ठाणे में भव्य दीक्षा महोत्सव संपन्न
वैभव बने मुनिराज मनमोहन
ठाणे :- कोंकण शत्रुंजय गुरु वल्लभ नगरी ठाणे नगर में श्री मुनिसुव्रतस्वामी भगवान , श्री ऋषभदेव भगवान ,श्री पार्श्वनाथ भगवान की क्षत्र छाया में श्री आत्म वल्लभ समुद्र इंद्रदिन्न रत्नाकर सूरि गुरुदेव की कृपा दृष्टि से श्री ठाणा जैन संघ में मुमुक्षु वैभव कुमार की दीक्षा हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न हुई।
श्री राजस्थान श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में मुमुक्षु वैभव की दीक्षा पंजाब केसरी,युगवीर जैनाचार्य श्री विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा.समुदाय के गच्छाधिपति, श्रुतभास्कर आचार्य श्री विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म. सा.आदि ठाणा के अलावा ठाणे में बिराजमान अनेक साधु साध्वी वृंद की पावन निश्रा में संपन्न हुई।अब वैभव मुनि मनमोहन के नाम से जाने जाएंगे।दीक्षा के अवसर पर पांच दिवसीय महोत्सव हर्षोल्लास के साथ हुआ।
सरिता बेन नटवरलाल डाह्याभाई परिवार से मुमुक्षु के पिता मेहलू भाई आदि ने गच्छाधिपति को रजोहरण वोहराया एवं दीक्षा की अनुमति दी व गुरुदेव के प्रथम शिष्य गणिवर्य श्री धर्मरत्न विजयजी महाराज के शिष्य के रूप में घोषणा हुई। चारित्र के उपकरणों के चढ़ावों का लाभ अनेक भाग्यशाली परिवारों ने लिया,जिसमे विजय तिलक कुसुमलता धर्मीचंद नाहर खजवाना चेन्नई,नाम घोषणा का भंवरीबेन वक्तावरमलजी दुग्गड आहोर, कांबली अर्पण का चढ़ावा दीपशिखा अनुराग जैन - एम एल बी डी परिवार दिल्ली,साधर्मिक वात्सल्य गुरु रत्नाकर सूरि-धर्मधुरंधर सूरि भक्त परिवार ने लिया।संगीतकार अनिल सालेचा ने भक्ति की रंग जमाया, संचालन सुरेश गुगलिया ने किया।
पूज्य गच्छाधिपति ने अंत में नूतन मुनिराज को हित शिक्षा प्रदान की व ठाणा श्री संघ एवं सभी मंडलों का सदस्यों की सेवा भक्ति के लिए साधुवाद दिया ।

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