भगवान का जन्म कल्याणक संसार से तिराता है- मुनि रजतचंद्र विजय

22 वें तीर्थंकर परमात्मा श्री नेमिनाथ प्रभु का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया


झाबुआ (मध्यप्रदेश) :-
मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी ने कहा आपका जन्मदिन संसार में फंसाता है भगवान का जन्म कल्याणक संसार से तिराता है। उपरोक्त बात गुरुदेव ने भगवान नेमिनाथ के जन्म कल्याणक पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही।इस अवसर पर मुनिश्री ने भगवान के जन्म प्रसंग का वर्णन सुनाया। जैसे ही भगवान ने जन्म तिथि की उद्घधोषणा हुई वैसे ही सभी ने अक्षत उछाले व गोला वधारा । प्रभु आरती व मंगलदीपक लाभार्थी छाजेड़ ने किया। गुरु गौतम स्वामीजी की आरती सुभाष कोठारी को मिली। भगवान के जन्म की बधाई झालर  लोकेंद्र जी बाबेल को व केसर छांटने का लाभ प्रकाश छाजेड़ को प्राप्त हुआ। बहुत ही धूमधाम से हर्षोल्लास से झाबुआ श्री संघ में प्रथम बार ऐसा महामहोत्सव मनाया गया।

सर्वप्रथम उपस्थित जनमेंदनी ने मुनि श्री को वंदन किया । मुनिराज के मंगलाचरण के बाद राज दरबार के सभी पात्रों का आगमन हुआ। जन्म कल्याणक गीत से अहमदाबाद के सिंगर आशीष जैन ने कल्याणक प्रस्तुति की शुरुआत की। देवलोक से भगवान का च्यवण शिवादेवी माता की कुक्षीरत्ना में हुआ । सुंदर संगीतम प्रस्तुति दी गई।  इंद्र का सिहासन कंपित हुआ। 14 स्वप्न में नगर के समाज की छोटी छोटी बालिकाओं ने सुंदर नृत्य किया। राजा रानी लाभार्थी मनोहर छाजेड़ व मंजूबेन बने। इंद्र इंद्राणी अंकित व निक्की बने। प्रियंवदा दासी का सुंदरतम नत्य संवाद हर्षी अंकुर छाजेड़ ने किया। नगर सेठ हार्दिक कोठारी राज ज्योतिषी सेनापति राजपुरोहित जयकटारिया आदि बने । आज मास्टर जीविन छाजेड़ का जन्मदिन भी था संगीतमय बधाई दी गई। सभी पात्रों को राजा बने मनोहर छाजेड़ ने  गिफ्ट दिए। प्रियंवदा को स्वर्ण चैन अर्पण की गई। 

स्वामीवात्सल्य व कार्यक्रम के लाभार्थी परिजनों का गुरु समपर्ण चातुर्मास समिति की ओर से बहुमान किया गया । लाभार्थी की ओर से स्वामीवात्सल्य आयोजित किया गया । लोकेंद्र बाबेल ने प्रभावना वितरण की । तपस्वी के बहुमन के चढ़ावे किये गये। चौबीसी एवं लब्धि तप के तपस्वी के बियासने का लाभ छाजेड़ परिवार को प्राप्त हुआ।प्रातःका सुनील राठौर को एवं शाम का छाजेड़ परिवार को मिला। मुनिश्री जीतचंद्रजी ने गीत गाया। अंत में  

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