रीवा में जैन साध्वियों का दर्दनाक सड़क हादसा - दो का निधन
जैन नारी शक्ति मंच की संवेदनशील पहल, संत सुरक्षा हेतु उठाई प्रभावी मांग
नागदा (जीवन जैन) :- रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुए दर्दनाक सड़क हादसे पर जैन नारी शक्ति मंच ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए संत समाज की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंच ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जैन संतों एवं साध्वियों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और पुलिस सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है।
सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार प्रातः विहार के दौरान तेज रफ्तार कार की टक्कर से आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी का दुखद निधन हो गया, जबकि एक अन्य माताजी गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद आरोपी चालक को पुलिस ने जबलपुर के पास से गिरफ्तार किया।
मंच के संस्थापक अध्यक्ष राजेश सकलेचा एवं सहयोगी दीपक जैन ने कहा कि संत समाज अहिंसा, त्याग और भारतीय संस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं। उनके सुरक्षित विहार हेतु स्थायी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करना समय की आवश्यकता है। मंच ने प्रशासन से मांग की कि संतों के विहार मार्गों पर सुरक्षा दल, चेतावनी संकेत एवं यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
संतो की सुरक्षा हेतु कडे कदम उठाने की मांग की -
जैन नारी शक्ति मंच से आशा जैन पालरेचा( नागदा ) चंचल जैन चोरड़िया( नागदा ) प्रभा बेन संघवी (बांसवाड़ा ), चित्रा बेन जैन (जावरा ), हेमा बेन कावड़िया ( कुशलगढ़ ), रेखा बेन गांधी ( रतलाम ), मयूरी बेन जैन ( उदयपुर ), शकुन्तला बेन खेमेसरा (भीलवाड़ा ), प्रीति जैन (इंदौर ), सीमा चोपड़ा (महिदपुर सिटी ) एव जीवनलाल जैन ने संयुक्त रूप से संतो की सुरक्षा हेतु कडे कदम उठाने की मांग करी है साथ ही कहा कि संत समाज केवल एक धर्म नहीं बल्कि राष्ट्र की नैतिक चेतना का आधार है। संतों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना समाज और शासन दोनों का दायित्व है।
मंच ने दिवंगत पूज्य माताजी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायल माताजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना की।

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