया। यानी इस गाले में 125 वर्ग फीट का 'अतिरिक्त (अनिधिकृत) निर्माणकार्य हुआ है। अब मनपा इसी अतिरिक्त (अनिधिकृत) निर्माणकार्य पर टैक्स वसूलने जा रही है। सुविधानुसार इसे टैक्स अथवा जुर्माना कहा जा सकता है। इस टैक्स की दर सामान्य से 2-3 गुना अधिक है। जहाँ 472 वर्ग फीट का टैक्स प्रतिवर्ष 12132 रुपये है तो वही अतिरिक्त ( अनिधिकृत) 125 वर्ग फीट के लिए प्रतिवर्ष 3370 रुपये भरना होगा। गौरतलब है कि अतिरिक्त क्षेत्रफल बढ़ने के साथ दर भी बढ़ जाएगी। बड़ी बात यह है कि मनपा इसकी वसूली वर्ष 2015 से कर रही है।

● व्यापारियों में फैली नाराजगी

भाईंदर स्टील मेनूफ़ैक्चरर एंड ट्रेडर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र मित्तल ने मनपा की नई टैक्स नीति के समय को लेकर सवाल किया है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में जहाँ उधोगों को टैक्स में छूट देनी चाहिए वहाँ उनपर 2015 से जुर्माना वसूलना न्यायसंगत नही है। महाराष्ट्र स्टील उधोग एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेश पांडेय ने आयुत्त से भेंट कर इसे रद्द करने की मांग की है।


● अतिरिक्त टैक्स को लेकर कर सकते है अपील

मीरा-भाईंदर मनपा के कर संकलन अधिकारी सुदामा गोडसे ने बताया कि बढ़े हुए अतिरिक्त टैक्स अथवा क्षेत्रफल को लेकर किसी विवाद की सूरत में अपील किया जा सकता है। अपील में सुनवाई के बाद अतिरिक्त क्षेत्रफल और टैक्स का फैसला किया जायेगा। गोडसे ने कहा कि अभी पहले चरण में केवल नोटिस भेजा जा रहा है। 










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