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सच्चे सिख की Master Key पर निपुणरत्न विजयजी ने किया मार्गदर्शन

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नेनावा नगर में आयोजित दो दिवसीय ज्ञान वर्धक वाचाना श्रेणी संपन्न नेनावा (गुजरात) : -  नगर में गच्छाधिपति श्री विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं श्रमण श्रमणी भगवन्त का चातुर्मास अविस्मरणीय तप त्याग ओर धर्म आराधना के साथ चल रहा हे जिसमे चातुर्मास आयोजक श्री सौधर्म बृहत्तपागच्छीय त्रिस्तुतिक जैन संघ नेनावा द्वारा विभिन्न धार्मिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हे।  कार्यक्रम के तहत 29 ओर 30 जुलाई को नेनावा नगर के बालकों एवं युवा वर्ग के लिए वाचनाश्रेणी का आयोजन हुआ। ,इस वाचनाश्रेणी में सच्चे सुख की master key  के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर मुनिराज श्री निपुणरत्न विजयजी म.सा की दो दिन में 8 वाचना हुई। इस कार्यक्रम में *प्रभुमिलन, संध्याभक्ति* आदि में युवा संगीतकार सिद्ध एवं तनीष की जोड़ी ने संगीत के स्वर से सभी कार्यक्रम को संगीतमय बनाया। बड़ी संख्या मर उपस्थित सभी श्रावक श्राविका ने पुनः वाचनाश्रेणी का आयोजन हो, ऐसी भावना गुरुदेव के समक्ष प्रगट की।

पुणिया श्रावक व सुलसा जैसे व्यक्तित्व का निर्माण पाठशाला गुरुकुल से ही संभव :- पीयूशचंद्र विजयजी

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25 नियमों का नियमित पालन करवाएं :- रजतचंद्र विजयजी तलेगांव - (पुना) :- परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा महातीर्थ  विकास प्रेरक जैनाचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य वरिष्ठ मुनिप्रवर श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा.ने उत्तराध्ययन सूत्रपर प्रकाश डालते हुए कहा, जब जीवन का अंत होने आता है तब हमारी आंखें खुलती है,तब मानव जीवन की महता समझ आती है। इसलिए जागृत  होते हुए धर्म आराधना कर जीवन सार्थक करना चाहिए। पार्श्वनाथ दादा के इतिहास की अद्भुत बातें निरंतर जारी है। ज्ञानशाला नियमावली का विमोचन श्रीसंघ के सदस्य अनिल महेता,भंवर सोलंकी, रमेशजी, दिनेशजी, प्रकाशजी किरणजी एवं चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी रवींद्र हस्तीमल के कर कमलो द्वारा किया गया। इस मौके पर मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी एवं मुनिश्री प्रीतियश विजयजी ने कहा प्रतिदिन 25 नियमों का पालनकर विशेष गुणों के अधिकारी बने। सभी माता-पिता अपने बच्चों को नियमावली चार्ट से जोड़े एवं बच्चों को ज्ञान संपन्न एवं गुण संपन्न बनावे। म.सा.ने कहा बच्चे ज्ञान संपन्न बनेंगे,ज्ञानशाला से जुड़ेंगे तो भविष्य में पुनिया श्रावक एवं सुलसा जैसे ब...

