रक्तदान महान कार्य है :- डॉ सौरभ चोरडिया

रक्तदान शिबीर में 60 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान

मीरारोड : - राज्य में रक्त की कमी को देखते हुए  मीरारोड के वोक्हार्ट अस्पताल ने रक्तदान शिबीर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभर 60 से अधिक रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। जरूरतमंदों को समय-समय पर खून उपलब्ध होना चाहिए, यह इस शिबीर का मुख्य उद्देश है।

अपघात, हृदयविकार, जटील सर्जरी के दौरान मरीज को खून की जरूरत पडती है। ऐसे समय पर रक्तदान से मिले हुए खून का इस्तमाल किया जाता है। इसलिए मरीजों की जान बनाने के लिए रक्तदान करना काफी जरूरी है। रक्त दान करने से ब्लड प्रेशर सामान्य और कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहता है। नियमित रक्तदान करने से हदयरोग, कैंसर सहित अन्य बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, 18 साल से ऊपर का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति साल में दो या तीन बार रक्तदान कर सकता है। जो लोग कोविड से ठीक हो गए हैं, वे आइसोलेशन और टेस्ट नेगेटिव आने के 28 दिनों के बाद ही रक्तदान कर सकते हैं, जबकि टीकाकरण वाले व्यक्ति को 14 दिनों के बाद रक्तदान करने की अनुमति है।

वोक्हार्ट अस्पताल के व्यवस्थापकीय प्रमुख डॉ. सौरभ चोरडिया ने कहॉं की, ‘‘रक्तदान एक महान कार्य है। रक्तदान से हम कई जरूरतमंद मरीज को जान बचा सकते है। इसलिए रक्तदान का काफी महत्त्व है। यह एक नोबेल कार्य भी है। लेकिन रक्तदान के बारे में समाज गलत धारणा के कारण लोग रक्तदान करने से कतराते हैं। इसलिए हमने अस्पताल में रक्तदान शिबीर का आयोजन किया था। इस शिबीर से हमे लोगों का अच्छा योगदान मिला है। इस अभियान में डॉक्टरों सहित लगभग 60 लोगों ने रक्तदान किया।"

वोक्हार्ट अस्पताल के एचआर हेड अलविन कटिन्हा ने कहा की, ‘‘कोविड १९ प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अस्पताल में रक्तदान शिबीर का आयोजन किया था। हाथ मिलाना, गले लगाना और भीड़भाड़ पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। रक्तदाताओं को एक दुसरे से दूर रखा गया था। रक्तदान शिबीर के स्थल पर मास्क, हैंड सैनिटाइज़र, दस्ताने, टोपी, कूड़ेदान जैसी चीजें उपलब्ध थीं और सभी डिस्पोजेबल का सुरक्षित रूप से निपटान किया गया था। रक्तदान करने से पहले दाताओं को पर्याप्त आऱाम करें, हाइड्रेटेड रहें, धूम्रपान, शराब का सेवन न करें और पौष्टिक आहार का सेवन करने को कहा गया था।”

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पर्युषण महापर्व के प्रथम पांच कर्तव्य।

"ॐ ह्रीं श्रीं अर्हम् नमः के सवा लाख जाप

सभी जीवों का मंगल व विश्व मे शांति हो