सफलता के लिए विद्यार्थी लक्ष्य लेकर चले

मोहनराज बंबोरी पुरस्कार डॉ राजेंद्र जैन को


भायंदर :-
विद्यार्थी जीवन मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। इसी काल में व्यक्ति के विचार, चरित्र और भविष्य की दिशा तय होती है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में कोई स्पष्ट लक्ष्य लेकर चलते हैं, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करते हैं, बल्कि समाज और देश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
उपरोक्त विचार नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ राजेंद्र जैन ने अवर लेडी ऑफ वेलंकनी हाईस्कूल एन्ड जूनियर कॉलेज व गुड शेपर्ड स्कूल के वार्षिकोत्सव में व्यक्त किये।लता मंगेश्कर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जैन ने कहा कि लक्ष्य का अर्थ केवल किसी नौकरी या परीक्षा में सफलता पाना नहीं है, बल्कि अपने जीवन को सही दिशा देना है। बिना लक्ष्य के जीवन उस नाव की तरह होता है, जो बिना पतवार के बहती रहती है। वहीं लक्ष्ययुक्त जीवन एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ता है। जब विद्यार्थी अपने लक्ष्य को पहचान लेते हैं, तो उनकी पढ़ाई, समय-प्रबंधन और परिश्रम सभी उसी दिशा में केंद्रित हो जाते हैं।

लक्ष्य विद्यार्थी को प्रेरणा देता है। कठिनाइयों, असफलताओं और निराशाओं के समय लक्ष्य ही वह शक्ति होता है, जो उन्हें हार मानने से रोकता है। उदाहरण के लिए, जो विद्यार्थी डॉक्टर, शिक्षक, वैज्ञानिक या खिलाड़ी बनने का लक्ष्य रखता है, वह अपनी दिनचर्या, अभ्यास और अध्ययन को उसी के अनुसार ढालता है। लक्ष्य होने से आत्मविश्वास बढ़ता है और अनुशासन अपने आप जीवन का हिस्सा बन जाता है।


कार्यक्रम का उद्घाटन रमेश बंबोरी ने किया।इस अवसर पर स्कूल व युथ फोरम की ओर से डॉ जैन को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मोहनराज बंबोरी पुरस्कार प्रदान किया गया।उपस्थित मेहमानों का स्वागत निर्मला माखीजा,पिंकी सत्संगी, विवेक सत्संगी ने किया।कार्यक्रम में फोरम के अध्यक्ष दीपक जैन,राहुल यादव आदि गणमान्य उपस्थित थे।श्रद्धा लवंगारे के निर्देशन में विद्यर्थियों ने शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत किया।संचालन मनमोहन रावत ने किया।मारिया गोम्स ने स्कूल द्वारा किये गए कार्यक्रमों की जानकारी दी।

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