लघुता से प्राप्त होती है प्रभुता : आचार्य महाश्रमण

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आचार्य श्री ने दी प्रकृतिभद्रता में रहने की प्रेरणा दो साध्वियों के मासखमण तप पारणा के साथ चातुर्मास में गतिमान है कई मासखमण तप घोड़बंदर रोड, मुंबई (महाराष्ट्र) :- अणुव्रत यात्रा के साथ महाराष्ट्र की धरा पर चातुर्मास कर रहे अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन प्रवचनों से मुंबईवासी नित्य नवीन ज्ञानराशि को प्राप्त कर रहे है। घोडबंदर रोड स्थित नंदनवन परिसर में चातुर्मासरत गुरुदेव की सन्निधि साधु–साध्वी, श्रावक–श्राविका समाज चतुर्विद्ध धर्मसंघ धर्माराधना का विशेष अवसर प्राप्त कर रहा है। आज आचार्य श्री भिक्षु की मासिक पुण्य तिथि तेरस एवं चतुर्दशी एक ही दिन होने से गुरुदेव द्वारा हाजरी वाचन का क्रम भी रहा। गुरुदेव के सान्निध्य में साध्वी विशाल प्रभाजी एवं साध्वी विशालयशा जी ने मासखमण तप– 28 दिनों की तपस्या का पारणा किया। श्रावक समाज में और भी अनेकानेक तपस्याएं पूज्य चरणों में गतिमानता को प्राप्त कर रही है।  मंगल प्रवचन में भगवती आगम सूत्र की व्याख्या करते हुए आचार्य श्री ने कहा – प्रकृति भद्रता, प्रकृति विनायता, सानुक्रोष्ता, अमत्सरता ये मनुष्य आयुष्य बंधन के मुख्य हेतु हो...

रिलायंस फाउंडेशन द्वारा जूनागढ़ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को सहायता

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राष्ट्र संत नम्रमुनि की प्रेरणा जूनागढ़ (गुजरात) :- जूनागढ़ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए राष्ट्रसंत परम गुरुदेव श्री नाममुनि महाराज साहेब के प्रेरणा से प्रेरित रिलायंस फाउंडेशन की पहल के तहत, स्नैक्स और खाद्यान्न किट से भरे 2 ट्रक जामनगर से भेजे गए और पारसधाम गिरनार में अर्हम युवा सेवा समूह के युवाओं द्वारा वितरित किए गए। राष्ट्रसंत परम गुरुदेव नम्रमुनि महाराज साहेब के प्रति अनंतभाई अंबानी और हरीशभाई शाह की उदार भावना से, आज उन्हें 2 ट्रक राहत सामग्री भेजी गई, जब उन्हें वितरित किया गया, तो जूनागढ़ के कई सामान्य क्षेत्रों और गरीब लोगों के चेहरे पर खुशी देखी गई। जब भी देश पर कोई विपदा आती है तो राष्ट्र संत परम गुरुदेव श्री नम्रमुनि महाराज साहब के सद्कर्मों की सुगंध तो फैलती ही है, लेकिन साथ ही रिलायंस फाउंडेशन के भविष्य भी राष्ट्र की विपदा में राष्ट्र धर्म निभाने के लिए तत्पर रहते हैं। आज के इस दृश्य ने कई गरीबों के चेहरे पर कुछ पाने की संतुष्टि और खुशी बिखेर दी है। जामनगर से विशेष रूप से आए जड़ेजा साहब, जूनागढ़ से  सुभाष रावल , महेंद्रभाई मोरी, भ...

कन्यादान आखिर क्यों?विषय पर चर्चा

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तेरापंथ कन्या मंडल का कार्यक्रम मदुरै :- स्थानीय तेरापंथ भवन में तेरापंथ कन्या मंडल के तत्वाधान में कन्यादान आखिर क्यों? संवेदनशील विषय पर चर्चा रखी गई। कार्यक्रम की शुरुआत संकल्प गीत- जागो जागो कन्याओं की गीतिका से किया गया। मदुरई तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष लता कोठरी ने सभी का स्वागत किया। कन्याओं ने कन्यादान के इतिहास, अन्य धर्मों में कन्यादान रस्म है या नहीं,कन्यादान शब्द से जुड़े असमानता, भेद भाव ऐसे विषय पर अपने विचार प्रेषित किए। इंडियन कांस्टीट्यूशन और हिंदू मैरिज एक्ट के बारे मैं भी जानकारी दी। परंपरावादियों और सुधारवादियों के बीच जो तर्क चल रहा हैं उस पर भी प्रकाश डाला। संगरक्षिका  चंद्रकांता  कोठारी, कोषाध्यक्ष नयना पारख, बबिता लोढ़ा , मधु पारख, सपना आंचलिया, रतनलाल लोढा , सभा मंत्री अभिनंदन बागरेचा आदि ने भी अपने विचार रखे। अंत में पैनल के मुख्य वक्ता श्री सुमतिनाथ जैन संघ के ट्रस्टी भवरलाल बालड़, श्री जैन दिगंबर समाज से शैलेंद्र बागरा, तेयूप के मंत्री राजकुमार नहाटा, पूर्व अध्यक्ष संदीप बोकडिया, बीजेएस के भरत कुमार रांका, तेरापंथ सभा के अध्यक्ष अशोक जीरावल...

