अद्भुत श्रद्धा, भक्ति और दृढ़ संकल्प का जीवंत चमत्कार है।

अद्भुत श्रद्धा, भक्ति और दृढ़ संकल्प का जीवंत चमत्कार है।

शाहपुर मानस मंदिर तीर्थ में साध्वीजी को हुआ अद्भुत अनुभव


शाहपुर (महाराष्ट्र) :-
  दीक्षा दानेश्वरी परम पूज्य आचार्य श्री गुणरत्न सूरीश्वरजी म.सा. समुदाय की पूज्य साध्वीजी भगवंत पहली बार श्री मानस मंदिर तीर्थ, शाहपुर तीर्थ दर्शन हेतु  साध्वीजी श्री प्रमोदरेखाश्रीजी म.सा. आदि 20 श्रमणी भगवंतों का मंगल आगमन हुआ था।इसमें 7 साध्वीजी भगवंतों के वर्षीतप पारणा के उपलक्ष्य में वे श्री आदिनाथ दादा के धाम में आराधना हेतु आये थे।

 तीर्थभूमि की दिव्य ऊर्जा और दादा की प्रतिमा के दर्शन करते ही एक साध्वीजी भगवंत भाव-विभोर हो गए।इनमें एक साध्वीजी की एंकल जॉइंट की दो-दो सर्जरी हो चुकी थी, 100 कदम चलना भी कठिन थे,फिर भी भक्ति भाव से वे तलेटी जिनालय दर्शन किये व मन में प्रतिदिन यात्रा करने का संकल्प जागा।कहते हैं कि तीर्थ के अधिष्ठायक देव क्षेत्रपाल देव के दिव्य आशीर्वाद से उन्होंने 99 यात्रा करने का दृढ़ निश्चय किया। भीषण गर्मी में भी केवल 14 दिनों में प्रतिदिन 140 सीढ़ियाँ चढ़कर 99 यात्रा पूर्ण कर दी।विशेष बात यह कि पूज्य श्रमणी भगवंत ने जीवन में केवल संवत्सरी और दीक्षा दिवस पर ही उपवास किए थे।पित्त की तकलीफ के कारण एक उपवास भी कठिन था लेकिन इस संकल्प की पूर्णाहुति उन्होंने अट्ठम तप से की। 

सचमुच यह अद्भुत श्रद्धा, भक्ति और दृढ़ संकल्प का जीवंत चमत्कार है।श्रमणी भगवंत स्वयं इसे श्री आदिनाथ दादा की कृपा मानते हैं। वे कहते हैं "मैं केवल एक बार दर्शन क्यों करूं? बार-बार प्रभु दर्शन का भाव मन में जागा,और अट्ठम तप के दिनों में घंटों तक दादा के दरबार में श्री ऋषभदेव भगवान के दर्शन का सौभाग्य मिला."



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