अहिल्यानगर (अहमदनगर) की धरा पर चारित्ररत्न विजयजी का आगमन
विविध जैन संघों में होंगें प्रवचन
अहिल्या नगर :- सूरि प्रेम – भुवनभानु समुदाय के जिनशासन के जवाहिर, 451 दीक्षा दानेश्वरी,सूरिप्रेम लब्धप्रसाद,आचार्यदेव श्री विजय गुणरत्न सूरीश्वरजी महाराजा जिन्होंने 72 वर्ष पूर्व श्री अहिल्यानगर जैन संघ में अपने संयम जीवन का सर्वप्रथम चातुर्मास किया व बाद में गुजरात एवं राजस्थान में अपना संपूर्ण संयम जीवन व्यतीत किया था।ऐसे शासन-प्रभावक गुरुदेवश्री के शिष्य परम पूज्य श्रमणि गणनायक आचार्य श्री रश्मिरत्न सूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य कवि ह्रदय पंन्यास प्रवर श्री हीररत्न विजयजी म.सा.के शिष्य,हजारों युवाओं के राहबर, रात्रि प्रवचन के मास्टर–ब्लास्टर, प्रखर प्रवचनकार पंन्यास प्रवर श्री चारित्ररत्न विजयजी म.सा.आदि ठाणा का सर्व प्रथमबार अहिल्यानगर में प्रवेश हो रहा हैं।
चारित्ररत्नजी ने बताया कि सर्वप्रथम बार प्रवेश एव 15 दिवसीय भव्य सार्वजनिक - जाहेर प्रवचन माला नगर के विविध संघों में करने जा रहे है।
प्रवचन तारीख व स्थान इस प्रकार होंगें जिसमें 17 फरवरी श्री हडको जैन संघ, श्री आदेश्वरजी जैन मंदिर, सावेडी नगर, मनमाड रोड, अहिल्यानगर,18 से 22 फरवरी तक श्री ऋषभ–संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर, कापड़ बाज़ार में होगा।उन्होंने बताया कि 23 फरवरी बाद के कार्यक्रम संघों की अनुकूलता अनुसार होंगें।प्रवचन दर्शन का लाभ लेने की विनती संघ ने की हैं।

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