मांसाहार, अभक्ष्य के सेवन से बचने का हो प्रयास : युगप्रधान आचार्य महाश्रमण

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आगम आधारित प्रवचन माला में आचार्यश्री ने नरक आयुष्य बंधन के हेतुओं का किया विवेचन  देश भर से उपस्थित किशोरों को गुरुदेव ने दी तात्विक गीतों के अध्ययन की प्रेरणा घोड़बंदर रोड, मुंबई (महाराष्ट्र) :-  अपने पावन संदेशों के माध्यम से जनमानस में अहिंसा, सद्भावना, प्रेम, करुणा का संप्रसार करने वाले अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ सानंद घोड़बंदर रोड स्थित चतुर्मासिक क्षेत्र नंदनवन परिसर में विराज रहे है। एक और जहां मुंबई महानगर में प्रकृति अपनी वर्षा से धरती पर मानों शीतलता का माहोल का रही है वहीं आचार्य प्रवर की धर्म देशना नित हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ज्ञान वर्षा से अभिस्नात करा रही है। जैन आगम भगवती पर आधारित प्रवचन माला और आचार्यप्रवर के श्रीमुख से कालूयशोविलास का राजस्थानी भाषा में श्रवण कर श्रद्धालु नित नवीन ज्ञान राशि को प्राप्त कर रहे है। गुरुदेव के सान्निध्य में आज राष्ट्रीय किशोर मंडल अधिवेशन के मंचीय कार्यक्रम का भी समायोजन हुआ। भगवती आगम के सूत्रों की व्याख्या करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जीव के नरक गति के आयुष्य बंधन के मुख्यतया पांच हेतु...

मुंबई महानगर मे श्री राजेंद्र जैन महिला परिषद का गठन

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संस्था को नई ऊंचाई प्रदान करेंगे :- ज्यश्रीदेवी हुकमोनी मुंबई - (ब्रजेश  बोहरा ) :- शासनाधिपती प्रभु महावीर एवं दादा गुरुदेव की कृपा से तथा परिषद् के प्रेरणा पुंज पुण्य सम्राट के दिव्य आशीर्वाद से परम पूज्य गच्छाधिपति,आचार्य श्री नित्यसेन सूरिश्वरजी म. सा. एवं प पू साध्वीजी अविचलदृष्टा श्रीजी के आशीर्वाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमाबेन गाँधीमुथा एवं दक्षिण प्रांतीय अध्यक्षा जया वाणीगोता के मार्गदर्शन में दक्षिण प्रांतीय महामंत्री लीला महावीरजी गांधीमुथा द्वारा  मुंबई मे अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन  महिला परिषद की शाखा का शुभारंभ  70 सदस्यों के साथ हुआ हैं। इसका उद्देश्य धर्म व सामाजिक कार्य करना है। ।नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को गुरुदेव के मांगलिक के बाद मार्गदर्शन दिया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारीयों में अध्यक्षा  जयश्रीदेवी वेलजी हुक्मोनी, उपाध्यक्षा सवितादेवी महेंद्रजी वोरा,सचिव रेखादेवी दिलीपजी हुक्मोनी,  कोषाध्यक्ष चंचनदेवी किशोरजी हुक्मोनी, सहसचिव सुशीलादेवी रमेशजी हुक्मोनी  सहकोषाध्यक्ष रतनीदेवी बाबुलालजी जोटा को मनोनीत किया ग...

