जैन समाज के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं.
विमलसागर सूरीश्वरजी के दर्शनार्थ पहुंची डिप्टी कलेक्टर
बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वह जीवन में पहली बार किसी जैन साधु के दर्शन कर रही हैं.आचार्यश्री ने उन्हें जैन साधुओं की आचार-मर्यादाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
पूज्यवर ने डिप्टी कलेक्टर को भगवान महावीरस्वामी के कल्याणकारी सिद्धांतों को तार्किक रूप से समझाया.
इस अवसर पर तमिलनाडु अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुधीर लोढ़ा व तिरुपुर, मुम्बई, सूरत, अहमदाबाद, चेन्नई, कोयम्बतूर आदि क्षेत्रों के अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे.
जैनाचार्य की ओजस्वी वाणी से श्रीमती वासुकी इतनी प्रभावित हुई कि वह भक्त की तरह ज़मीन पर नीचे बैठी. गुरुदेव को घर पधारने की विनंती की और कहा कि *मैं बहुत जल्दी ही अपने अन्य अधिकारियों को साथ लेकर आपके दर्शन-वन्दन के लिए पुनः आऊंगी.
श्रद्धेय आचार्यश्री ने डिप्टी कलेक्टर से कहा कि वे अपने अल्पसंख्यक विभाग में जैन समाज के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें