समस्त जैन समाज से विनम्र निवेदन

तीर्थों को केवल तीर्थ ही रहने दें, पिकनिक स्पॉट न बनने दें।


मारे तीर्थ केवल दर्शनीय स्थल नहीं हैं, वे अनंत सिद्धों, आचार्यों, साधु-साध्वियों एवं असंख्य श्रद्धालुओं की आराधना, तपस्या और भक्ति से पावन बने आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र हैं।

आजकल कुछ स्थानों पर तीर्थयात्रा के दौरान मनोरंजन, रील्स, डांस वीडियो, ऊँची आवाज़ में संगीत तथा पिकनिक जैसी गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं, जो तीर्थों की गरिमा एवं पवित्रता के अनुरूप नहीं हैं।

 आइए, हम सभी मिलकर संकल्प लें 

✅ तीर्थों को केवल तीर्थ ही रहने दें, पिकनिक स्पॉट न बनने दें।

✅ तीर्थ परिसर में मर्यादा, श्रद्धा और शालीनता का पालन करें। 

✅ सोशल मीडिया प्रसिद्धि से अधिक तीर्थ की पवित्रता को महत्व दें। 

✅ अपने बच्चों एवं युवाओं को भी तीर्थ की गरिमा का संस्कार दें।

🙏 विशेष अनुरोध सभी तीर्थ ट्रस्टों एवं प्रबंधकों से 🙏

तीर्थ परिसर में ऐसी स्पष्ट नियमावली बनाई जाए तथा उसका दृढ़ता से पालन करवाया जाए, जिससे तीर्थ की आध्यात्मिक पवित्रता, शांति और गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।

🌺 तीर्थ हमारी आस्था हैं, मनोरंजन का साधन नहीं। 

🌺 तीर्थ हमारी आत्मा के उत्थान का स्थान हैं, प्रदर्शन का मंच नहीं।

आइए, हम सभी मिलकर अपने तीर्थों की पवित्रता की रक्षा करें और आने वाली पीढ़ियों को भी यही संस्कार प्रदान करें।

🙏जैन आजकल न्यूज़ चैनल की समस्त जैन समाज से करबद्ध प्रार्थना एवं विनम्र बिनती। 🙏

"तीर्थ बचेंगे, तो तीर्थंकरों की वाणी और संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी।"



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