ऐतिहासिक सर्कुलर इकोनॉमी पहल और NSE के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा

 भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड ने अपनी नई राष्ट्रीय पहचान का अनावरण किया

दीपक जैन


मुंबई :-
भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड (पूर्व में बॉम्बे मेटल एक्सचेंज लिमिटेड), जो 1933 से अलौह धातु व्यापार और उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली भारत की शीर्ष संस्था है, ने मुंबई के होटल सहारा स्टार में आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक रूप से भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड के रूप में अपनी नई राष्ट्रीय पहचान का अनावरण किया।

बॉम्बे मेटल एक्सचेंज (BME) लिमिटेड से भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड में यह बदलाव एक्सचेंज के अखिल भारतीय संस्थान के रूप में विकसित होने को दर्शाता है और विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करता है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के प्रबंध निदेशक एवं CEO आशीष चौहान मुख्य अतिथि थे।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) की प्रबंध निदेशक एवं CEO प्रवीणा राय विशेष अतिथि थी।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड के अध्यक्ष सुशील आर. कोठारी के स्वागत भाषण से हुई।चेयरमैन एमेरिटस रिखब वी. मेहता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र के. मेहता ने संबोधित किया।

 महेंद्र के. मेहता द्वारा प्रस्तावित नॉन-फेरस मेटल्स सर्कुलर इकोनॉमी पार्क (BME मेटल हब) की घोषणा थी, जिसकी परिकल्पना महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) के सहयोग से की गई है। इस प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य अलौह धातु क्षेत्र के लिए वेयरहाउसिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग, मूल्य संवर्धन, लॉजिस्टिक्स और संबद्ध बुनियादी ढांचे को समेटे एक विश्वस्तरीय एकीकृत इकोसिस्टम बनाना है। इससे भारत की सर्कुलर इकोनॉमी और सतत औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

उद्योग में उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए, भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड ने वायर और ट्यूब उद्योग में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राम रत्न वायर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र काबरा को इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवॉर्ड के अलावा मैसर्स सूरचंद केवलदास को भी सम्मानित किया, जिनका भारत के अलौह धातु व्यापार में 175 वर्ष की शानदार विरासत और स्थायी योगदान रहा है।इस अवसर पर भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड की पहली सदस्य निर्देशिका का विमोचन हुआ। BME का पहला सदस्यता प्रमाण पत्र कार्यक्रम के प्रायोजक कोपटेक-न्यू इंडिया ग्रुप को सौंपा गया व कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए एक विशेष सीमित-संस्करण कॉपर अलॉय सिक्का भी जारी किया गया।

 मुख्य विशेषता BME और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के बीच रणनीतिक सहयोग का औपचारिक होना था। MoU का आदान-प्रदान सुशील कोठारी, अध्यक्ष, रिखब मेहता, चेयरमैन, आशीष कुमार चौहान, MD & CEO, NSE ,श्रीराम कृष्णन, चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर, NSE द्वारा किया गया। इस साझेदारी का उद्देश्य अलौह धातु डेरिवेटिव्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उद्योग की सहभागिता को बढ़ावा देना और बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों के विकास में मदद करना है। BME और NSE मिलकर जोखिम प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ाने और भारत के कमोडिटी बाजारों को गहरा करने की दिशा में काम करेंगे, जिससे भारत का कमोडिटी इकोसिस्टम और मजबूत होगा।

समारोह में देशभर से अलौह धातु व्यापार और उद्योग के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ कॉर्पोरेट नेता, नीति निर्माता और एक्सचेंज के सदस्य उपस्थित थे। ऐतिहासिक बदलाव का जश्न मनाने के साथ-साथ यह आयोजन भारत के अलौह धातु क्षेत्र के भविष्य के विकास पर नेटवर्किंग, सहयोग और चर्चा के लिए एक उत्कृष्ट मंच भी साबित हुआ।

अपनी नई पहचान और दूरदर्शी पहलों के साथ, भारत मेटल एक्सचेंज लिमिटेड ने भारत के अलौह धातु उद्योग की एकीकृत राष्ट्रीय आवाज के रूप में सेवा करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तथा टिकाऊ धातु इकोसिस्टम बनाने में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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