देशभर में चातुर्मास हेतु बिराजमान त्रिस्तुतिक संघ के साधु साध्वी

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देशभर में चातुर्मास हेतु बिराजमान त्रिस्तुतिक संघ के साधु साध्वी हर जगह मची है धर्म आराधना की धूम नैनावा : श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय आचार्य, विश्व पूज्य गुरुदेव श्री विजय  राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा के प्रशिष्य युग प्रभावक, पुण्य सम्राट् गुरुदेव श्री विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधरद्वय गच्छाधिपति आचार्य  श्री विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा  ,आचार्य श्री विजय जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा एवं देशभर में विविध संघों में बिराजमानआज्ञानुवर्ती श्रमण श्रमणीयोन  की चातुर्मास सूचि।                                                       ---------------------------------- (1) नेनावा  (गुजरात) 1- परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. 2- मुनिराज श्री चारित्ररत्नविजयजी म.सा. 3- मुनिराज श्री प्रशमसेनविजयजी म.सा. 4-मुनिराज श्री अजितसेनविजयजी म.सा 5- मुनिराज श्री निपुणरत्नविजयजी म.सा 6- मुनिराज श्री तारकरत्नवि...

पुलिस उप निरीक्षक के 3000 पद खाली हैं

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क्या इस पर चर्चा होगी? कोई नई भर्ती नहीं :- अधिकारियों को पदोन्नति नहीं मिलती मुंबई :-   राज्य में इस समय पुलिस सब-इंस्पेक्टर के 3000 से ज्यादा पद खाली हैं।यह एक असंगत स्थिति है कि इस पद पर कोई नई भर्ती नहीं होती है और आंतरिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पुलिस अधिकारियों को उप-निरीक्षक के पद पर पदोन्नत नहीं किया जाता है। कांट्रेक्ट पर पुलिस भर्ती के मुद्दे पर इस समय प्रदेश भर में विवाद चल रहा है। विधानमंडल के मानसून सत्र में भी जब इसकी प्रतिक्रिया मिली तो गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कांट्रेक्ट भर्ती नहीं है बल्कि राज्य सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से अस्थायी व्यवस्था की जायेगी. इसके अनुरूप राज्य भर में पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के रिक्त पदों पर भी चर्चा शुरू हो गयी है। फिलहाल नासिक की पुलिस अकादमी में 547 पुलिसकर्मी ट्रेनिंग ले रहे हैं, जो जल्द ही यह मिल जाएगे। इसके बाद भी सब-इंस्पेक्टर के 2457 पद खाली रहेंगे। पांच हजार उम्मीदवारों को उम्मीद :-  यहां तक ​​कि पुलिस अधिकारी भी निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। 2013 में एचसी पीटीसी' परीक्षा में उत्तीर्ण ...

जैन श्रमण संस्कृति बोर्ड बनेगा राजस्थान में, मुख्यमंत्री गहलोत को बधाईयां

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●  धर्म, संस्कृति, साहित्य एवं परंपरा के संरक्षण का प्रयास होगा ● जैन साधु साध्वियों की विहार के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित होगी, ● सैकड़ों संस्थाओं व दिग्गज लोगों ने गहलोत के फैसले को सराहा जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जैन धर्म, जैन साधु संतों, जैन परंपराओं व साहित्य तथा धरोहरों को सहेजने की दिशा में एक अभिनव कदम उठाया है। गहलोत ने राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड के गठन के आदेश जारी कर दिये हैं। राजस्थान में विभिन्न जाति, धर्म, समाज और वर्गों के लिए जो बोर्ड बन रहे हैं,  राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड भी उसी कड़ी का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि धर्म, साहित्य व संस्कृति को सहेजने की दिशा में सरकार का यह कदम आने वाले समय में जैन साधु संतों के नेतृत्व में एक बेहतर समाज का निर्माण करने में सहायक साबित होगा। जैन साधु -साध्वियों के विहार में उनकी  सुरक्षा मामलों पर भी यह बोर्ड निगाह रखेगा। जैन धर्म, समाज व संस्कृति से संबद्ध सैकड़ों संस्थाओं ने मुख्यमंत्री गहलोत के इस फैसले का स्वागत किया है। राजस्थान राज्य श्रमण संस्कृति बोर्ड राजस्थान सरकार के स...

