दिग्लीपुर और लैंडफॉल द्वीप पर स्वर्णिम विजय वर्ष विजय ज्योति

 प्रमुख बातें:

अंडमान निकोबार कमान के जॉइंट सर्विसेज़ साइकल अभियान का समापन दिगलीपुर में

टीम ने भारतीय नौसेना के जहाज कोहासा के कैप्टन सतीश मिश्रा को विजय ज्योति सौंपी

दिग्लीपुर और आसपास के गांवों की गलियों से गुजरी ज्योति

भारतीय नौसेना के एलसीयू 58 में 60 किलोमीटर जहाज पर यात्रा के बाद लैंडफॉल द्वीप के तट पर पहुंची


नई दिल्ली :-
अंडमान और निकोबार कमान का जॉइंट सर्विसेज साइकिल अभियान, स्वर्णिम विजय वर्ष विजय ज्योति के साथ दिनांक 9 अगस्त, 2021 को डिगलीपुर में समाप्त हुआ। साइकिल चालकों ने पांच दिनों से अधिक समय तक 350 किलोमीटर की दूरी तय की और अभियान का समापन करते हुए स्पोर्ट्स स्टेडियम, डिगलीपुर पहुंचे।

स्टेडियम में भारतीय नौसेना के पोत कोहासा के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सतीश मिश्रा ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ विक्ट्री फ्लेम की अगवानी की। इस कार्यक्रम में उत्तरी अंडमान के सहायक आयुक्त  शैलेंद्र कुमार और डीएसपी डिगलीपुर आर. के. शर्मा ने भाग लिया।

ज्योति को बाद में डिगलीपुर और आसपास के गांवों - एरियल बे, दुर्गापुर, शिबपुर और कालीपुर की प्रमुख सड़कों से ले जाया गया। ज्योति के महत्व और 1971 के युद्ध पर प्रकाश डालने वाले पोस्टर एवं बैनर निवासियों के बीच वितरित किए गए।


भारतीय नौसेना लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (आईएन एलसीयू) 58, आईएनएस सरयू और आईएन एलसीयू 54 के साथ ज्योति डिगलीपुर से रवाना हुई और ख़राब मौसम वाले समुद्र में 60 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद लैंडफॉल द्वीप के तट पर पहुंच गई।

लैंडफॉल द्वीप अंडमान और निकोबार द्वीप श्रृंखला का सबसे उत्तरी द्वीप है। ज्योति अंडमान एवं निकोबार द्वीपों के समुद्र में अपनी समुद्री यात्रा के दौरान, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के भौगोलिक छोरों को छूती हुई गुजरेगी।

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