जयंतसेन सूरीश्वरजी के अनंत उपकार है हमपर :- वीरेंद्र सकलेचा
सकलेचा ने उनके दर्शन वंदन कर धर्म चर्चा की। उन्होंने उपस्थित लोगों को कहा कि गुरुदेव श्री जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराजा के दर्शन वंदन का लाभ अनेक बार उनको प्राप्त हुआ हे, एवं मुनिराज श्री के भी मध्यप्रदेश में अनेक बार दर्शन का योग बना हे। इस प्रसंग पर त्रिस्तुतिक जैन संघ पाटण की ओर से मंत्रीजी का बहुमान किया गया, मुनिराज श्री ने मंत्रीजी को गुरुदेव श्री लिखित एवं मुनिराज श्री निपुण रत्न विजय जी महाराज लिखित साहित्य स्वाध्याय हेतु प्रदान किया।

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