श्री राजस्थान जैन संघ, पुना में 150 वर्षीतप के पारणे

5 दिवसीय महोत्सव का भव्य आयोजन


पूना :-
सोमवार पैठ में स्थित आदिनाथ भगवान के दिव्य सानिध्य में श्री राजस्थानी जैन संघ के तत्वावधान में 150 वर्षीतप के पारणे के अवसर पर पंचांहिका महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया हैं।

संघ के अनुसार 17 से 21 अप्रेल तक विविध कार्यक्रम, महापूजन व पारणा महोत्सव पंजाब केसरी श्री विजय वल्लभ सूरीश्वरजी समुदाय के परम पूज्य श्रुत भास्वकर गच्छाधिपति आचार्य श्री धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी म.सा.,गणिवर्य श्री धर्मराज विजयजी म.सा., मुनि श्री ऋषभचंद्र विजयजी म.सा.,मुनि श्री धर्मकीर्ति विजयजी म.सा. विश्वेन्द्र विजयजी म.सा., मुनि श्री धर्मबोधी विजयजी म.सा., मुनि श्री महाभद्र विजय जी म.सा., मुनि श्री अक्षयरत्न विजय भी म.सा., मुनि श्री तत्वदर्शन विजय जी म.सा.,मुनि श्री मनमोहन विजयजी म.सा.आदि ठाणा के अलावा साध्वी श्री नयप्रज्ञा श्रीजी म.सा.आदि ठाणा आगमोद्वारक सागर समुदयवर्ती परम पूज्य वचन सिद्ध गच्छाधिपति आचार्य श्री नरदेवसागर सूरीश्वर जी म.सा.की आज्ञनुयवर्ती परम पूज्या संरल स्वभावी हेम-प्रियदर्शना श्रीजी म.सा. की शिष्या प्रशिष्या मालव रत्न परम पूज्य मुक्तिदर्शना श्रीजी म.सा., के अलावा विशाल साधु साध्वीजी की उपस्थिति में कार्य होगा।

वर्षातप के तपस्वीरत्ना में परम पूज्य हेमदर्शना श्रीजी म.सा. मल्लीदर्शना श्रीजी म.सा.गोयमदर्शना श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का समावेश हैं।

वर्षीतप के मुख्य आधार स्तंभ अ. सौ. सज्जनबाई पूनमचंद कोठारी (बिशनगढ़),फले चुंदडी स्व.मेथीबाई भीकमचंदजी परमार परमार ज्वेलर्स (सेवाड़ी),श्री श्रेयांस कुमार के करकमलो द्वारा इक्षुरस से प्रथम पारणा कराना अ.सौ. लिलाबाई सरेमलजी वरदीचंदजी चोपड़ा (बाली),अस्त चक्रवर्ती भोजन मंडप के लाभार्थी ताराबेन विजयराजजी प्रेमचंदजी सोनीगरा (रानी स्टेशन),हस्तीनापुर नगरी के लाभार्थी गच्छाधिपत्ति प. पू. आ. भ. धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य श्री धर्मबोधि विजयजी म.सा. की प्रेरणा से उषा सुरेश पुनमिया (डब्बावाला) श्रीमती ललिता जितेन्द्र पुनमिया (सादड़ी),शत्रुंजय भाव स्पर्शना एवं स्वामिवात्सल्य के लाभार्थी शिल्पा व विजयराज केशरीमलजी सोनैया के वर्षीतप प्रित्यर्थ स्व.टिपूबाई केसरीमलजी सोवैया, तुलसाबाई मोहनलालजी लोढा (सादडी), 19 अप्रेल को सुबह का स्वामिवात्सल्य के लाभार्थी स्व. मातोश्री धनीबाई लालचंदजी हिंदूजी नागोत्रा सोलंकी (नोवी),19 अप्रेल शाम का स्वामिवात्सल्य के लाभार्थी तपस्वीरत्न सौ. संतोष गणेश छाजेड व स्व. पानीबाई मगनमलजी छाजेड (दुठारिया),20 अप्रेल को पारणा के लिए कलश अर्पण के लाभार्थी स्व. विरोबाई स्व.जवानमलजी ढ़ेलडिया बोहरा (भवरानी), 21 अप्रेल को भक्तामर महापूजन के लाभार्थी संघवी स्व. सरेमलजी भानमलजी केवलसा मुथा बदामीबाई सरेमलजी केवलसा मुथा (जोयला),21 अप्रेल को श्रेणिक महाराजा बनकर शाही बियासना (पारणा) के लाभार्थी स्व. जमियाबाई मोहनराजजी पटणी के सुपुत्र ललितराजजी (घाणेराव),21 अप्रेल सुबह के स्वामिवात्सल्य के लाभार्थी सागर समुदाय की मुक्ति वर्शनाश्रीजी म.सा. कि शिष्या भक्ति वर्शना श्रीजी म.सा. (बेन म.सा.) की प्रेरणा से, हेम-मल्ली-गोयम दर्शनाश्रीजी म.सा. के वर्षीतप निमित्त फैन्सीबाई घेवरचंदजी भुरमलजी सिसोदिया राणावत (आलपा), तपस्वियों को श्री शत्रुंजय पालीताणा संघ के लाभार्थी संघवी वर्षाबेन दिलीपजी (तिलकजी) मर्लेचा (खिमेल),जय जिनेंद्र के लाभार्थी लीलाबाई पारसमलजी मियाचंदजी पालरेचा (पालड़ी जोड़) परिवार हैं।21 अप्रेल को गुरु भगवंतो का प्रवेश, संक्रांति व स्वामीवात्सल्य के लाभार्थी मातोश्री भंवरी बाई पारसमल जी के मेंहता (बुसी) हैं।

श्री संघ के पदाधिकारियों में बाबूलाल सोलंकी,तेजराज सोलंकी,प्रकाश बाफना,राजेंद्र सोलंकी,निर्मल परमार,सोहनराज रांका,विजयराज पोरवाल, उगम मेहता,रमेश छाजेड़ व समिति में मंगेश पालरेचा,प्रवीण चोपड़ा,रमेश सोलंकी,अशोक परमार,भरत राठौड़ व ललित परमार हैं।

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