लायंस का आओ खुशियां बांटें का भव्य आयोजन

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पाली कलेक्टर सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रानी गांव :- लायन्स क्लब रानी के तत्वावधान मे आजादी का 75 वा स्वर्णिम गौरव मय वर्ष का उत्सव परम पूज्य गुरूदेव श्री विश्वोदय कीर्तीसागरजी म.सा. एंव साध्वी दक्षरत्ना श्रीजी म. सा. की निश्रा मे २५ वे तीर्थकर रुपी श्री जैन संघ रानीगाँव के , श्री सुपार्श्वनाथ जैन देवस्थान पेढी ट्रस्ट मंडल, जैन युवक सेवा दल आदि की उपस्थिति मे मनाने का निर्णय किया गया हैं। क्लब के अनुसार 13 अगस्त, को सुबह 9 बजे  से न्याति नोहरा  रानीगांव में होनेवाले कार्यक्रम का उद्देश्य आओ खुशीया बाटे के तहत रानीगाँव की 2 स्कुलो मे पढने वाले तकरीबन 700 बच्चों को बहूपयोगी वस्तुओं सहीत 7000 खिलौने वितरीत किये जायेंगे।यह कार्य मातुश्री धनवंतीबेन तिलोकचंदजी मुठलीया परिवार के सौजन्य से हो रहा हैं। इस अवसर पर पाली जिला कलेक्टर नामित मेहता, पाली जिला पुलीस अधीक्षक, रानी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक, रानी नगर पालिका अध्यक्ष, लायन्स क्लब रानी अध्यक्ष, रानीगाँव पंचायत समिति सरपंच, उप सरपंच, एंव सदस्य गण, राधे कृष्ण गौशाला ट्रस्ट मंडल आदि अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रह...

सरकार जैन साधुओं की सुरक्षा को लेकर ठोस नीति क़ायम करें - श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र

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साधु समाज के लिए जीवन जीता है नई दिल्ली :- श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र ने कहा कि संत समाज की धरोहर हैं, जिनकी सुरक्षा संरक्षण का दायित्व समाज का है। साधु समाज के लिए जीवन जीता है। कोई भी जीव यदि दुखी है तो उसका प्रयास रहता है कि वह सुखी रहे। साधु सन्मार्ग पर लाने की शिक्षा देते हैं और दूसरों के जीवन को सुधारने के लिए सपदेश देते हैं। कर्नाटक में हाल ही में जैन संत की निर्मम हत्या भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात है। ऐसी घटना किसी साधु के प्रति कभी सुनने में नहीं आई। संत न होते समाज में तो क्या दशा होगी ? श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा का पर्याय है। भगवान महावीर ने जिओ और जीने दो का उपदेश दिया जिसका अर्थ है स्वयं भी जिओ और दूसरो को भी जीने दो l अहिंसा का अर्थ कायरता नही है l हमारे साधु/संत श्रमण कहलाते है इसलिए ही हम श्रमण संस्कृति के उपासक है जब श्रमण ही नही रहेंगे तो धर्म कहां से रह पायेगा l किसी भी संत की भला क्या रंजिश हो सकती है। ऐसे में अहिंसक संतों को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जाना और फिर उनकी हत्या करना, दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज में इन घटनाओं को लेकर असुरक्षा की भावना घर क...

