युवा मुनिवर नम्ररत्न विजयजी का दुर्घटना में कालधर्म (निधन)

 युवा मुनिवर नम्ररत्न विजयजी का दुर्घटना में कालधर्म (निधन)

राजरत्न सूरिश्वरजी के थे शिष्य

सरकार ठोस निर्णय ले


सरकार को जैन साधुओं के संबंध में ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता है। सरकार या तो बिहार के समय उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाएं अथवा जल्द से जल्द हाईवे पर फुटपाथ का निर्माण होना जरूरी है। गुरु भगवंतो को भी जब तक उजाला नहीं हो जाता है तब तक बिहार से परहेज करना चाहिए। पिछले कुछ समय में हमने सड़क दुर्घटना में अच्छे-अच्छे साधुओं को खोया है। पिछले लंबे समय से उपरोक्त मांगे सरकार से अनेक बार की गई है लेकिन उनकी ओर से सुविधा उपलब्ध करवाने में कोई सकारात्मक नहीं दिखाई दी है। इस तरह से युवा संघ का जाना समाज के लिए बहुत बड़ी क्षति है। हमारे जैन संघ को भी बिहार के बाद गुरुदेव को सुरक्षित रूप से व्यवस्था करनी चाहिए।

दीपक जैन / संपादक

वसई :- पूज्य, प्रौढ़-प्रभावशाली आचार्य भगवंत श्री धर्म-सूर्योदय सूरिश्वरजी म.सा. के पट्टालंकार, शासन-शृंगार आचार्य भगवंत श्री राजरत्न सूरिश्वरजी म.सा. के फाल्गुन वदी 9, दिनांक 12 मार्च गुरुवार को सुबह विहार करके महावीरधाम आ रहे थे,तब सुबह 5:30 बजे के बाद दो गाड़ियों की टक्कर होने से पूज्यश्री के शिष्य युवा मुनिवर श्री नम्ररत्न विजयजी म. सा का कालधर्म (निधन) हुआ है। 

मुनिश्री ने कल ही वर्षीतप प्रारंभ किया था और उपवास किया था। वर्षीतप के दौरान वे कालधर्म को प्राप्त हुए। मुनिश्री श्रुत-अभ्यास और विनयशीलता में अत्यंत श्रेष्ठ थे। अंतिम यात्रा की उछामणी आज दोपहर 2 बजे हुई।बोलियां श्री वसई रोड जैन संघ – अंबाडी रोड उपाश्रय में बोली गई।उसके बाद शाम 4:00 बजे उनकी अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई।




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