पहली बार 950 से अधिक लोगों ने किया श्री नवग्रह महापूजन

तपागच्छाधिपति प्रेमसूरीजी की 9वीं पुण्यतिथि पर  ऐतिहासिक आयोजन


मुंबई -
बोरीवली (चिकुवाड़ी) के श्री सौभाग्यवर्धक श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ के तत्वावधान में, पहली बार 900 से अधिक श्राविकाओं की ऐतिहासिक उपस्थिति में, भव्यता और अनुशासन के साथ श्री नवग्रह महापूजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्री नवग्रह महापूजन परम पूज्य तपागच्छाधिपति आचार्य श्री विजय प्रेमसूरीश्वरजी म.सा.की 9वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया था।यह ऐसा अवसर था जहां उपस्थित जनसमूह ने आध्यात्मिकता का अनुभव किया,जिसे हर कोई अपने जीवन में कभी नहीं भूल पाएगा।


यह पूजन गुरु के आजीवन चरणोपासक,वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय कुलचंद्र सूरीश्वरजी (KC) म.सा.,पंन्यास कुलदर्शन विजयजी,मुनिराज कुलरक्षित विजयजी,प्रवर्तक कल्परत्न विजयजी,साध्वी निर्वेदरत्ना श्रीजी आदि विशाल श्रमणीवृंद की उपस्थिति में हुआ।मगरवाड़ा गादीपति सोमविजयजी म.सा.विशेष रूप से उपस्थित थे।भक्तों का सुबह से 8 बजे से ही आगमन शुरू होने से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।दोपहर 2.30 बजे तक पूजा-अर्चना और संगीत के बीच सभी भक्ति  आनंद में डूबे रहे। सभी के मुख से एक ही स्वर सुनाई दे रहा था ऐसा वातावरण और ऐसी"हमने कभी पूजा नहीं की।


पूजन के अवसर पर परमपूज्य तपागच्छाधिपति म.सा. की स्वर्ण प्रतिमा निर्माण का पवित्र संकल्प घोषित किया गया, जिसमें अनेक श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से स्वर्ण दान कर श्रद्धा एवं भक्ति का परिचय दिया।

आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह

पंन्यास प्रवर कुलदर्शन विजयजी म.सा.ने पूजन करते हुए भक्तों को नवग्रहों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा आत्मबल, शांति एवं आराधना का प्रेरक संदेश दिया गया।उन्होंने कहा नियमित इनका स्मरण करने से आप सुखमय जीवन प्राप्त करेंगे।उन्होंने कहा कि नवग्रह के यंत्र के सामने ते मेनुकुला वरदाश्च सन्तु इस मंत्र का नियमित जाप करें।

इस महापूजा के मुख्य लाभार्थी डोलीबेन सतीशभाई कांतिलाल गांधी परिवार 9 सह लाभार्थी परिवार थे।इस महान पूजा को भक्ति, अनुशासन और भव्यता का अनूठा संगम कहा जा सकता है।यह दिन प्रत्येक भक्त के लिए जीवन का एक यादगार आध्यात्मिक उत्सव बन गया।अंकुरभाई शाह - सूरत द्वारा प्रस्तुत धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति संगीत ने सभी को भक्ति की धारा में डुबो दिया।विधी विधान कुलदीप सर ने करवाया।भव्य पूजा में भगवान को 1008 फल और 1008 मिठाइयाँ अर्पित की गईं व पूजन में बैठनेवालों को नवग्रह अधिपति के साथ यंत्र दिया गया।संघ तथा प्रेम परिवार के सदस्यों ने इस आयोजन में यादगार भूमिका निभाई।

गच्छाधिपति का चातुर्मास राचरड़ा में

इस अवसर पर अहमदाबाद- राचारड़ा के श्री पार्श्व-प्रेम धाम संघ की में गच्छाधिपति के.सी. म.सा. आदि गुरु भगवंतो का वर्ष 2026 के चातुर्मास करने की घोषणा हुई। 



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