आत्म कल्याण के लिए वीतराग प्रभु ने अनेक मार्ग बताएं हैं :- रविन्द्र जी म.सा

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  21 दिवसीय वर्धमान तप का हुआ समापन जावरा :- आत्म कल्याग के लिए जैन समाज में अनेक मार्ग वीतराग प्रभु द्वारा बताए गए है। जिसमें उपवास तेला, अठाई, मासक्षमण श्रेणितप आदि शामिल है। लेकिन आयम्बिल तप सबसे महत्वपूर्ण एव प्रभावी अचिन्त्य तप है। जो भाग्यशाली तपस्वी श्री वर्धमान तप के पाये डालकर तपाराधना कर रहे है उन सभी की आत्मा का कल्याण तय होकर उनका मोक्ष मार्ग की और प्रस्थान हो चुका है। उक्त विचार श्रमण संघीय,मेवाड गौरव श्री रविंद्र विजयजी म.सा. नीरज  ने 21 दिवसीय वर्धमान तप के समापन समारोह में जनता परिसर में व्यक्त किए। मुनिराजश्री ने सभी तपस्वीयों को मांगलिक का श्रवण कराया। ज्ञात हो कि श्री राजेंद्र जैन श्वेतांबर पेढी टस्ट्र द्वारा विगत 20 वर्षों से आयम्बिल खाता का नियमित संचालन किया जा रहा हैं। हेमा पगारिया ने बताया कि 147 तपस्वीयों ने पाये डाले, जिसकी संपूर्ण व्यवस्था श्री राजेन्द्र जैन श्वेताम्बर पेढी ट्रस्ट द्वारा की गई। इस दौरान 21 दिवसीय आयोजन में लगभग 2 हजार आयम्बिल तपस्वीयों ने किए। मुख्य लाभार्थी पारसमल दसेड़ा की स्मृति में निर्मलादेवी दसेड़ा, संदीप, पियूष दसेड़ा बोरखेड़ा ...

प्रवासी समाज के बीच नई भूमिका निभाएगा राजस्थान प्रेस क्लब

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कन्हैयालाल खंडेलवाल नए अध्यक्ष,  मुंबई :-  प्रवासी राजस्थानी पत्रकारों की प्रतिनिधि संस्था राजस्थान प्रेस क्लब इस बार के विधानसभा चुनाव में राजस्थानी समाज के बीच नई भूमिका निभाएगा। राजस्थान में इस बार का विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, अतः प्रेस क्लब ने तय किया है कि राजस्थान से बाहर रहने वाले वे प्रवासी, जिनके राजस्थान में मतदाता सूची में नाम है, वे हर हाल में राजस्थान जाकर इस बार मतदान करके लोकतंत्र को मजबूत करें। प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष कन्हैयालाल खंडेलवाल ने कहा कि भारत संसार का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और उसकी मजबूती के लिए यहां के मतदाताओं को जागरूक करने में प्रेस क्लब की भी भूमिका होनी चाहिए।  खंडेलवाल ने चुनाव के पश्चात कहा कि  पत्रकारों के इस संगठन को काम करने के अलावा हमें नई भूमिका भी निभानी होगी ताकि हम समाज के पहरेदार के रूप में भी अपनी भूमिका को सही मायने में निभा सकें। होटल आदर्श पैलेस में सम्पन्न राजस्थान प्रेस क्लब की इस बैठक में संस्थापक जगदीश पुरोहित एवं चुनाव पर्यवेक्षक निरंजन परिहार...

श्री शंखेश्वर दादा की आराधना तुरंत फलदायी हैं :- पीयूषचंद्र

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तालेगांव में धर्म आराधना की धूम तालेगांव :- परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक जैनाचार्य श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य वरिष्ठ मुनिप्रवर श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा. मालवरत्न मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.,मुनिश्री प्रीतियश विजयजी म.सा.आदि ठाणा का परमपथ चातुर्मास-23 तपाराधना ज्ञान ध्यान के साथ भव्यता लिए चल रहा है। नित्य भक्तामर एवं गुरुचालिसा पाठ, जिनवाणी का जयघोष,प्रतिक्रमण,संडे स्पेशल वंदनावली व भावयात्रा आदि मंगलकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  तप की कड़ी में निरंतर आयम्बिल, सिद्धितप धर्मचक्र तप चालू है।  श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ दादा की महिमा का वर्णन करते हुए प्रखरवक्ता श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा.ने कहा कि दादा की आराधना शीघ्र फलदायी है,जो भी आराधक दादा का जाप ध्यान भक्ति करता है,वो सफल होता है। 85 आराधकों ने अट्ठम यानी तेले की तपस्या की। जिनके पारणे का लाभ हस्तीमलजी बाबुलालजी नागोत्रा सोलंकी हस्ते ममताबेन किरणजी सोलंकी परिवार ने लिया। श्री सिद्धितप धर्मचक्र तप की विराट आराधना यशस्वी संख्या में चल रही है। संयम उपकरण वंदनाव...