टॉयलेट मुद्दे पर राजनीति ना करे कांग्रेस :- हसमुख गहलोत

स्वच्छ भारत अभियान में, अब भी खुले में शौच को मजबूर है लोग


भाईंदर :- 
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में  भाजपा की सत्ता के बाद भी इन दिनों शौचालय का मुद्दा राजनीति के केंद्र में बना हुआ है। इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस एक दूसरे के सामने आ चुके है। विगत डेढ़ महीने से जय बजरंग नगर में 20 सीटों वाले शौचालय को तोड़े जाने के बाद परिसर के लोग खुले में शौच करने को मजबूर है।


शौचालय लगाने के लिए कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चार दिन का सत्याग्रह भी किया और स्थानीय भाजपा नगरसेवक पंकज पांडे (दरोगा) ने भी अनशन की चेतावनी भी दी थी। विगत रविवार को 6 सीटों वाला शौचालय परिसर में आ भी गया है कांग्रेस का सत्याग्रह भी टूट गया है। लेकिन आज भी लोगो को शौचालय की सुविधा नही मिली है और लोग खुले में ही शौच को मजबूर है।

टॉयलेट भी आया, सत्याग्रह भी खत्म

लेकिन समस्या नहीं हुई हल



6 सीटों वाले टॉइलेट के आने के बावजूद अभी भी शौचालय को स्थापित नही किया गया है। क्योंकि पूरा क्षेत्र सीआरजेड बाधित क्षेत्र है। गौरतलब है कि यह शौचालय उपमहापौर हसमुख गहलोत अपने खर्च से भाड़े पर लेकर आये है जिसका एक महीने का भाड़ा लगभग 2 लाख रुपये है।


आखिर कब मिलेगा स्थायी समाधान

उपमहापौर हसमुख गहलोत कहते है कि इस संदर्भ में उनकी ठाणे जिलाधिकारी से बात हुई है। सीआरजेड क्षेत्र होने के कारण वहां शौचालय नही लगाया जा सकता है। जल्द ही इस विषय पर कोई स्थायी समाधान निकाला जायेगा। उन्होंने कांग्रेस से राजनीति के बजाय स्थायी समाधान निकालने की बात कही है।

ऐसे मुद्दों पर राजनीति करने की बजाय हल निकाला जाना चाहिए । 










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